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अधर में लटके 10 हजार से अधिक आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र
Updated Thu, 26 Oct 2017 10:02 PM IST
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10 हजार से अधिक निवास, आय व जाति प्रमाणपत्र अधर में लटके
अंबेडकरनगर। लेखपालों की हड़ताल के चलते जिले में आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र के 10 हजार से भी अधिक आवेदन अधर में लटक गए हैं। हड़ताल के कारण लेखपालों ने इन प्रमाणपत्रों के आवदेन पर रिपोर्ट लगाने से इनकार कर दिया है। ऐसे में तहसीलों में लेखपालों से रिपोर्ट लगवाने के लिए हजारों आवेदक भटक रहे हैं। किसी को छात्रवृत्ति के लिए तो किसी को निकाय चुनाव के लिए जाति, निवास व आय प्रमाणपत्र की जरूरत है। रिपोर्ट नहीं लग पाने के चलते निवास के 3600, आय के 4560 व जाति प्रमाणपत्र के 2830 आवेदन विभिन्न जनसेवा व लोकवाणी केंद्रों से ऑनलाइन भेजे जाने के बाद भी लंबित हैं।
गौरतलब है कि, लेखपालों ने राजकीय कार्यों में सुविधा के लिए लैपटॉप व स्मार्ट फोन देने समेत अन्य मांगों को लेकर बीते 17 अक्तूबर से विभिन्न प्रमाणपत्रों पर रिपोर्ट लगाने आदि कार्यों का बहिष्कार कर रखा है। 10 दिन बीतने पर भी प्रदेशव्यापी इस हड़ताल का कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। जबकि इससे आम लोगाें को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अलग-अलग कार्यों के लिए जिन आवेदकों ने जाति, निवास व आय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर रखा था, उन्हें मायूस होना पड़ रहा है। बताते चलें कि, इन प्रमाणपत्रों के लिए लोकवाणी व जनसेवा केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन होता है। इसके बाद वह ऑनलाइन ही तहसीलों में भेजा जाता है, जहां लेखपाल की आवश्यक रिपोर्ट के बाद वह अधिकारियों को अग्रसारित होता है। लेखपालों की हड़ताल के चलते ऐसे सभी प्रमाणपत्रों पर रिपोर्ट नहीं लग पा रही है।
इससे जिले की जलालपुर, अकबरपुर, टांडा, भीटी व आलापुर तहसील में प्रतिदिन हजारों आवेदक लेखपालों से अनुनय-विनय करते व भटकते देखे जा रहे हैं। लेखपालों ने भी प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान का हवाला देते हुए आवेदकों से रिपोर्ट लगाने में असमर्थता जता दी है। इससे लगभग सभी वर्ग के लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। कई युवाओं को अभी छात्रवृत्ति के लिए आय प्रमाणपत्र की जरूरत है, तो वहीं निकाय चुनाव के लिए अभी से जाति व निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने वाले लोग निराश हैं। विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन करने वाले लोगों को आय व निवास प्रमाणपत्र नहीं मिल पा रहा है। लोगों की मुश्किलें किस हद तक बढ़ी हुई हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में निवास के 3600, आय के 4560 व जाति प्रमाणपत्र के 2830 आवेदन रिपोर्ट के अभाव में लंबित पड़े हैं।
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अपर जिलाधिकारी गिरिजेश त्यागी ने बताया कि, इस बारे में सभी एसडीएम से चर्चा हुई है। आवेदनों पर रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। ये देखा जा रहा है कि इसके वैकल्पिक प्रबंध क्या हो सकते हैं।
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अंबेडकरनगर। लेखपालों की हड़ताल के चलते जिले में आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र के 10 हजार से भी अधिक आवेदन अधर में लटक गए हैं। हड़ताल के कारण लेखपालों ने इन प्रमाणपत्रों के आवदेन पर रिपोर्ट लगाने से इनकार कर दिया है। ऐसे में तहसीलों में लेखपालों से रिपोर्ट लगवाने के लिए हजारों आवेदक भटक रहे हैं। किसी को छात्रवृत्ति के लिए तो किसी को निकाय चुनाव के लिए जाति, निवास व आय प्रमाणपत्र की जरूरत है। रिपोर्ट नहीं लग पाने के चलते निवास के 3600, आय के 4560 व जाति प्रमाणपत्र के 2830 आवेदन विभिन्न जनसेवा व लोकवाणी केंद्रों से ऑनलाइन भेजे जाने के बाद भी लंबित हैं।
गौरतलब है कि, लेखपालों ने राजकीय कार्यों में सुविधा के लिए लैपटॉप व स्मार्ट फोन देने समेत अन्य मांगों को लेकर बीते 17 अक्तूबर से विभिन्न प्रमाणपत्रों पर रिपोर्ट लगाने आदि कार्यों का बहिष्कार कर रखा है। 10 दिन बीतने पर भी प्रदेशव्यापी इस हड़ताल का कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। जबकि इससे आम लोगाें को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अलग-अलग कार्यों के लिए जिन आवेदकों ने जाति, निवास व आय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर रखा था, उन्हें मायूस होना पड़ रहा है। बताते चलें कि, इन प्रमाणपत्रों के लिए लोकवाणी व जनसेवा केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन होता है। इसके बाद वह ऑनलाइन ही तहसीलों में भेजा जाता है, जहां लेखपाल की आवश्यक रिपोर्ट के बाद वह अधिकारियों को अग्रसारित होता है। लेखपालों की हड़ताल के चलते ऐसे सभी प्रमाणपत्रों पर रिपोर्ट नहीं लग पा रही है।
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इससे जिले की जलालपुर, अकबरपुर, टांडा, भीटी व आलापुर तहसील में प्रतिदिन हजारों आवेदक लेखपालों से अनुनय-विनय करते व भटकते देखे जा रहे हैं। लेखपालों ने भी प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान का हवाला देते हुए आवेदकों से रिपोर्ट लगाने में असमर्थता जता दी है। इससे लगभग सभी वर्ग के लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। कई युवाओं को अभी छात्रवृत्ति के लिए आय प्रमाणपत्र की जरूरत है, तो वहीं निकाय चुनाव के लिए अभी से जाति व निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने वाले लोग निराश हैं। विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन करने वाले लोगों को आय व निवास प्रमाणपत्र नहीं मिल पा रहा है। लोगों की मुश्किलें किस हद तक बढ़ी हुई हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में निवास के 3600, आय के 4560 व जाति प्रमाणपत्र के 2830 आवेदन रिपोर्ट के अभाव में लंबित पड़े हैं।
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अपर जिलाधिकारी गिरिजेश त्यागी ने बताया कि, इस बारे में सभी एसडीएम से चर्चा हुई है। आवेदनों पर रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। ये देखा जा रहा है कि इसके वैकल्पिक प्रबंध क्या हो सकते हैं।