{"_id":"5a70b7154f1c1b87268b74b6","slug":"15173365457-ambedkar-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चन्द्रग्रहण आज, बंद रहेेंगे देवालयों के कपाट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चन्द्रग्रहण आज, बंद रहेेंगे देवालयों के कपाट
Updated Tue, 30 Jan 2018 11:49 PM IST
विज्ञापन
चंद्रग्रहण आज, बंद रहेेंगे देवालयों के कपाट
अंबेडकरनगर। इस साल का पहला चंद्रग्रहण बुधवार को दिखाई देगा। माघ पूर्णिमा पर लगने वाले इस पूर्ण चंद्रग्रहण के नौ घंटे पूर्व ही सूतक लगने से नगर के मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे। ग्रहण का समय शाम छह बजकर 22 मिनट से रात आठ बजकर 41 मिनट तक रहेगा।
नगर के ज्योतिर्विद व कर्मकांड मर्मज्ञ पंडित अजीत द्विवेदी बताते हैं कि, बुधवार 31 जनवरी को माघ पूर्णिमा पर पूर्ण चंद्रग्रहण दिखाई देगा। बताया कि शाम छह बजकर 22 मिनट से ग्रहण प्रारंभ होगा, रात आठ बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण का मध्यकाल सात बजकर 32 मिनट है। दृश्य ग्रहण के स्पर्श से मोक्षकाल तक देवालयों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इस अवधि में दर्शन आदि वर्जित है। ग्रहण के नौ घंटे पूर्व सूतक काल शुरू हो जाता है, जो बुधवार सुबह नौ बजकर 22 मिनट से शुरू होगा। बताते हैं कि विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डालने वाले इस ग्रहण काल में किया गया जप, ध्यान, दान एक लाख गुना फलदायक होता है। ग्रहण के सूतकाल में भोजन आदि निषिद्ध माना जाता है। ग्रहण के समापन पर स्नान ध्यान कर दानपुण्य करना फलदायी माना जाता है।
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। इस साल का पहला चंद्रग्रहण बुधवार को दिखाई देगा। माघ पूर्णिमा पर लगने वाले इस पूर्ण चंद्रग्रहण के नौ घंटे पूर्व ही सूतक लगने से नगर के मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे। ग्रहण का समय शाम छह बजकर 22 मिनट से रात आठ बजकर 41 मिनट तक रहेगा।
नगर के ज्योतिर्विद व कर्मकांड मर्मज्ञ पंडित अजीत द्विवेदी बताते हैं कि, बुधवार 31 जनवरी को माघ पूर्णिमा पर पूर्ण चंद्रग्रहण दिखाई देगा। बताया कि शाम छह बजकर 22 मिनट से ग्रहण प्रारंभ होगा, रात आठ बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण का मध्यकाल सात बजकर 32 मिनट है। दृश्य ग्रहण के स्पर्श से मोक्षकाल तक देवालयों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इस अवधि में दर्शन आदि वर्जित है। ग्रहण के नौ घंटे पूर्व सूतक काल शुरू हो जाता है, जो बुधवार सुबह नौ बजकर 22 मिनट से शुरू होगा। बताते हैं कि विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डालने वाले इस ग्रहण काल में किया गया जप, ध्यान, दान एक लाख गुना फलदायक होता है। ग्रहण के सूतकाल में भोजन आदि निषिद्ध माना जाता है। ग्रहण के समापन पर स्नान ध्यान कर दानपुण्य करना फलदायी माना जाता है।
विज्ञापन