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योग गुरु स्वामी आनंद गिरि का दावा महंत आशीष गिरि की हुई थी हत्या

Mon, 17 May 2021 09:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 17 May 2021 09:54 PM IST
सार

  • स्वामी आनंद गिरि ने सीएम को पत्र भेजकर की मामले की जांच कराने की मांग
  • हत्या के पीछे मांडा में 35 करोड़ रुपये में बिकी अखाड़े की जमीन का था विवाद

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Yoga guru Swami Anand Giri was claimed to have been killed by Mahant Ashish Giri.
prayagraj news : महंत आनंद गिरी और योग गुरु आनंद गिरी। - फोटो : prayagraj

विस्तार

निरंजनी अखाड़े के सचिव रहे स्वामी आशीष गिरि की आश्रम में गोली मार कर हत्या की गई थी। हाल में ही संपत्ति विवाद को लेकर निरंजनी अखाड़े और बाघंबरी गद्दी मठ से निष्कासित योग गुरु स्वामी आनंद गिरि ने सोमवार को यह दावा किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे पत्र में स्वामी आनंद गिरि ने इस हत्याकांड की जांच कराने के साथ ही अपने प्राणों की रक्षा की भी गुहार लगाई है। दारागंज स्थित निरंजनी अखाड़े के मुख्य आश्रम में 17 नवंबर की सुबह 44 वर्षीय संत आशीष गिरि की गोली लगने के बाद खून से लथपथ लाश मिली थी। पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था।

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Yoga guru Swami Anand Giri was claimed to have been killed by Mahant Ashish Giri.
prayagraj news : आनंद गिरी। - फोटो : prayagraj

स्वामी आनंद गिरि ने आशीष गिरि की हत्या की उच्चस्तरीय जांच कराने के लिए सीएम को पत्र सोमवार की सुबह भेजा। इसमें आनंद गिरि ने आशीष गिरि की हत्या के पीछे मांडा में अखाड़े की बेशकमती जमीन बेचने का विरोध बताया है। स्वामी आनंद गिरि ने पत्र में लिखा है कि मांडा में अखाड़े की जमीन बहुत बड़ा हिस्सा 35 करोड़ रुपये में भाजपा के एक नेता के हाथ बेच दिया गया था। इस जमीन से मिली रकम में से 24 करोड़ रुपये ही अखाड़े को दिखा कर आशीष गिरि के खिलाफ पहले कार्रवाई करने की धमकी दी गई। बाद में उनकी हत्या करवाकर अपनी ताकत से उस केस को आत्महत्या में तब्दील करवा दिया गया। 
महंत नरेंद्र गिरि व महंत रवींद्र पुरी ने आश्रम में घुसने नहीं दिया।

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Yoga guru Swami Anand Giri was claimed to have been killed by Mahant Ashish Giri.
आनंद गिरी - फोटो : अमर उजाला
स्वामी आनंद गिरि ने अमर उजाला को बताया कि महंत आशीष गिरि की हत्या की जानकारी मिलते ही वह आश्रम पहुंच गए थे, लेकिन वहां पहले से मौजूद उनके गुरु महंत नरेंद्र गिरि और रवींद्र पुरी ने उन्हें आश्रम में प्रवेश ही नहीं करने दिया। आनंद गिरि का कहना है कि उनको यह कहकर वहां से हटा दिया गया कि तुम जाकर समाधि लगाने की व्यवस्था करो, यहां का काम सब हो जाएगा। इसके बाद महंत आशीष गिरि के परिवार के लोगों का फोन आता रहा और लोग पूछते रहे कि उनके बेटे को क्या हुआ है? तब उन्हें सिर्फ इतना ही बताया जा सका था कि अब वह इस दुनिया में नहीं हैं और उनके शरीर को समाधि दी जा रही है। उनके परिवार को लोग उनका अंतिम समय चेहरा तक नहीं देख पाए थे। वहीं इस मामले में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का पक्ष जानने के लिए उनके फोन पर कई बार संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीब नहीं की।

आनंद गिरि को भी मिली धमकियां, सीएम करें प्राणों की रक्षा

अखाड़े से निष्कासित योग गुरु आनंद गिरि ने सीएम को लिखे पत्र में कहा है कि तीन साल पहले गोली मारकर मौत के घाट उतारे गए आशीष गिरि की तरह ही अब उन्हें भी धमकियां मिल रही हैं। आनंद गिरि ने पत्र में लिखा है कि वह हरिद्वार में बसने की नीयत से हरिद्वार में एक छोटा सा आश्रम बनवा रहे थेे, ताकि वह इन सब विवादों से दूर रह सकें। लेकिन वहां के अधिकारियों को फोन कर उनका आश्रम सीज करवा दिया गया। उन्हें बहुत भय लग रहा है कि उनकी भी हत्या आशीष गिरि की तरह ही न कर दी जाए और फिर उस केस को आत्महत्या दर्शाया दिया जाएगा। स्वामी आनंद गिरि ने सीएम से कहा है कि वह उनके प्राणों की रक्षा करें। उनके गुरु महंत नरेंद्र गिरि का बहुत बड़ा रसूख है और वह अधिकारियों को मिलाकर उनके खिलाफ कुछ भी करवा सकते हैं।
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