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एक करोड़ से बनेंगे 11 आंगनबाड़ी केंद्र
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अंबेडकरनगर। बाल विकास पुष्टाहार विभाग की ओर से संचालित जिले के 11 आंगनबाड़ी केंद्रों को जल्द अपना भवन मिलने की उम्मीद है। लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से इन भवनों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। अगस्त के अंत तक इन नए भवनों में बच्चों को पढ़ने के साथ ही विभाग की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। इससे करीब 15 हजार बच्चों व महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
छह वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों व महिलाओं को बाल विकास पुष्टाहार विभाग की योजनाओं का लाभ देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन होता है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर एक कार्यकर्ता व एक सहायिका की तैनाती है। इनकी जिम्मेदारी है कि वह अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर छह वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करें और आवश्यकतानुसार उन्हें शासन से मिलने वाली खाद्य सामग्री का लाभ प्रदान करें।
इसके अलावा गर्भवती व धात्री महिलाओं का भी सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करें। महिलाओं व किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने व समय-समय पर अभियान चलाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करने का भी निर्देश है। इसके अलावा तीन वर्ष से छह साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर निशुल्क शिक्षा देने का भी प्रावधान है। इन कार्यों में व्यवधान न आए, इसके लिए शासन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भवन का निर्माण भी करा रहा है।
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बाल विकास विभाग के मुताबिक जिले के 421 आंगनबाड़ी केंद्रों को अब तक अपना भवन मुहैया कराया जा चुका है। जिले के 11 और आंगनबाड़ी केंद्रों पर नए भवन का निर्माण शुरू कर दिया गया है। प्रत्येक केंद्र पर सात लाख 52 हजार रुपये खर्च होगा है। इस लागत में दो कमरे व एक बरामद बनेगा।
निर्माण का जिम्मा कार्यदायी संस्था आरईएस को सौंपा गया। अधिकांश केंद्रों के भवन का निर्माण शुरू हो गया है। अगस्त के अंत तक इनके बनकर तैयार होने की उम्मीद है। सात विकास खंडों में एक-एक व दो विकास खंडों में दो-दो आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जा रहे हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश कुमार मिश्र ने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से गुणवत्ता के साथ कराया जा रहा है।
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छह वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों व महिलाओं को बाल विकास पुष्टाहार विभाग की योजनाओं का लाभ देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन होता है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर एक कार्यकर्ता व एक सहायिका की तैनाती है। इनकी जिम्मेदारी है कि वह अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर छह वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करें और आवश्यकतानुसार उन्हें शासन से मिलने वाली खाद्य सामग्री का लाभ प्रदान करें।
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इसके अलावा गर्भवती व धात्री महिलाओं का भी सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करें। महिलाओं व किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने व समय-समय पर अभियान चलाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करने का भी निर्देश है। इसके अलावा तीन वर्ष से छह साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर निशुल्क शिक्षा देने का भी प्रावधान है। इन कार्यों में व्यवधान न आए, इसके लिए शासन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भवन का निर्माण भी करा रहा है।
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बाल विकास विभाग के मुताबिक जिले के 421 आंगनबाड़ी केंद्रों को अब तक अपना भवन मुहैया कराया जा चुका है। जिले के 11 और आंगनबाड़ी केंद्रों पर नए भवन का निर्माण शुरू कर दिया गया है। प्रत्येक केंद्र पर सात लाख 52 हजार रुपये खर्च होगा है। इस लागत में दो कमरे व एक बरामद बनेगा।
निर्माण का जिम्मा कार्यदायी संस्था आरईएस को सौंपा गया। अधिकांश केंद्रों के भवन का निर्माण शुरू हो गया है। अगस्त के अंत तक इनके बनकर तैयार होने की उम्मीद है। सात विकास खंडों में एक-एक व दो विकास खंडों में दो-दो आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जा रहे हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश कुमार मिश्र ने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से गुणवत्ता के साथ कराया जा रहा है।