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23 अदालतों में निपटे 14,693 वाद
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अंबेडकरनगर। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर में हुआ। इस दौरान 23 अदालत में 14,693 वादों का निस्तारण हुआ। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश डा. बब्बू सारंग ने किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की लोक अदालत से वादकारियों को लाभ मिलता है, लंबे समय से लंबित वादों का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से होता है। इस बीच जनपद न्यायाधीश ने एक वाद का निस्तारण किया। प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय अनमोल पाल ने 6 परिवारी वादों का निस्तारण किया। इसमें से तीन दंपती जो कि वर्षों से अलग अलग रह रहे थे, वे एक साथ रहने को राजी हो गए।
अपर जिला न्यायाधीश कक्ष संख्या एक विश्वनाथ ने कुल सात वाद, विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम रत्नेशमणि त्रिपाठी ने पांच वादों, विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम आशीष वर्मा ने दो वादों, अपर जिला जज पाक्सो एक्ट फरीदा बेगम द्वारा एक वाद का निस्तारण किया। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवारिक न्यायालय पूजा विश्वकर्मा ने नौ पारिवारिक वादों, अपर जिला जज त्वरित द्वितीय कमलेश कुमार द्वारा चार वादों का निस्तारण हुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पूनम सिंह ने 1107 वादों, सिविल जज सीनियर डिवीजन अशोक कुमार द्वारा 18 वादों का निस्तारण करते हुए एक करोड़ 60 लाख 64 हजार 159 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किया गया।
उन्होंने ऐतिहासिक निर्णय देते हुए वर्ष 1994 से लंबित वाद का निस्तारण किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुमुद उपाध्याय द्वारा 923 वादों, सिविल जज जूनियर डिवीजन विराटमणि त्रिपाठी ने 13 वादों, सिविल जज जूनियर डिवीजन जेएम टांडा अजय कुमार मिश्र ने 308 वादों, न्यायिक मजिस्ट्रेट सौम्या द्विवेदी ने 754 वादों, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन द्वितीय सृष्टि त्रिपाठी द्वारा 20 वादों, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन तृतीय अंबुज मिश्रा ने 73 वादों, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन पंचम अमरनाथ ने 22 वादों, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन त्वरित कामाक्षी सागर ने 8 वादों, और अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन त्वरित प्रथम अशोक कुमार ने 20 वादों का निस्तारण किया। कोरोना प्रोटोकॉल पालन के बीच सुनवाई हुई।
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84 लाख रुपये से अधिक की हुई तत्काल वसूली
लोक अदालत में कुल 10, 416 राजस्व वाद एवं नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत के 268 वाद, बैंक ऑफ बड़ौदा, बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक सहित जनपद के अन्य बैंकों द्वारा स्टॉल लगाकर 708 वाद निस्तारित करते हुए कुल प्री-लिटिगेशन के 11,392 वादों का निस्तारण करते हुए 4,24,59,408 रुपये का समझौता किया गया। इसमें 84,48,764 रुपये की तत्काल वसूली भी की गई। इस प्रकार कुल 14,693 वादों का निस्तारण हुआ।
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अपर जिला न्यायाधीश कक्ष संख्या एक विश्वनाथ ने कुल सात वाद, विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम रत्नेशमणि त्रिपाठी ने पांच वादों, विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम आशीष वर्मा ने दो वादों, अपर जिला जज पाक्सो एक्ट फरीदा बेगम द्वारा एक वाद का निस्तारण किया। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवारिक न्यायालय पूजा विश्वकर्मा ने नौ पारिवारिक वादों, अपर जिला जज त्वरित द्वितीय कमलेश कुमार द्वारा चार वादों का निस्तारण हुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पूनम सिंह ने 1107 वादों, सिविल जज सीनियर डिवीजन अशोक कुमार द्वारा 18 वादों का निस्तारण करते हुए एक करोड़ 60 लाख 64 हजार 159 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किया गया।
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उन्होंने ऐतिहासिक निर्णय देते हुए वर्ष 1994 से लंबित वाद का निस्तारण किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुमुद उपाध्याय द्वारा 923 वादों, सिविल जज जूनियर डिवीजन विराटमणि त्रिपाठी ने 13 वादों, सिविल जज जूनियर डिवीजन जेएम टांडा अजय कुमार मिश्र ने 308 वादों, न्यायिक मजिस्ट्रेट सौम्या द्विवेदी ने 754 वादों, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन द्वितीय सृष्टि त्रिपाठी द्वारा 20 वादों, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन तृतीय अंबुज मिश्रा ने 73 वादों, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन पंचम अमरनाथ ने 22 वादों, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन त्वरित कामाक्षी सागर ने 8 वादों, और अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन त्वरित प्रथम अशोक कुमार ने 20 वादों का निस्तारण किया। कोरोना प्रोटोकॉल पालन के बीच सुनवाई हुई।
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लोक अदालत में कुल 10, 416 राजस्व वाद एवं नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत के 268 वाद, बैंक ऑफ बड़ौदा, बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक सहित जनपद के अन्य बैंकों द्वारा स्टॉल लगाकर 708 वाद निस्तारित करते हुए कुल प्री-लिटिगेशन के 11,392 वादों का निस्तारण करते हुए 4,24,59,408 रुपये का समझौता किया गया। इसमें 84,48,764 रुपये की तत्काल वसूली भी की गई। इस प्रकार कुल 14,693 वादों का निस्तारण हुआ।