फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Water levels of the Ganga and Yamuna have risen; flood risk in riverside areas

Prayagraj News: गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा, तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा

Thu, 20 Aug 2026 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज Updated Thu, 20 Aug 2026 02:21 AM IST
विज्ञापन
Water levels of the Ganga and Yamuna have risen; flood risk in riverside areas
गंगा और यमुना में आए उफान के बाद पुरानी झूंसी के तटवर्ती आश्रमों के पास तक पहुंचा बाढ़ का पानी=
गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। बुधवार को दोनों नदियां सुबह से देर शाम तक उफान पर रहीं। इससे नई और पुरानी झूंसी के किनारे स्थित मकानों, मठों, मंदिरों और आश्रमों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया।
विज्ञापन

यदि यही स्थिति बनी रही तो अगले दो से तीन दिन के भीतर मठों, मंदिरों और आश्रमों के भीतर पानी दाखिल हो सकता है। ऐसे में प्रभावित लोग अब सुरक्षित स्थानों या अपने मकानों के ऊपरी हिस्सों में जाने की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन

बुधवार की देर शाम तक बाढ़ का पानी आश्रमों और मठों की बाउंड्री की दीवारों से टकराने लगा था। इससे आश्रमों और मठों में मौजूद साधु-संतों तथा वेद छात्रों में भी खलबली देखी गई। तटवर्ती इलाकों के निवासियों ने बताया कि पिछले दो दिनों से गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नई झूंसी की ओर बाढ़ का पानी रिवर फ्रंट से टकरा रहा है। इसके साथ ही एसटीपी के आसपास भी पानी पहुंच गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बुधवार को गंगा और यमुना के जलस्तर में दिनभर बढ़ोतरी दर्ज की गई। शाम तक बाढ़ का पानी नई और पुरानी झूंसी के किनारे बने मकानों, मठों, मंदिरों और आश्रमों के पास तक पहुंच चुका था। लगातार बढ़ते जलस्तर से लोगों की मुसीबतें और बढ़ने की आशंका है। यदि नदियों का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो अगले कुछ दिनों में स्थिति गंभीर हो सकती है।

सुरक्षित ठिकानों की ओर रुख कर रहे लोग
बाढ़ के खतरे को देखते हुए लोग अब सुरक्षित ठिकानों की ओर रुख कर रहे हैं। कई परिवार अपने मकानों के ऊपरी हिस्सों में जाने की योजना बना रहे हैं। मठों और आश्रमों में रहने वाले साधु-संत तथा वेद छात्र भी चिंतित हैं। वे भी पानी के भीतर दाखिल होने से पहले वैकल्पिक व्यवस्थाएं तलाश रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed