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आरओ/एआरओ का रिजल्ट घोषित, सुल्तानपुर के अमित ने किया टॉप
Tue, 03 Mar 2020 09:33 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 03 Mar 2020 09:33 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने मंगलवार को समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) परीक्षा-2017 का अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया। आरओ/एआरओ के 809 पदों पर हुई भर्ती में 663 पदों पर अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से चयनित घोषित किया गया है।
जबकि, 146 पद योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण खाली रह गए हैं। परीक्षा में सुल्तानपुर के अमित कुमार सरोज ने टॉप किया है जबकि, अंबेडकर नगर के सुरेंद्र को मेरिट में दूसरा एवं देवरिया के प्रवीण कुमार मणि को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
आरओ/एआरओ-2017 की प्रारंभिक परीक्षा आठ अप्रैल 2018 को प्रदेश में 21 जिलों के 1146 केंद्रों में आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिए 533447 अभ्यर्थी पंजीकृत थे और 339632 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित हुए थे। आयोग ने 14 दिसंबर 2018 को प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी किया था, जिसमें 15342 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था।
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इसके बाद फरवरी 2019 में मुख्य परीक्षा कराई गई और इस साल 18 जनवरी एवं 29 फरवरी को एआरओ भर्ती के लिए टाइप टेस्ट कराया गया।
आरओ/एआरओ के 809 पदों पर भर्ती के लिए हुई परीक्षा में सामान्य चयन के 804 और विशेष चयन के पांच पद शामिल थे। सामान्य चयन में आरओ के 464 और एआरओ के 340 पद थे जबकि विशेष चयन में सभी पांचों पद आरओ के थे।
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जबकि, 146 पद योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण खाली रह गए हैं। परीक्षा में सुल्तानपुर के अमित कुमार सरोज ने टॉप किया है जबकि, अंबेडकर नगर के सुरेंद्र को मेरिट में दूसरा एवं देवरिया के प्रवीण कुमार मणि को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
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आरओ/एआरओ-2017 की प्रारंभिक परीक्षा आठ अप्रैल 2018 को प्रदेश में 21 जिलों के 1146 केंद्रों में आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिए 533447 अभ्यर्थी पंजीकृत थे और 339632 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित हुए थे। आयोग ने 14 दिसंबर 2018 को प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी किया था, जिसमें 15342 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था।
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इसके बाद फरवरी 2019 में मुख्य परीक्षा कराई गई और इस साल 18 जनवरी एवं 29 फरवरी को एआरओ भर्ती के लिए टाइप टेस्ट कराया गया।
आरओ/एआरओ के 809 पदों पर भर्ती के लिए हुई परीक्षा में सामान्य चयन के 804 और विशेष चयन के पांच पद शामिल थे। सामान्य चयन में आरओ के 464 और एआरओ के 340 पद थे जबकि विशेष चयन में सभी पांचों पद आरओ के थे।
सामान्य चयन में 142 और विशेष चयन में चार पद योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण खाली रह गए हैं। आयोग के सचिव जगदीश के अनुसार रिक्त
रह गए पदों में से 99 फीसदी पद एआरओ के हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में एआरओ के 30 पद और उत्तर प्रदेश सचिवालय में एआरओ के 100 से अधिक पद खाली रह गए हैं।
सचिव ने बताया कि परीक्षा का परिणाम पूरी तरह से औपबंधिक है। औपबंधित रूप से सफल घोषित किए गए अभ्यर्थियों के मूल प्रमाणपत्र आदि के सत्यापन के बाद सही पाए जाने के बाद संस्तुति पत्र प्रेषित किया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों के नाम के सामने प्रोविजल शब्द अंकित है, उन्हें निर्धारित समय में वांछित अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे, अन्यथा उनका अभ्यर्थन निरस्त
कर दिया जाएगा।
हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा परिणाम
- आयोग के सचिव जगदीश के अनुसार आरओ/एआरओ परीक्षा-2017 को लेकर हाईकोर्ट में अलग-अलग कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। सचिव का कहना है कि परीक्षा परिणाम इन याचिकाओं पर पारित होने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।
रह गए पदों में से 99 फीसदी पद एआरओ के हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में एआरओ के 30 पद और उत्तर प्रदेश सचिवालय में एआरओ के 100 से अधिक पद खाली रह गए हैं।
सचिव ने बताया कि परीक्षा का परिणाम पूरी तरह से औपबंधिक है। औपबंधित रूप से सफल घोषित किए गए अभ्यर्थियों के मूल प्रमाणपत्र आदि के सत्यापन के बाद सही पाए जाने के बाद संस्तुति पत्र प्रेषित किया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों के नाम के सामने प्रोविजल शब्द अंकित है, उन्हें निर्धारित समय में वांछित अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे, अन्यथा उनका अभ्यर्थन निरस्त
कर दिया जाएगा।
हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा परिणाम
- आयोग के सचिव जगदीश के अनुसार आरओ/एआरओ परीक्षा-2017 को लेकर हाईकोर्ट में अलग-अलग कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। सचिव का कहना है कि परीक्षा परिणाम इन याचिकाओं पर पारित होने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।