model village : प्रयागराज के इस गांव ने बनाई अलग पहचान, सीसीटीवी, स्ट्रीट लाइट, ओपेन जिम और बहुत कुछ
होलागढ़ क्षेत्र का शाहपुर कल्याण उर्फ नेवादा गांव आधुनिक सुविधाओं की एक ऐसी मिसाल पेश कर रहा है जिसके चर्चे आसपास गांव के साथ-साथ पूरे जिले में है। इस गांव में कई जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, सड़कें पॉश इलाकों की तरह चौड़ी होने के साथ साथ गड्ढा मुक्त है।
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शहरों को तो चमचमाते आपने बहुत देखा होगा लेकिन प्रयागराज में एक ऐसा गांव है जिसने शहरों की चकचौंध को भी पीछे छोड़ दिया है। गांव में साफ सफाई की उत्तम व्यवस्था के साथ ओपेन जिम, सीसीटीवी और स्ट्रीट लाइट की बेहतरीन व्यवस्था है। यही कारण है कि यह गांव प्रदेश में नंबर वन बना हुआ है और इसे पुरस्कार भी मिल चुका है।
होलागढ़ क्षेत्र का शाहपुर कल्याण उर्फ नेवादा गांव आधुनिक सुविधाओं की एक ऐसी मिसाल पेश कर रहा है जिसके चर्चे आसपास गांव के साथ-साथ पूरे जिले में है। इस गांव में कई जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, सड़कें पॉश इलाकों की तरह चौड़ी होने के साथ साथ गड्ढा मुक्त है। सड़क के किनारे स्ट्रीट लाइट भी लगाई गई है जो रात में दूधिया रोशनी से जगमगाती रहती है।
गांव में अंत्येष्टि स्थल भी बनाया गया है। गांव के किसी भी घर में अगर कोई मृत्यु होती है तो अंत्येष्टि स्थल पर अंतिम संस्कार का पूरा प्रबंध किया गया है। इस स्थल को स्वर्गद्वार का दर्जा भी दिया गया है। इस गांव में कई मॉडर्न स्कूल भी है जिसको खूबसूरती के साथ सजाया गया है। इसके साथ गांव में ओपन जिम भी स्थापित है जिसमें बच्चों से लेकर हर उम्र के लोग अपना स्वास्थ्य दुरुस्त रखने के लिए एक्सरसाइज या कहें कि व्यायाम करते हुए नजर आते हैं। गांव पूरी तरीके से ओडीएफ भी है साथ ही साथ जगह जगह पर सार्वजनिक शौचालय भी बनाए गए हैं।
प्रयागराज के साथ-साथ पूरे उत्तर प्रदेश में इस गांव की एक अलग ही पहचान होती जा रही है। नेवादा गांव के विकास के पीछे योगी आदित्यनाथ की मुहिम है जिसके चलते गाँव की महिला प्रधान ने महिलाओं का समूह बनाकर एक साल पहले प्रधान बनते ही काम शुरू किया। महिला सशक्तिकरण का उदाहरण देते हुए यहा की महिलाओं को मनरेगा के तहत गांव में ही काम दे दिया गया। अब गांव की महिलाएं भी कहीं बाहर मजदूरी करने नहीं जाती। गांव में ही काम करती हैं और अपने परिवार की भी देख रहे करती हैं।
सबसे खास बात गांव की महिलाओं को काम का एक रफ्तार मिल गई है। शहर से तकरीबन 35 किलोमीटर दूर इस गांव में जब आप प्रवेश करेंगे तो आप को प्रवेश द्वार मिलेगा। गांव में किस वक्त कौन आया कौन गया इस लिहाज से सीसीटीवी कैमरा भी लगा है। पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम के तहत गांव को सीसीटीवी से लैस किया गया है। गांव के लोगों को किसी तरह की दिक्कत ना हो या फिर रात के समय आने जाने में कोई समस्या न हो इसके लिए स्ट्रीट लाइट को भी लगाया गया है।
इस गांव को और डिजिटल बनाने के लिए ऑप्टिकल फाइबर कि लाइन बिछाई जा रही है ताकि गांव वालों को इंटरनेट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सके। यही नहीं गांव के प्राथमिक विद्यालय में डिजिटल क्लास की शुरुआत हो गई है। इसके साथ ही गांव के लोगों को हर छोटी बड़ी खबर की जानकरी देने के लिए लाउडस्पीकर भी लगाया गया है। इस गांव के तालाबों का सौंदर्यीकरण भी कराया जा रहा है। यही नही गांव के लोगों के लिए एक ओपन जिम भी बनवाया गया है जहां हर दिन गांव के लोग व्यायाम करते हुए नजर आते हैं।
प्रयागराज के इस स्मार्ट गाँव मे जल्द ही एक तालाब में बच्चों के लिए नाव चलाने की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी है । यही नहीं बच्चों के लिए एक पार्क बनाकर झूला लगने की भी तैयारी है। आने वाले समय में गांव में सामुदायिक वैवाहिक स्थल बनाने के साथ ही गोबर गैस का प्लांट लगाने की योजना है। सभी काम को देखने के लिए एक सचिवालय का भी निर्माण करवाया है।