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हंगामे के बाद नगर निगम में हुआ वंदेमातरम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 07 Apr 2017 01:58 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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भाजपा पार्षदों ने नगर निगम मिनी सदन की शुरुआत ‘वंदेमातरम’ और राष्ट्र गान से समापन का प्रस्ताव रखा तो विपक्षी पार्षदों ने जमकर हंगामा काटा। इस दौरान नोंकझोंक हुई, महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने हस्तक्षेप पर बैठक की शुरुआत ‘वंदेमातरम’ और समापन राष्ट्र गान ‘जन गण मन’ से करने की अनुमति दे दी। उसी के बाद भाजपा पार्षदों ने ‘वंदेमातरम’ गायन किया। जिसमें विरोध करने वाले पार्षद शामिल नहीं हुए और बहिष्कार कर गए।
दोपहर 12 बजे भाजपा पार्षद गिरि शंकर प्रभाकर बाबा ने पुनरीक्षित बजट बैठक ‘वंदेमातरम’ और समापन ‘जन गण मन’ से कराने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद तो विपक्षी पार्षद शोर मचाने लगे। उनका कहना था कि नई परंपरा नहीं शुरू की जानी चाहिए। वं्देमातरम का राजनीतिकरण किया जा रहा है। भाजपा पार्षदों ने विरोध किया तो दोनों ओर से शब्द बाण चलाए जाने लगे। इसी बीच पार्षद अतहर रजा लाडले ने महापौर पर भाजपा पार्षदों से मिलने का आरोप लगाया तो हंगामा हो गया। महापौर ने भी इसे अमर्यादित बताते हुए चेतावनी देकर अपनी बात वापस लेने को कहा। भाजपा और सपा पार्षद वेल में आकर नारेबाजी करने लगे तो महापौर ने 12.30 बजे बैठक स्थगित कर दी।
दोपहर करीब एक बजे महापौर की अनुमति से फिर शुरू हुई बैठक में ‘वंदेमातरम’ पर तीखी बहस होने लगी। भाजपा पार्षद गणेश केसरवानी, सत्येंद्र चोपड़ा, किरन जायसवाल, गिरि बाबा, राजू शुक्ला ने कहा कि वंदेमातरम शहीदों को श्रद्धांजलि और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। पार्षद नीरज ने कहा कि हम दशहरा, मोहर्रम साथ मनाते हैं तो ‘वंदेमातरम’ भी गाएंगे। पार्षद नेम यादव ने इस मुद्दे पर सदन की माहौल खराब न कर जबरन निर्णय न थोपने का आरोप लगाया। विरोध करने वाले वार्षद रमेश मिश्रा ने कहा कि नई परंपरा शुरू नहीं होनी चाहिए, जो ‘वंदेमातरम’ में स्वेच्छा से गाएं उन्हें नहीं रोका जाए। वरिष्ठ पार्षद शिव सेवक सिंह ने कहा कि हम विकास की बात करें तो अच्छा होगा। राष्ट्र गान पर बहस मर्यादा के खिलाफ है।
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पार्षद सुशील यादव, अतरहर रजा लाडले, जफर खान और रेखा उपाध्याय ने सदन का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार बदली है, संविधान नहीं। वंदेमातरम किसी को बाध्य नहीं किया जा सकता । थोड़ी देर बाद पार्षदों को शांत कराकर महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने बैठक की शुरुआत ‘वंदेमातरम’और समापन ‘जन गण मन’ से कराने की अनुमति दे दी। उसी के बाद ‘वंदेमातरम’के साथ सदन की बैठक की कार्यवाही आगे बढ़ी। पार्षद रमेश मिश्रा ने ‘वंदेमातरम’ गायन को त्रुटिपूर्ण बताते हुए कहा कि यह राष्ट्र का अपमान है। इसलिए वह सदन की बैठक का बहिष्कार करते हैं।
दोपहर 12 बजे भाजपा पार्षद गिरि शंकर प्रभाकर बाबा ने पुनरीक्षित बजट बैठक ‘वंदेमातरम’ और समापन ‘जन गण मन’ से कराने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद तो विपक्षी पार्षद शोर मचाने लगे। उनका कहना था कि नई परंपरा नहीं शुरू की जानी चाहिए। वं्देमातरम का राजनीतिकरण किया जा रहा है। भाजपा पार्षदों ने विरोध किया तो दोनों ओर से शब्द बाण चलाए जाने लगे। इसी बीच पार्षद अतहर रजा लाडले ने महापौर पर भाजपा पार्षदों से मिलने का आरोप लगाया तो हंगामा हो गया। महापौर ने भी इसे अमर्यादित बताते हुए चेतावनी देकर अपनी बात वापस लेने को कहा। भाजपा और सपा पार्षद वेल में आकर नारेबाजी करने लगे तो महापौर ने 12.30 बजे बैठक स्थगित कर दी।
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दोपहर करीब एक बजे महापौर की अनुमति से फिर शुरू हुई बैठक में ‘वंदेमातरम’ पर तीखी बहस होने लगी। भाजपा पार्षद गणेश केसरवानी, सत्येंद्र चोपड़ा, किरन जायसवाल, गिरि बाबा, राजू शुक्ला ने कहा कि वंदेमातरम शहीदों को श्रद्धांजलि और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। पार्षद नीरज ने कहा कि हम दशहरा, मोहर्रम साथ मनाते हैं तो ‘वंदेमातरम’ भी गाएंगे। पार्षद नेम यादव ने इस मुद्दे पर सदन की माहौल खराब न कर जबरन निर्णय न थोपने का आरोप लगाया। विरोध करने वाले वार्षद रमेश मिश्रा ने कहा कि नई परंपरा शुरू नहीं होनी चाहिए, जो ‘वंदेमातरम’ में स्वेच्छा से गाएं उन्हें नहीं रोका जाए। वरिष्ठ पार्षद शिव सेवक सिंह ने कहा कि हम विकास की बात करें तो अच्छा होगा। राष्ट्र गान पर बहस मर्यादा के खिलाफ है।
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पार्षद सुशील यादव, अतरहर रजा लाडले, जफर खान और रेखा उपाध्याय ने सदन का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार बदली है, संविधान नहीं। वंदेमातरम किसी को बाध्य नहीं किया जा सकता । थोड़ी देर बाद पार्षदों को शांत कराकर महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने बैठक की शुरुआत ‘वंदेमातरम’और समापन ‘जन गण मन’ से कराने की अनुमति दे दी। उसी के बाद ‘वंदेमातरम’के साथ सदन की बैठक की कार्यवाही आगे बढ़ी। पार्षद रमेश मिश्रा ने ‘वंदेमातरम’ गायन को त्रुटिपूर्ण बताते हुए कहा कि यह राष्ट्र का अपमान है। इसलिए वह सदन की बैठक का बहिष्कार करते हैं।