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वीवीआईपी को फोर्ट रोड गेट से ही मिलेगी किले में इंट्री
Tue, 25 Dec 2018 02:19 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 25 Dec 2018 02:19 AM IST
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प्रयागराज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
किला स्थित अक्षयवट का दर्शन करने के लिए वीवीआईपी को फोर्ट रोड गेट से प्रवेश दिया जाएगा, जबकि श्रद्धालु पातालपुरी वाले गेट से दाखिल होंगे। अक्षयवट का दर्शन करने के लिए आने वाले वीवीआईपी को किले के पिछले रास्ते से ही इंट्री दिए जाने की तैयारी है। 16 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल रामनाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किले में इसी रास्ते से दाखिल हुए थे।
किले में आने वाले तमाम वीवीआईपी अक्षयवट को देखने के लिए फोर्ट रोड स्थित रास्ते से ही प्रवेश करते हैं। इस दौरान उनके वाहन भी उक्त रास्ते से किले में आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। वाहनों के प्रवेश कर जाने से वीवीआईपी को अक्षयवट तक पहुंचने के लिए कम चलना पड़ता है। अगस्त माह में आर्मी चीफ विपिन रावत के साथ प्रयागराज आईं रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण भी किले के पीछे वाले मार्ग से दाखिल हुईं थी। प्रदेश सरकार के तमाम प्रशासनिक अफसर भी पिछले दिनों उक्त मार्ग से गए। इसे देखते हुए सेना और मेला प्राधिकरण के अफसरों ने बैठक कर वीवीआईपी इंट्री के प्रवेश को लेकर मंथन किया। सूत्रों के मुताबिक बैठक में तय हुआ कि अभी तक जिस रास्ते से वीवीआईपी किले में प्रवेश करते आए हैं, आगे भी वे उसी रास्ते से अंदर दाखिल होंगे। जबकि आम श्रद्धालु पातालपुरी वाले गेट से प्रवेश करेंगे, जो अक्षयवट तक बनाए गए गलियारे का प्रयोग कर वहां पहुंचेंगे।
अकबर के किले में मूल अक्षयवट का नया रास्ता तैयार कर लिया गया है। बैरीकेडिंग कराने के साथ ही मूल अक्षयवट के दर्शन के लिए सुरक्षा घेरा भी बना लिया गया। प्रवेश व निकास के अलावा आपातकालीन द्वार भी होगा, ताकि दर्शन के लिए कतार में लगे किसी श्रद्धालु को किसी तरह की परेशानी होने या कोई अन्य कठिनाई आने पर इस रास्ते का इस्तेमाल किया जा सके। मुख्य प्रवेश द्वार पर फिनिशिंग बाकी है, लेकिन वहां चेक प्वाइंट के तौर पर पुलिस तैनात कर दी गई। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने पुलिस के अफसरों के साथ देर शाम अक्षयवट के नए मार्ग व दर्शन की तैयारियों का जायजा लिया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद मूल अक्षयवट को आम श्रद्धालुओं के लिए खोलने का होमवर्क पूरा कर लिया गया है। प्रवेश और निकास मार्गों पर स्टील बैरीकेडिंग के साथ सुरक्षा पहलुओं को देखते हुए चेक प्वाइंट तय कर लिए गए हैं। मूल अक्षयवट से लेकर पातालपुरी और सरस्वती कूप होते हुए बाहर निकलने तक का रास्ता करीब एक किमी लंबा होगा। पातालपुरी परिसर से सरस्वती कूप जाने के लिए किले के उत्तरी फाटक से गुरुद्वारा के पास से बैरीकेडिंग कराई गई है। मूल अक्षयवट में करीब साढ़े सात फीट चौड़ा प्रवेश मार्ग और इतना ही चौड़ा निकास मार्ग बनाया गया है। इसके साथ ही आपातकालीन द्वार भी होगा, जिसका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर किया जाएगा।
