Prayagraj : गंगा स्नान करने गए दो युवक डुबे, मेजा के बारा दशरथपुर में हुआ हादसा, गोताखोर खोजबीन में जुटे
मेजा के बारा दशरथपुर गंगा घाट पर स्नान करते समय दो युवक गहरे पानी में डुब गए। साथ में स्नान करने गए लोगों के शोरगुल मचाने पर भीड़ जुट गई।
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मेजा में शनिवार सुबह बारा दशरथपुर गांव के समीप गंगा में स्नान करने के दौरान फुफेरे दो भाई गहरे पानी में चले गए। जिससे दोनों डूब गए। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने नदी से दोनों की लाश निकाल ली। दोनों परिवार के लोग बदहवास हालात में गंगा घाट पर पहुंचकर दहाड़ मारकर रोने लगे। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसडीएम मेजा सुरेंद्र प्रताप यादव पहुंचकर परिजनों को ढांढ़स बंधाया।
बता दें कि बारा दशरथपुर के शिव अचल तिवारी के दोनों बेटे हर्ष (12) और आदर्श तिवारी (9) अपनी बुआ के बेटे लवकुश पांडेय (22) पुत्र सुभाष पांडेय निवासी लीलापुर थाना सरायइनायत के साथ गंगा स्नान करने गए थे। बताया जाता है कि स्नान करने के दौरान आदर्श तिवारी और लवकुश पांडेय गहरे पानी में चले गए। वहीं कुछ दूर पर स्नान कर रहा हर्ष यह देख तत्काल घर आकर घटना के बारे में बताई तो मौके पर सभी लोग पहुंच गए।
ग्रामीणों ने तत्काल नदी में कूदकर खोजबीन शुरू कर दी। आधे घंटे के अंतराल में दोनों के शव को निकाल लिया गया। घटना की सूचना पर बड़ी संख्या में लोग गंगा घाट पर पहुंच गए। सूचना पर मौके पर जेवनिया चौकी इंचार्ज मनोज कुमार के साथ लेखपाल कमला पांडेय पहुंच गए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे से दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। परानीपुर प्रधान संतोष सिंह ने घर पहुंचकर परिजनों को ढांढ़स बंधाया।
मामा के घर आया लवकुश अपने माता-पिता का था इकलौता बेटा
बारा दशरथपुर गंगा घाट पर घटी घटना से हर कोई हतप्रभ है। आदर्श तिवारी दो भाइयों में छोटा था। जो एसडी पब्लिक स्कूल रामनगर में कक्षा तीन का मेधावी छात्र था। वह आईएएस बनने का सपना लेकर बड़ी लगन से पढ़ाई करता था। उसे क्या पता था कि बड़े भाई हर्ष और बुआ के बेटे लवकुश पांडेय के साथ गंगा स्नान करने चल रहे हैं तो घर नहीं लौटकर आएंगे। आदर्श के पिता शिव अचल मुंबई में एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। इस समय वह घर पर ही आए हुए हैं। मां अंजना रोते-रोते बेसुध हो गई थीं। वहीं लवकुश पांडेय अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।
वह दो रोज पहले अपने मामा के यहां आया था। तीन साल पहले लवकुश की शादी हुई थी। घटना की जानकारी होने पर पत्नी हीना और मां उर्मिला यहां मौके पर आ गई थीं। पत्नी और मां दहाड़ मारकर रो रही थीं। जिससे हर किसी का कलेजा पसीज गया। लवकुश को चार माह की एक बेटी भी है। लवकुश गर्मी के मौसम में अपने मामा के यहां घूमने आया था। वह रविवार को परानीपुर स्थित श्री सुदिष्ट ब्रह्म बबा महाराज का दर्शन भी करना चाहता था।
बारा दशरथपुर गंगा घाट पर है एक बड़ा गड्ढा, जिसमें स्नान करते वक्त दोनों समा गए
बारा दशरथपुर गंगा घाट पर एक बड़ा गड्ढा है। जिसकी जानकारी आदर्श और लवकुश को नहीं थी। वह जैसे ही स्नान करने के लिए गंगा में उतरे वैसे ही उस गड्ढे में दोनों समा गए। बड़ा भाई हर्ष कपड़ा उतारने में थोड़ी देरी कर दी वरना वह भी दोनों के साथ समा जाता। संयोग अच्छा था कि वह कपड़ा उतारकर जैसे ही स्नान करने के लिए आगे बढ़ा वैसे ही आदर्श और लवकुश डूबने लगे तो वह पीछे हट लिया। घर आकर घटना की जानकारी दी।
रविवार को बबा महाराज के दर्शन के लिए मामा के घर दो दिन से रुका था लवकुश
रविवार को परानीपुर स्थित सुदिष्ट ब्रह्म बबा महाराज के दर्शन के लिए लवकुश पांडेय दो दिन से मामा के घर रुका था। परिजनों का कहना है कि रविवार को दर्शन करने के बाद वह घर के लिए निकलता, लेकिन नियति को तो कुछ और ही मंजूर था। घटना के बाद लोग चर्चा कर रो रहे थे।