{"_id":"6a4a26db2336878d0001c533","slug":"vindhya-expressway-tehsils-returned-several-files-related-to-the-vindhya-expressway-to-upeida-2026-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Vindhya Expressway : तहसीलाें ने विंध्य एक्सप्रेसवे से जुड़ीं कई फाइलें यूपीडा को लौटाईं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Vindhya Expressway : तहसीलाें ने विंध्य एक्सप्रेसवे से जुड़ीं कई फाइलें यूपीडा को लौटाईं
Sun, 05 Jul 2026 03:11 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 05 Jul 2026 03:11 PM IST
सार
प्रयागराज से सोनभद्र तक प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे के निर्माण के रास्ते 84 गांव आ रहे हैं। 73 गांवों की लिस्ट उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी है और इनका सत्यापन भी शुरू हो गया है।
विज्ञापन
विंध्य एक्सप्रेस वे। सांकेतिक चित्र
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
प्रयागराज से सोनभद्र तक प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे के निर्माण के रास्ते 84 गांव आ रहे हैं। 73 गांवों की लिस्ट उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी है और इनका सत्यापन भी शुरू हो गया है।
विज्ञापन
प्रभावित गांवों में भूमि अधिग्रहण के दौरान कोई विवाद न हो, इसके लिए तहसील स्तर पर एक-एक इंच जमीन का सत्यापन किया जा रहा है। गांवों की लिस्ट इसी उद्देश्य से प्रशासन को उपलब्ध कराई गई है कि अगर सत्यापन के दौरान गांवों की सीमाओं में भिन्नता या त्रुटियां सामने आतीं हैं तो उसे सही कराने के लिए संशोधित प्रस्ताव यूपीडा को उपलब्ध कराया जाए।
विज्ञापन
जिन गांवों में भूमि या अन्य संपत्तियों का सत्यापन होना है, उनमें तहसील सोरांव के 23 गांव, फूलपुर के 24 और हंडिया के 26 गांव शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि सत्यापन के दौरान कई जगह विसंगतियां या त्रुटियां मिलने पर तहसील से संशोधित प्रस्ताव के साथ फाइलें यूपीडा को लौटा दी गईं हैं। इस प्रस्ताव के आधार पर ही एलाइनमेंट (विंध्य एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित रास्ते) में भी संशोधन होगा।
विज्ञापन
इसके अलावा यह भी देखना है कि एक्सप्रेसवे के रास्ते पर कहां और कितने सरकारी भवन आ रहे हैं। उन्हें शिफ्ट करने के लिए भी वैकल्पिक जगह तलाशनी होगी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद काश्तकारों की सूची तैयार की जाएगी और इसके बाद भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।