कुंभ मेलाधिकारी ने शाम को मेला प्रशासन व पुलिस के अफसरों के साथ मूल अक्षयवट के प्रवेश और निकास मार्गों का निरीक्षण किया। उन्होंने अफसरों के साथ अब तक की तैयारियों की जानकारी ली और शेष काम जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। कुंभ मेलाधिकारी ने किला द्वार से शिफ्ट कराई गई राम जानकी व राधाकृष्ण की प्रतिमाओं के लिए पातालपुरी परिसर में बन रहे मंदिर का भी निरीक्षण किया। वहां उन्होंने पुजारी पद्मनाथ योगेश्वर, कविनाथ योगेश्वर और शिवओम योगेश्वर से उनकी दिक्कतें पूछीं और सहयोग देने के लिए आभार जताया।
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किले में आने वाले तमाम वीवीआईपी अक्षयवट को देखने के लिए फोर्ट रोड स्थित रास्ते से ही प्रवेश करते हैं। इस दौरान उनके वाहन भी उक्त रास्ते से किले में आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। वाहनों के प्रवेश कर जाने से वीवीआईपी को अक्षयवट तक पहुंचने के लिए कम चलना पड़ता है। अगस्त माह में आर्मी चीफ विपिन रावत के साथ प्रयागराज आईं रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण भी किले के पीछे वाले मार्ग से दाखिल हुईं थी। प्रदेश सरकार के तमाम प्रशासनिक अफसर भी पिछले दिनों उक्त मार्ग से गए। इसे देखते हुए सेना और मेला प्राधिकरण के अफसरों ने बैठक कर वीवीआईपी इंट्री के प्रवेश को लेकर मंथन किया। सूत्रों के मुताबिक बैठक में तय हुआ कि अभी तक जिस रास्ते से वीवीआईपी किले में प्रवेश करते आए हैं, आगे भी वे उसी रास्ते से अंदर दाखिल होंगे। जबकि आम श्रद्धालु पातालपुरी वाले गेट से प्रवेश करेंगे, जो अक्षयवट तक बनाए गए गलियारे का प्रयोग कर वहां पहुंचेंगे।
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अकबर के किले में मूल अक्षयवट का नया रास्ता तैयार कर लिया गया है। बैरीकेडिंग कराने के साथ ही मूल अक्षयवट के दर्शन के लिए सुरक्षा घेरा भी बना लिया गया। प्रवेश व निकास के अलावा आपातकालीन द्वार भी होगा, ताकि दर्शन के लिए कतार में लगे किसी श्रद्धालु को किसी तरह की परेशानी होने या कोई अन्य कठिनाई आने पर इस रास्ते का इस्तेमाल किया जा सके। मुख्य प्रवेश द्वार पर फिनिशिंग बाकी है, लेकिन वहां चेक प्वाइंट के तौर पर पुलिस तैनात कर दी गई। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने पुलिस के अफसरों के साथ देर शाम अक्षयवट के नए मार्ग व दर्शन की तैयारियों का जायजा लिया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद मूल अक्षयवट को आम श्रद्धालुओं के लिए खोलने का होमवर्क पूरा कर लिया गया है। प्रवेश और निकास मार्गों पर स्टील बैरीकेडिंग के साथ सुरक्षा पहलुओं को देखते हुए चेक प्वाइंट तय कर लिए गए हैं। मूल अक्षयवट से लेकर पातालपुरी और सरस्वती कूप होते हुए बाहर निकलने तक का रास्ता करीब एक किमी लंबा होगा। पातालपुरी परिसर से सरस्वती कूप जाने के लिए किले के उत्तरी फाटक से गुरुद्वारा के पास से बैरीकेडिंग कराई गई है। मूल अक्षयवट में करीब साढ़े सात फीट चौड़ा प्रवेश मार्ग और इतना ही चौड़ा निकास मार्ग बनाया गया है। इसके साथ ही आपातकालीन द्वार भी होगा, जिसका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर किया जाएगा।
कुंभ मेलाधिकारी ने शाम को मेला प्रशासन व पुलिस के अफसरों के साथ मूल अक्षयवट के प्रवेश और निकास मार्गों का निरीक्षण किया। उन्होंने अफसरों के साथ अब तक की तैयारियों की जानकारी ली और शेष काम जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। कुंभ मेलाधिकारी ने किला द्वार से शिफ्ट कराई गई राम जानकी व राधाकृष्ण की प्रतिमाओं के लिए पातालपुरी परिसर में बन रहे मंदिर का भी निरीक्षण किया। वहां उन्होंने पुजारी पद्मनाथ योगेश्वर, कविनाथ योगेश्वर और शिवओम योगेश्वर से उनकी दिक्कतें पूछीं और सहयोग देने के लिए आभार जताया।