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पुलिस के रवैये से नाराज ग्रामीणों ने जाम किया आजमगढ़ मुख्य मार्ग
Updated Sun, 01 Apr 2018 10:32 PM IST
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बसखारी (अंबेडकरनगर)। हजियापुर नहर की पटरी पर पियंक कुमार (26) का शव मिलने के मामले में पुलिस के रवैये से आक्रोशित ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। रविवार को भड़के ग्रामीणों ने मृतक का शव रखकर बसखारी चौराहे जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी ग्रामीण पियंक की मौत के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि शनिवार देर शाम हत्या का केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई थी, लेकिन न तो केस दर्ज किया गया और न ही किसी पुलिसकर्मी ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से जानकारी ही प्राप्त की थी। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने मृतक की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया, लेकिन ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़ रहे। इस पर एएसपी ने मौके पर पहुंचकर जाम समाप्त कराया। लगभग तीन घंटे तक चला जाम समाप्त होने से यात्रियों ने राहत की सांस ली।
गौरतलब है कि एक दिन पहले शनिवार अपराह्न 2 बजे कुछ लोग पियंक कुमार (26) पुत्र राम प्रसाद निवासी टड़वा मिश्र को बेहोशी की दशा में सीएचसी बसखारी में छोड़कर भाग गए थे। उन्होंने चिकित्सकों को सिर्फ इतनी जानकारी दी थी कि पियंक थाना क्षेत्र के हजियापुर नहर की पटरी पर उन्हें बेहोशी की दशा में मिला था। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लग रहा था। कारण यह कि युवक के शरीर पर चोट के कई निशान थे। इस बीच पीड़ित परिवारीजनों ने शनिवार देर शाम हत्या का केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी। रविवार दोपहर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवारीजनों को सौंप दिया।
परिवारीजन व ग्रामीण शव लेकर बसखारी चौराहे पर पहुंचे और बीच सड़क पर शव रखकर मार्ग जाम कर दिया। इससे आजमगढ़ के साथ ही अकबरपुर, जलालपुर, किछौछा व टांडा जाने वाले मार्ग पर आवागमन ठप पड़ गया। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि शनिवार शाम मृतक की बहन ने हत्या का केस दर्ज करने के लिए नामजद तहरीर दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने न तो केस दर्ज किया और न ही कोई पुलिसकर्मी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से पूछताछ की। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने आनन-फानन में तहरीर के आधार पर आरोपी हजियापुर निवासी सुभाष व पप्पू के विरुद्ध हत्या समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया। इसके बाद भी प्रदर्शनकारी नहीं माने। उनका कहना था कि आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए। जब तक गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक जाम नहीं हटेगा।
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एएसपी के समझाने पर शांत हुए ग्रामीण
आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने के लिए सीओ सिटी धर्मेंद्र सचान दलबल के साथ बसखारी बाजार पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे। कई थानों की फोर्स भी मौके पर पहुंच गई थी। बाद में एएसपी ओपी सिंह ने जाम स्थल पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। एएसपी ने भरोसा दिलाया कि मामले में सभी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। इसके बाद लोगों ने मार्ग जाम समाप्त कर दिया।
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गौरतलब है कि एक दिन पहले शनिवार अपराह्न 2 बजे कुछ लोग पियंक कुमार (26) पुत्र राम प्रसाद निवासी टड़वा मिश्र को बेहोशी की दशा में सीएचसी बसखारी में छोड़कर भाग गए थे। उन्होंने चिकित्सकों को सिर्फ इतनी जानकारी दी थी कि पियंक थाना क्षेत्र के हजियापुर नहर की पटरी पर उन्हें बेहोशी की दशा में मिला था। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लग रहा था। कारण यह कि युवक के शरीर पर चोट के कई निशान थे। इस बीच पीड़ित परिवारीजनों ने शनिवार देर शाम हत्या का केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी। रविवार दोपहर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवारीजनों को सौंप दिया।
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परिवारीजन व ग्रामीण शव लेकर बसखारी चौराहे पर पहुंचे और बीच सड़क पर शव रखकर मार्ग जाम कर दिया। इससे आजमगढ़ के साथ ही अकबरपुर, जलालपुर, किछौछा व टांडा जाने वाले मार्ग पर आवागमन ठप पड़ गया। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि शनिवार शाम मृतक की बहन ने हत्या का केस दर्ज करने के लिए नामजद तहरीर दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने न तो केस दर्ज किया और न ही कोई पुलिसकर्मी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से पूछताछ की। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने आनन-फानन में तहरीर के आधार पर आरोपी हजियापुर निवासी सुभाष व पप्पू के विरुद्ध हत्या समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया। इसके बाद भी प्रदर्शनकारी नहीं माने। उनका कहना था कि आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए। जब तक गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक जाम नहीं हटेगा।
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एएसपी के समझाने पर शांत हुए ग्रामीण
आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने के लिए सीओ सिटी धर्मेंद्र सचान दलबल के साथ बसखारी बाजार पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे। कई थानों की फोर्स भी मौके पर पहुंच गई थी। बाद में एएसपी ओपी सिंह ने जाम स्थल पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। एएसपी ने भरोसा दिलाया कि मामले में सभी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। इसके बाद लोगों ने मार्ग जाम समाप्त कर दिया।