फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   UPSESSB: Candidates against recruitment from hundred years old rule

UPSESSB : सौ साल पुराने नियम से भर्ती के खिलाफ अभ्यर्थी

Sun, 05 Jun 2022 12:29 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 05 Jun 2022 12:29 AM IST
सार

प्रतियोगी छात्र आलोक कुमार और उनके साथियों ने मांग की है कि नए विज्ञापन से पहले तमाम विषयों में शैक्षिक अर्हता में बदलाव की जरूरत है। उनका कहना है कि प्रवक्ता गणित पद पर चयन की अर्हता का सही निर्धारण किए जाने की जरूरत है। आगामी भर्ती में प्रवक्ता गणित पद पर एमएससी अप्लाइड मैथमेटिक्स वालों को भी मौका मिले। 

विज्ञापन
UPSESSB: Candidates against recruitment from hundred years old rule
prayagraj news : UPSESSB - फोटो : prayagraj

विस्तार

माध्यम शिक्षा सेवा चयन बोर्ड जल्द ही प्रशिक्षक स्नातक शिक्षक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) के नए पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने जा रहा है। प्रवक्ता गणित के पर भर्ती के लिए आवेदन की तैयारी में बैठे अभ्यर्थियों ने मांग की है कि एमएससी अप्लाइड मैथेमेटिक्स के अभ्यर्थियों को भी भर्ती में शामिल होने का मौका मिले।

विज्ञापन



छात्रों का कहना है कि चयन बोर्ड उत्तर प्रदेश इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के तहत शिक्षकों की भर्ती करता है। इसमें बीच-बीच में संशोधन होते रहे हैं, इसके बावजूद व्यापक पैमाने पर विसंगतियां हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि एक तरफ प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की जा रही है तो दूसरी ओर शिक्षकों का चयन सौ साल पुराने नियमों के आधार पर किया जा रहा है।
विज्ञापन



प्रतियोगी छात्र आलोक कुमार और उनके साथियों ने मांग की है कि नए विज्ञापन से पहले तमाम विषयों में शैक्षिक अर्हता में बदलाव की जरूरत है। उनका कहना है कि प्रवक्ता गणित पद पर चयन की अर्हता का सही निर्धारण किए जाने की जरूरत है। आगामी भर्ती में प्रवक्ता गणित पद पर एमएससी अप्लाइड मैथमेटिक्स वालों को भी मौका मिले। 
विज्ञापन
विज्ञापन



प्रवक्ता गणित के लिए शैक्षिक अर्हता एमए, एमएससी गणित के साथ त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम सहित बीए (आनर्स) अथवा बीएससी (आनर्स) रखी गई है। माध्यमिक विद्यालयों में गणित प्रवक्ता के लिए यह शैक्षिक योग्यता तब रखी गई थी, जब इंटर कॉलेजों में गणित पढ़ाने के लिए अभ्यर्थी नहीं मिलते थे। तब गिनती के लोग ही एमएससी गणित करते थे। बदलते दौर में जब एमएससी-पीएचडी और उच्च शिक्षा वाले अभ्यर्थी उपलब्ध हैं तो शिक्षकों की अर्हता में बदलाव भी जरूरी है। इसी तरह अन्य तमाम विषयों माइक्रोबायोलॉजी, जीव विज्ञान आदि से से डिग्री लेने वाले अभ्यर्थी भी शैक्षिक अर्हता में बदलाव की मांग कर रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed