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पांचवीं डुबकी के साथ पूरा होगा कल्पवास
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 09 Feb 2017 01:23 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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माघी पूर्णिमा स्नान पर्व के साथ गंगा की रेती पर मास भर के कल्पवास का संकल्प शुक्रवार को पूरा होगा। पांचवीं डुबकी के साथ गंगा की रेती पर बसे कल्पवासी संगम की रेती यानी रेणुका प्रसाद लेकर आस्था की नगरी से विदा हो जाएंगे। वहीं माघी पूर्णिमा स्नान के लिए कल्पवासियों से इतर देश भर से श्रद्धालुओं का सिर पर गठरी, हाथ में झोला लिए संगम क्षेत्र में आने का क्रम बुधवार से ही शुरू हुआ। विदा से पूर्व परंपरा के मुताबिक मेला क्षेत्र में कल्पवास कर रहे श्रद्धालुओं ने कल्पवास के अनुष्ठानों को पूरा किया। दान-पुण्य, सत्यनारायण व्रत कथा सुनने, कन्या खिलाने का सिलसिला अनेक शिविरों में जारी रहा।
दंडीबाड़ा, आचार्य बाड़ा, काली सड़क, त्रिवेणी मार्ग, महावीर मार्ग, खाक चौक स्थित संतों-महंतों के शिविरों में भंडारा प्रसाद बंटता रहा। शिविर प्रभारी समान जुटाने में व्यस्त रहे। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिविर में शंकरस्वरूप ब्रह्मचारी की देखरेख में भंडारा हुआ।
कल्पवास कर रहीं गोटेगांव, मध्यप्रदेश की सत्तर वर्षीया सावित्री राजपूत ने कहा, कल्पवास के दौरान कई आत्मीय रिश्ते बने। शिविर में सभी एक परिवार की तरह ही रहे। मां गंगा से यही प्रार्थना है कि अगले वर्ष फिर आने का मौका मिले। जगद्गुरु रामसुभग दास बिनैका बाबा के शिविर में मां के साथ कल्पवास कर रहीं बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा माया सिंह ठाकुर ने कहा, शिविर में तकरीबन चार सौ लोग थे। महीने भर सभी के साथ रहने पर सामाजिकता समझ में आई। प्रतिदिन ब्रह्ममूहर्त में त्रिवेणी स्नान के आनंद को शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है। बोलीं, आस्था की नगरी से अनुशासन की गठरी संजोकर जाएंगे। गंगा सेवा अभियानम शिविर में कल्पवास कर रहे बक्सर बिहार के अनूप कुमार ओझा ने कहा, महीने भर के कल्पवास ने जीवन को ऊर्जा से भर दिया है।
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माघ पूर्णिमा तिथि का संचरण शुक्रवार की सुबह 7.08 बजे से आरंभ होकर शनिवार की सुबह छह बजे तक रहेगा। इसी तरह बृहस्पतिवार को गुरु पुष्य नक्षत्र का संचरण सुबह 10.21बजे से शुरू होकर शुक्रवार की सुबह 9.22 बजे तक रहेगा। ज्योतिर्विद आशुतोष वार्ष्णेय के मुताबिक शुक्रवार और पूर्णिमा का संयोग पर्व के पुण्य को बढ़ा रहा है। अखिल भारतीय ज्योतिष परिषद के महामंत्री आचार्य अविनाश राय के अनुसार पूर्णिमा स्नान के बाद विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ सौभाग्य बढ़ाने वाला है। पर्व पर सत्यनारायण की कथा सुनने और यथा शक्ति दान देने का विधान है।
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दंडीबाड़ा, आचार्य बाड़ा, काली सड़क, त्रिवेणी मार्ग, महावीर मार्ग, खाक चौक स्थित संतों-महंतों के शिविरों में भंडारा प्रसाद बंटता रहा। शिविर प्रभारी समान जुटाने में व्यस्त रहे। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिविर में शंकरस्वरूप ब्रह्मचारी की देखरेख में भंडारा हुआ।
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कल्पवास कर रहीं गोटेगांव, मध्यप्रदेश की सत्तर वर्षीया सावित्री राजपूत ने कहा, कल्पवास के दौरान कई आत्मीय रिश्ते बने। शिविर में सभी एक परिवार की तरह ही रहे। मां गंगा से यही प्रार्थना है कि अगले वर्ष फिर आने का मौका मिले। जगद्गुरु रामसुभग दास बिनैका बाबा के शिविर में मां के साथ कल्पवास कर रहीं बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा माया सिंह ठाकुर ने कहा, शिविर में तकरीबन चार सौ लोग थे। महीने भर सभी के साथ रहने पर सामाजिकता समझ में आई। प्रतिदिन ब्रह्ममूहर्त में त्रिवेणी स्नान के आनंद को शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है। बोलीं, आस्था की नगरी से अनुशासन की गठरी संजोकर जाएंगे। गंगा सेवा अभियानम शिविर में कल्पवास कर रहे बक्सर बिहार के अनूप कुमार ओझा ने कहा, महीने भर के कल्पवास ने जीवन को ऊर्जा से भर दिया है।
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माघ पूर्णिमा तिथि का संचरण शुक्रवार की सुबह 7.08 बजे से आरंभ होकर शनिवार की सुबह छह बजे तक रहेगा। इसी तरह बृहस्पतिवार को गुरु पुष्य नक्षत्र का संचरण सुबह 10.21बजे से शुरू होकर शुक्रवार की सुबह 9.22 बजे तक रहेगा। ज्योतिर्विद आशुतोष वार्ष्णेय के मुताबिक शुक्रवार और पूर्णिमा का संयोग पर्व के पुण्य को बढ़ा रहा है। अखिल भारतीय ज्योतिष परिषद के महामंत्री आचार्य अविनाश राय के अनुसार पूर्णिमा स्नान के बाद विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ सौभाग्य बढ़ाने वाला है। पर्व पर सत्यनारायण की कथा सुनने और यथा शक्ति दान देने का विधान है।