योग गुरु स्वामी आनंद गिरि का दावा महंत आशीष गिरि की हुई थी हत्या
- स्वामी आनंद गिरि ने सीएम को पत्र भेजकर की मामले की जांच कराने की मांग
- हत्या के पीछे मांडा में 35 करोड़ रुपये में बिकी अखाड़े की जमीन का था विवाद
विस्तार
निरंजनी अखाड़े के सचिव रहे स्वामी आशीष गिरि की आश्रम में गोली मार कर हत्या की गई थी। हाल में ही संपत्ति विवाद को लेकर निरंजनी अखाड़े और बाघंबरी गद्दी मठ से निष्कासित योग गुरु स्वामी आनंद गिरि ने सोमवार को यह दावा किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे पत्र में स्वामी आनंद गिरि ने इस हत्याकांड की जांच कराने के साथ ही अपने प्राणों की रक्षा की भी गुहार लगाई है। दारागंज स्थित निरंजनी अखाड़े के मुख्य आश्रम में 17 नवंबर की सुबह 44 वर्षीय संत आशीष गिरि की गोली लगने के बाद खून से लथपथ लाश मिली थी। पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था।
स्वामी आनंद गिरि ने आशीष गिरि की हत्या की उच्चस्तरीय जांच कराने के लिए सीएम को पत्र सोमवार की सुबह भेजा। इसमें आनंद गिरि ने आशीष गिरि की हत्या के पीछे मांडा में अखाड़े की बेशकमती जमीन बेचने का विरोध बताया है। स्वामी आनंद गिरि ने पत्र में लिखा है कि मांडा में अखाड़े की जमीन बहुत बड़ा हिस्सा 35 करोड़ रुपये में भाजपा के एक नेता के हाथ बेच दिया गया था। इस जमीन से मिली रकम में से 24 करोड़ रुपये ही अखाड़े को दिखा कर आशीष गिरि के खिलाफ पहले कार्रवाई करने की धमकी दी गई। बाद में उनकी हत्या करवाकर अपनी ताकत से उस केस को आत्महत्या में तब्दील करवा दिया गया।
महंत नरेंद्र गिरि व महंत रवींद्र पुरी ने आश्रम में घुसने नहीं दिया।