यूपीटीईटी : मम्मा... मन से करिए तैयारी, इस बार पास करना है टीईटी
कंपोजिट विद्यालय, मुठ्ठीगंज की सहायक अध्यापिका गीता देवी पिछले 25 वर्षों से स्कूल में बच्चों को पढ़ा रही हैं। फिलहाल 52 वर्ष की उम्र में वह खुद विद्यार्थी की तरह पढ़ाई करने में जुटी हैं।
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कंपोजिट विद्यालय, मुठ्ठीगंज की सहायक अध्यापिका गीता देवी पिछले 25 वर्षों से स्कूल में बच्चों को पढ़ा रही हैं। फिलहाल 52 वर्ष की उम्र में वह खुद विद्यार्थी की तरह पढ़ाई करने में जुटी हैं। उनकी बेटी श्रेष्ठा और श्रेया उनका हौसला बढ़ाते हुए कहती हैं मम्मा... मन से तैयारी करिए, कुछ भी हो इस बार स्पेशल टीईटी जरूर पास करना है।
गीता जुलाई में हुई टीईटी में वह असफल हो गई थीं। ऐसे में दोनों बेटियां मां को पढ़ाने में जुटी हैं। अपने घर में एक कमरे को क्लॉसरूम बनाकर बकायदा क्लॉस अटेंड कर रही हैं। खास बात यह है कि उन्हें पढ़ाने वाला कोई शिक्षक नहीं बल्कि उनकी दो बेटियां ही हैं।
कुछ विषयों को श्रेष्ठा पढ़ाती हैं जो नीट की तैयारी कर रही हैं। दूसरी बेटी श्रेया बीफार्मा कर चुकी हैं वह भी मां को पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहीं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले के बाद से तमाम शिक्षक परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हुए हैं। सरकार इन शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी आयोजित करा रहा है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से यह परीक्षा तीन नवंबर को कराई जा जाएगी।
घर में यूट्यूब से कर रहे परीक्षा की तैयारी
कौंधियारा विकासखंड के एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक यशवंत चौधरी ने बताया कि स्कूल समय में बच्चों को पढ़ाने के बाद अपनी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। यूट्यूब के जरिये पढ़ाई कर रहे हैं। इसी तरह वाराणसी के अर्दली बाजार प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक बाबूलाल यादव ने बताया कि जुलाई में आयोजित टीईटी में शामिल हुए थे लेकिन सफल नहीं हुए। इसी तरह इनके अन्य शिक्षक साथी ज्योतिभूषण व हिमांशु श्रीवास्तव भी परीक्षा की तैयारी यूट्यूब के जरिये कर रहे हैं।