Prayagraj : बैंड-बाजे व ऊंट-घोड़ों के साथ निकली बरात, रजत जयंती के 40वें बैच के चिकित्सकों ने किया धमाल
मोती लाल नेहरू (एमएलएन) मेडिकल कॉलेज में रविवार को एल्युमिनाई वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से पुरा छात्र सम्मेलन-2025 धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान चिकित्सकों की बरात विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
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मोती लाल नेहरू (एमएलएन) मेडिकल कॉलेज में रविवार को एल्युमिनाई वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से पुरा छात्र सम्मेलन-2025 धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान चिकित्सकों की बरात विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसमें वर्ष-2000 बैच के चिकित्सक बैंड-बाजे की धुन पर थिरकते नजर आए।
एमएलएन मेडिकल कॉलेज परिसर के डॉ. प्रीतम दास प्रेक्षागृह से ऊंट-घोड़े, बग्घी व बाजे-गाजे के साथ बारात प्राचार्य कार्यालय होते हुए एल्युमिनाई वेलफेयर एसोसिएशन के कार्यक्रम स्थल तक पहुंची। इस दौरान सिर पर सेहरा बांधे महिला व पुरूष चिकित्सक ढोल-ताशे व भांगड़े की धुन पर जमकर नाचते नजर आ रहे थे। वहीं उनके बच्चे बारात में मौजूद विंटेज कार और बग्घी में बैठे इस अद्भुद नजारे का आनंद ले रहे थे।
चिकित्सकों का कहना था, कि यहां पर आने के बाद मानो उनका बचपना फिर से लौट आया हो। एमएलएन मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभाग के डॉ. श्रीश मिश्रा, चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील कुमार, न्यूरो सर्जन डॉ. तारिक अंसारी व प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेष डॉ. स्मिता सिंह सहित रजत जयंती के करीब 60 चिकित्सक मौजूद रहे।
नीम के पेड़ पर चीटियों का काटना है याद
प्रयागराज के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बीते दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वह यहां एमबीबीएस की पढ़ाई करने आये तो सीनियर ने उन्हें नीम के पेड़ पर चढ़ने को कहा। उन्हें व अन्य साथियों को पेड़ पर चढ़ना नहीं खला, मगर पेड़ पर मौजूद चीटियों का काटना भारी पड़ गया। जिसके बाद वह पेड़ से कूदकर कॉलेज की दीवार फांदते हुए भागे थे।
वापस लौट आया बचपन
लखनऊ से आए बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार त्रिपाठी ने कहा कि यहां आने के बाद ऐसा लग रहा है जैसे बचपन लौट आया। लग रहा है कि एक बार फिर यहीं रह जाएं।
शहर बदला पर हॉस्टल नहीं
गोरखपुर से आए बाल रोग विशेष डॉ. आनंद प्रकाश ने कहा कि प्रयागराज शहर तो काफी बदल गया है लेकिन हॉस्टल आज भी नहीं बदला। उन्होंने हॉस्टल को बेहतर बनाने के लिए हर प्रकार का सहयोग देने की बात कही।
कॉलेज को कभी भूल नहीं सकते
कानपुर के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पुनीत दीक्षित ने कहा कि वह एमएलएन मेडिकल कॉलेज को कभी भूल नहीं सकते। वह कहीं भी रहें मगर उनका दिल हमेशा इसी कॉलेज में रहता है।