Prayagraj : विधायक के गनर का शव गांव पहुंचा तो मचा कोहराम, अंतिम सलामी के बाद किया गया अंतिम संस्कार
सप्ताह भर पूर्व राजगीर से नई दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन में कार्बाइन लूट कांड में घायल सिपाही की हुई मौत के बाद वृहस्पतिवार को उसका शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। उसकी मां, पिता व परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुराहाल हो गया। दोपहर बाद हंडिया के बिझौली घाट पर राजकीय सम्मान के साथ सिपाही का अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम दर्शन को भारी भीड़ जमा रही।
हंडिया थाना क्षेत्र के नाहरपुर के रहने वाले राकेश कनौजिया 26 पुत्र अमृतलाल कनौजिया 4 भाई और दो बहनों में तीसरे नंबर का था, अभी उसकी शादी भी नहीं हुई थी। वे यूपी पुलिस 2018 बैच के सिपाही थे और उनकी तैनाती गाजीपुर पुलिस लाइन में थी। उनकी ड्यूटी गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट से विधायक शोएब अंसारी की सुरक्षा में लगाई गई थी। 25 अक्टूबर को राकेश कुमार वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस में बैठकर सुरक्षा ड्यूटी के लिए लखनऊ जा रहे थे। सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन शाम करीब साढ़े छह बजे पहुंची तो उनपर हमला कर कार्बाइन लूट लिया गया।
घटना में गंभीर रूप से घायल सिपाही राकेश कुमार को इलाज के लिए लखनऊ स्थित ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। जहां कई दिनों तक जीवन और मौत से जूझते हुए बुधवार दोपहर उन्होंने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद वृहस्पतिवार को मृतक सिपाही राकेश कुमार कनौजिया का शव उनके पैतृक गांव नाहरपुर बरौत पहुंचा तो कोहराम मच गया।
माता अशर्फी देवी तथा दादी विपत्ति देवी अपने नाती राकेश का शव देखते ही बेहोश हो गई। आस पास की महिलाओं ने उन्हें संभाला। मृतक सिपाही के अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्र के कई गांवों से लोग घर पहुंचे थे। दोपहर बाद राजकीय सम्मान के साथ उनके शव को गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए क्षेत्र के बिझौली गंगा घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बता दें कि राजगीर से नई दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस में एक हफ्ते पूर्व हुए कारबाइन लूटकांड में घायल सिपाही राकेश कुमार (25) की बुधवार को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में मौत हो गई थी। वह हंडिया के बरौत के रहने वाले थे। उनका शव बृहस्पतिवार को पैतृक आवास पर लाया गया। हंडिया थाना क्षेत्र के नाहरपुर पोस्ट बरौत गांव निवासी राकेश पुत्र अमृत लाल दो भाइयों में छोटे थे। बड़ा भाई दिनेश कुमार शिक्षामित्र है। पिता खेती करते हैं। अविवाहित राकेश गाजीपुर पुलिस लाइन में तैनात थे। उनकी ड्यूटी गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट से विधायक शोएब अंसारी की सुरक्षा में लगाई गई थी।
25 अक्तूबर को राकेश कुमार वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस में बैठकर विधायक शोएब अंसारी की सुरक्षा ड्यूटी के लिए लखनऊ जा रहे थे। ट्रेन शाम करीब साढ़े छह बजे सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर पहुंची थी। तभी इंजन के पीछे लगी दिव्यांग बोगी में सवार यात्रियों ने एक सिपाही के घायल होने की सूचना गार्ड को दी थी। गार्ड ने घटना से ट्रेन के लोको पायलट को अवगत कराया था।
सूचना मिलने के बाद तत्कालीन जीआरपी थानाध्यक्ष शमीम सिद्दीकी, सिपाही आत्मा राम और अमन शुक्ला बोगी के पास पहुंचे थे, जहां उन्हें सिपाही राकेश कुमार ने लड़खड़ाती जुबान में हमले और कारबाइन लूटने की जानकारी दी थी। गंभीर हालत में सिपाही को जिला अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां हालत नाजुक होने पर ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया था। बुधवार दोपहर ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में उनकी मौत हो गई। उनकी मौत की खबर पहुंची तो घर में कोहराम मच गया। ग्रामीण भी जुट गए।