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योगी सत्यम बोले : योगानंद भारतीय प्राचीन ज्ञान को दुनिया में फैलाने वाले अग्रणी दूत

Sat, 08 Mar 2025 05:14 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 08 Mar 2025 05:14 PM IST
सार

परमहंस योगानंद ने भारतीय ज्ञान परंपरा को विश्व पटल पर पहली बार प्रदर्शित कर पश्चिमी समाज को सही रास्ते पर चलने की सीख दी। वह भारतीय प्राचीन ज्ञान संपदा को विश्व पटल पर पहुंचाने वाले अग्रदूत के रूप में हमेशा याद किए जाते रहेंगे।

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Yogi Satyam said: Yogananda is the leading messenger who spread the ancient Indian knowledge in the world
योगी सत्यम। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

परमहंस योगानंद ने भारतीय ज्ञान परंपरा को विश्व पटल पर पहली बार प्रदर्शित कर पश्चिमी समाज को सही रास्ते पर चलने की सीख दी। वह भारतीय प्राचीन ज्ञान संपदा को विश्व पटल पर पहुंचाने वाले अग्रदूत के रूप में हमेशा याद किए जाते रहेंगे। यह बातें शुक्रवार को महाकुंभ मेला क्षेत्र के क्रियायोग शिविर में क्रियायोग आश्रम एवं अनुसंधान संस्थान के संस्थापक स्वामी योगी सत्यम ने योगानंद के महासमाधि दिवस पर आयोजित समारोह में कहीं। स्वामी योगी सत्यम ने वटवृक्ष के नीचे परमहंस योगानंद से जुड़े संस्मरणों को दुनिया भर से आए साधकों के बीच साझा किया। बताया कि परमहंस योगानंद ऐसे योगी थे, जिन्होंने क्रियायोग की प्राचीन शिक्षा को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।

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Yogi Satyam said: Yogananda is the leading messenger who spread the ancient Indian knowledge in the world
क्रिया योग आश्रम में योगाभ्यास करते साधक। - फोटो : अमर उजाला।
यही वजह है कि उन्हें पश्चिम में योग का जनक माना जाता है। अपने जन्म के एक सदी से भी ज्यादा समय बाद योगानंद को अब दुनिया में प्राचीन भारतीय ज्ञान के सबसे महान दूतों में से एक माना जाने लगा है।

उनके काम ने विभिन्न धर्मों, पृष्ठभूमियों, जातियों और राष्ट्रीयताओं के लाखों लोगों के जीवन को आगे बढ़ाने में मदद की है। योगानंद की प्रसिद्ध पुस्तक ‘योगी आत्मकथा’ आध्यात्मिक साधकों को भारत की प्राचीन क्रियायोग पद्धति और विश्व के महानतम धर्मों के बीच अंतर्निहित सार्वभौमिक एकता के प्रति प्रेरित और आकर्षित करती रहती है। इससे हर व्यक्ति को सीख लेनी चाहिए। इस मौके पर अमेरिका, कनाडा, इंग्लैंड, स्विट्जरलैंड समेत कई देशों के अनुयायी मौजूद थे। 

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