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मदरसों की जांच के लिए गठित हुई तीन सदस्यीय टीम
Updated Thu, 21 Sep 2017 12:15 AM IST
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जिले के 322 मदरसों का होगा स्थलीय निरीक्षण
अंबेडकरनगर। फर्जी ढंग से संचालित मदरसों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार के निर्देश पर एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन जिले में कर दिया गया है। टीम द्वारा आधुनिकीकरण योजना का लाभ पा रहे जिले के 322 मदरसों का स्थलीय निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट प्रशासन के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराएगी।
गौरतलब है कि फर्जी ढंग से मदरसों का संचालन कर आधुनिकीकरण योजना का लाभ लिए जाने की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही थीं। आधुनिकीकरण योजना के तहत मदरसे में तैनात तीन शिक्षकों को केंद्र व प्रदेश सरकार से मानदेय मिलता है।
योजना के तहत परास्नातक तथा स्नातक व बीएड डिग्रीधारकों को कुल 15 हजार, जबकि स्नातक स्तर तक के शिक्षकों को 10 हजार रुपये मिलते हैं। इस बीच प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे योगी आदित्यनाथ ने फर्जी ढंग से संचालित मदरसों पर अंकुश लगाए जाने का निर्देश दिया।
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मदरसों के संचालन में पारदर्शिता लाने के लिए गत दिवस ही मदरसा बोर्ड की वेब पोर्टल लांच की गई, जिसमें मदरसा से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां ऑनलाइन अपलोड किए जाने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मदरसा बोर्ड ने आधुनिकीकरण योजना का लाभ पा रहे मदरसों की स्थलीय जांच कराए जाने का कार्य प्रारंभ कर दिया।
शासन के निर्देश पर जिले में भी मदरसों की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया। टीम में प्रत्येक तहसील के एसडीएम, समाज कल्याण अधिकारी व बीएसए शामिल हैं। गौरतलब है कि जिले में 322 मदरसे ऐसे हैं, जो आधुनिकीकरण योजना का लाभ ले रहे हैं।
प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जगन्नाथ पाण्डेय ने बताया कि मदरसों की जांच का कार्य चल रहा है। शीघ्र ही जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी।
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अंबेडकरनगर। फर्जी ढंग से संचालित मदरसों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार के निर्देश पर एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन जिले में कर दिया गया है। टीम द्वारा आधुनिकीकरण योजना का लाभ पा रहे जिले के 322 मदरसों का स्थलीय निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट प्रशासन के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराएगी।
गौरतलब है कि फर्जी ढंग से मदरसों का संचालन कर आधुनिकीकरण योजना का लाभ लिए जाने की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही थीं। आधुनिकीकरण योजना के तहत मदरसे में तैनात तीन शिक्षकों को केंद्र व प्रदेश सरकार से मानदेय मिलता है।
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योजना के तहत परास्नातक तथा स्नातक व बीएड डिग्रीधारकों को कुल 15 हजार, जबकि स्नातक स्तर तक के शिक्षकों को 10 हजार रुपये मिलते हैं। इस बीच प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे योगी आदित्यनाथ ने फर्जी ढंग से संचालित मदरसों पर अंकुश लगाए जाने का निर्देश दिया।
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मदरसों के संचालन में पारदर्शिता लाने के लिए गत दिवस ही मदरसा बोर्ड की वेब पोर्टल लांच की गई, जिसमें मदरसा से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां ऑनलाइन अपलोड किए जाने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मदरसा बोर्ड ने आधुनिकीकरण योजना का लाभ पा रहे मदरसों की स्थलीय जांच कराए जाने का कार्य प्रारंभ कर दिया।
शासन के निर्देश पर जिले में भी मदरसों की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया। टीम में प्रत्येक तहसील के एसडीएम, समाज कल्याण अधिकारी व बीएसए शामिल हैं। गौरतलब है कि जिले में 322 मदरसे ऐसे हैं, जो आधुनिकीकरण योजना का लाभ ले रहे हैं।
प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जगन्नाथ पाण्डेय ने बताया कि मदरसों की जांच का कार्य चल रहा है। शीघ्र ही जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी।