फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Why crores of expenses have been discontinued for years, the Cancer Unit, Trauma Center

करोड़ों खर्च फिर भी वर्षों से बंद क्यों बंद है कैंसर यूनिट, ट्रामा सेंटर

Fri, 15 Jun 2018 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 15 Jun 2018 01:28 AM IST
विज्ञापन
Why crores of expenses have been discontinued for years, the Cancer Unit, Trauma Center
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विधानसभा की लोक लेखा समिति की उपसमिति के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को एमएलएन मेडिकल कॉलेज के स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल का निरीक्षण किया। सीएजी की रिपोर्ट के आधार पर करोड़ों के खर्च के बाद भी कैंसर यूनिट और ट्रामा सेंटर का संचालन न होने पर गहरी आपत्ति जताई। व्यवस्थाओं पर सवाल उठाकर प्राचार्य को सुधार के लिए दो महीने की मोहलत दी। समिति अध्यक्ष ने गड़बड़ी दूर न करने पर शासन स्तर से कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
विज्ञापन


समिति अध्यक्ष/संयोजक के नेतृत्व में एसआरएन अस्पताल पहुंचे सदस्यों ने सबसे पहले ट्रामा सेंटर का निरीक्षण किया। सीएंडएस के परियोजना प्रबंधक से भवन हस्तांतरित न करने के बारे में पूछा। जबाव मिला कि ट्रामा सेंटर का भवन वर्ष 2013 से तैयार है। कॉलेज प्रशासन ने एसी और ऑक्सीजन गैस पाइप लाइन न होने की बात कहकर कब्जा नहीं लिया। जबकि ये सुविधाएं उनके अनुबंध में नहीं थीं। अध्यक्ष अध्यक्ष डॉ. राधा मोहन अग्रवाल ने प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह और प्रभारी ट्रामा सेंटर डॉ. विनोद पांडेय से इस बारे में कई सवाल किए। बताया गया कि बजट नहीं था। अध्यक्ष ने कहा कि ओटी, इमरजेंसी आदि स्थानों पर एसी लगे थे, ऐसे में सिलेंडर से वार्डों की तरह ऑक्सीजन की सुविधा देकर ट्रामा सेंटर शुरू किया जा सकता था। प्राचार्य ने भरोसा दिलाया काम चल रहा है, जल्द ट्रामा सेंटर शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन


टीम सदस्य इसके बाद कैंसर यूनिट पहुंचे तो वहां का हाल देख कड़ी नाराजगी जताई। यहां वर्ष 2010 में कैंसर थेरेपी यूनिट के लिए कोबाल्ट मशीन मंगाई गई लेकिन आज तक लगाई नहीं गई। करीब चार करोड़ खर्च के बाद भी कैंसर मरीजों को इसका लाभ नहीं मिला। यहां एक कर्मचारी की नियुक्ति भी की गई। दो बार में करीब 40 लाख खर्च कर मशीन की मरम्मत कराई गई, जिसकी तकनीक अब पुरानी हो चुकी है। पूछताछ में यहां भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन की लापरवाही सामने आई।
विज्ञापन
विज्ञापन

लोक लेखा समिति के सदस्यों ने सर्जरी और मेडिसिन वार्ड नंबर 2, 8 और 14 का निरीक्षण कर मरीजों का हालचाल पूछा। वार्डों में गंदगी और बायो मेडिकल वेस्ट के लिए रखे गए नए डिब्बों को देखकर सदस्यों ने चुटकी ली कि पूरे अस्पताल में अव्यवस्था है, ऐसे में नए डिब्बों का रखा जाना साबित करता है कि सब कुछ दिखाने के लिए किया गया है। समिति अध्यक्ष डॉ. राधा मोहन के साथ के साथ विधायक बस्ती चंद्र प्रकाश शुक्ल, एमएलसी ध्रुव कुमार तिवारी ने प्राचार्य डॉ. सिंह को व्यवस्थाएं सुधारने के लिए दो महीने की मोहलत दी है। सदस्यों ने अस्पताल परिसर में अनुबंध समाप्त होने के बाद भी मेडिकल स्टोर संचालन पर आपत्ति जताई। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अफरातफरी मची रही। प्राचार्य के साथ विभागाध्यक्ष सर्जरी, एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव, सहायक एसआईसी गौतम त्रिपाठी, डॉ. संतोष सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।


बता दें कि समिति ने बुधवार को बैठक के दौरान तमाम गड़बड़ियों पर नाराजगी जताई थी। समिति ने मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक लापरवाही, बिना प्राधिकार नियुक्तियां करने, आर्थिक व्यय में पद का दुरुपयोग जैसे बिंदुओं को इंगित कर पूछताछ की थी, लेकिन किसी मामले में संतोषजनक जवाब नहीं मिला था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed