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दादनपुर में मगरमच्छ को ग्रामीणों ने धर दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 25 Jul 2016 12:56 AM IST
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मगरमच्छ
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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नवाबगंज थाना क्षेत्र के दादनपुर गांव में एक पखवारे से गांव के सैकड़ों लोगोें की नींद हराम करने वाले मगरमच्छ को आखिरकार ग्रामीणों ने शनिवार रात पकड़ लिया। सूचना पर रविवार सुबह गांव पहुंची वन विभाग की टीम ने अपने कब्जे में ले लिया। वन्य कर्मियों ने बताया कि मगरमच्छ का स्वास्थ्य परीक्षण कर यमुना नदी में छोड़ दिया जाएगा। मगरमच्छ को देखने के लिए भीड़ लग गई।
बताया जाता है कि कि नवाबगंज थाना क्षेत्र के कछारी गांव यानी गंगा की तराई में दादनपुर गांव के लोगों में छह जुलाई को उस समय हड़कंप मच गया था जब रात में ग्रामीणों ने गांव के बगल तालाब में एक मगरमच्छ देखा। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस व वन विभाग को दी, लेकिन पुलिस व वन विभाग की टीम ने कई दिन तक प्रयास किया, लेकिन सफलता न मिली। ग्रामीण टीम बनाकर प्रतिदिन मगरमच्छ की गतिविधियों पर नजर रखने लगे। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार को दिन में वन कर्मियों ने काफी देर तक तालाब में जाल डालकर निकालने का प्रयास किया परंतु उसके भारी भरकम शरीर की वजह से नाकाम रहे। शनिवार रात ग्रामीणों ने तय किया उसे पकड़ा जाएगा।
गांव के गुलाब यादव, रामबाबू यादव व सुनील यादव ने जैसे ही मगरमच्छ देखा कि उस पर टूट पड़े। बस कुछ ही मिनट में मगरमच्छ ग्रामीणों के फंदे में आ गया। पूर्व प्रधान देशराज यादव ने वनकर्मियों को सूचित किया। सुबह वनकर्मियों ने उसे कब्जे में ले लिया। वन्य जीव विशेषज्ञ बीके टार्जन ने बताया कि बारिश के साथ ही तेज बहाव में गंगा नदी से भटककर मगरमच्छ गांव में आ गया था। बताया कि स्वास्थ्य परीक्षण कर इसे यमुना में छोड़ दिया जायेगा। वन दरोगा विजय सिंह ने बताया कि पकड़ा गया मगरमच्छ करीब पंाच फिट लंबा व साठ किलोग्राम का है।
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दादनपुर गांव में आतंक का पर्याय बने मगरमच्छ के बारे में ग्रामीणों को उस समय पता चला था जब गांव के बगल के तालाब में पशुपालक रामप्यारे यादव की भैंस पानी पीने उतरी और काफी देर न निकल सकी तब किसान ने हल्ला मचाया कि मगरमच्छ आ गया है। मगरमच्छ ने भैंस के पैर को जकड़ लिया था। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गयी थी।
चित्र परिचय: एनडब्ल्यूजे 75- दादनपुर के तालाब में पकड़े गये मगरमच्छ को ले जाने का बंदोबस्त करते वनकर्मी।
76- मगरमच्छ को देखने जुटे ग्रामीण।
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बताया जाता है कि कि नवाबगंज थाना क्षेत्र के कछारी गांव यानी गंगा की तराई में दादनपुर गांव के लोगों में छह जुलाई को उस समय हड़कंप मच गया था जब रात में ग्रामीणों ने गांव के बगल तालाब में एक मगरमच्छ देखा। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस व वन विभाग को दी, लेकिन पुलिस व वन विभाग की टीम ने कई दिन तक प्रयास किया, लेकिन सफलता न मिली। ग्रामीण टीम बनाकर प्रतिदिन मगरमच्छ की गतिविधियों पर नजर रखने लगे। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार को दिन में वन कर्मियों ने काफी देर तक तालाब में जाल डालकर निकालने का प्रयास किया परंतु उसके भारी भरकम शरीर की वजह से नाकाम रहे। शनिवार रात ग्रामीणों ने तय किया उसे पकड़ा जाएगा।
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गांव के गुलाब यादव, रामबाबू यादव व सुनील यादव ने जैसे ही मगरमच्छ देखा कि उस पर टूट पड़े। बस कुछ ही मिनट में मगरमच्छ ग्रामीणों के फंदे में आ गया। पूर्व प्रधान देशराज यादव ने वनकर्मियों को सूचित किया। सुबह वनकर्मियों ने उसे कब्जे में ले लिया। वन्य जीव विशेषज्ञ बीके टार्जन ने बताया कि बारिश के साथ ही तेज बहाव में गंगा नदी से भटककर मगरमच्छ गांव में आ गया था। बताया कि स्वास्थ्य परीक्षण कर इसे यमुना में छोड़ दिया जायेगा। वन दरोगा विजय सिंह ने बताया कि पकड़ा गया मगरमच्छ करीब पंाच फिट लंबा व साठ किलोग्राम का है।
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दादनपुर गांव में आतंक का पर्याय बने मगरमच्छ के बारे में ग्रामीणों को उस समय पता चला था जब गांव के बगल के तालाब में पशुपालक रामप्यारे यादव की भैंस पानी पीने उतरी और काफी देर न निकल सकी तब किसान ने हल्ला मचाया कि मगरमच्छ आ गया है। मगरमच्छ ने भैंस के पैर को जकड़ लिया था। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गयी थी।
चित्र परिचय: एनडब्ल्यूजे 75- दादनपुर के तालाब में पकड़े गये मगरमच्छ को ले जाने का बंदोबस्त करते वनकर्मी।
76- मगरमच्छ को देखने जुटे ग्रामीण।