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यूपीपीएससी अध्यक्ष प्रभात कुमार सेवानिवृत्त, डॉ. रामजी मौर्य को मिला प्रभार
Sun, 18 Apr 2021 01:40 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 18 Apr 2021 01:40 AM IST
सार
- दो वर्ष से कम कार्यकाल में 22,870 नौकरी दे विदा हुए प्रभात कुमार
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यूपीपीएससी के अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार एक वर्ष नौ महीने के कार्यकाल के बाद शनिवार को सेवानिवृत्त हो गए। आयोग के वरिष्ठ सदस्य डॉ. रामजी मौर्य को नए अध्यक्ष के आने तक प्रभार सौंपा गया है। डॉ. रामजी मौर्य ने प्रभारी अध्यक्ष का पद ग्रहण कर लिया। शनिवार को डॉ. प्रभात कुमार को आयोग के सचिव जगदीश, पुष्कर श्रीवास्तव एवं सभी सदस्यों ने विदाई दी।
दो जुलाई 2019 को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष का पद ग्रहण करने वाले प्रभात कुमार ने अपने कार्यकाल में कुल 22,870 पदों पर युवाओं को चयन किया। उनके दो वर्ष से भी कम समय के कार्यकाल में पीसीएस परीक्षाओं के कैलेंडर को नियमित करने के साथ 2020 तक के परिणाम घोषित किए गए। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के निवर्तमान अध्यक्ष के कार्यकाल में 1900 इंटरव्यू बोर्ड गठित हुए, इन बोर्डों में कुल 3.75 लाख अभ्यर्थी साक्षात्कार में शामिल हुए। इस दौरान पीसीएस 2017, 2018, 2019 एवं 2020 की चयन प्रक्रिया पूरी हुई।
इसके अलावा उन्होंने आरओ, एआरओ 2016 की सबसे विवादित परीक्षा पूरी कराई। डॉ. प्रभात ने एलटी ग्रेड परीक्षा के विवाद का अंत करने के साथ परिणाम भी घोषित किए। उनके कार्यकाल में पीसीएस साक्षात्कार 200 की बजाय 100 अंक का किया गया। उनके कार्यकाल में ही सफल अभ्यर्थियों को उन परीक्षाओं से दावा वापस लेने की अपील की गई, जो उसी परीक्षा में दोबारा शामिल हुए थे। इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। आयोग में साक्षात्कार दो पाली में कराने का निर्णय लिया। किसी अभ्यर्थी की ओर से आवेदन में गलत सूचना देने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय भी उनके कार्यकाल में लिया गया।
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दो जुलाई 2019 को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष का पद ग्रहण करने वाले प्रभात कुमार ने अपने कार्यकाल में कुल 22,870 पदों पर युवाओं को चयन किया। उनके दो वर्ष से भी कम समय के कार्यकाल में पीसीएस परीक्षाओं के कैलेंडर को नियमित करने के साथ 2020 तक के परिणाम घोषित किए गए। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के निवर्तमान अध्यक्ष के कार्यकाल में 1900 इंटरव्यू बोर्ड गठित हुए, इन बोर्डों में कुल 3.75 लाख अभ्यर्थी साक्षात्कार में शामिल हुए। इस दौरान पीसीएस 2017, 2018, 2019 एवं 2020 की चयन प्रक्रिया पूरी हुई।
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इसके अलावा उन्होंने आरओ, एआरओ 2016 की सबसे विवादित परीक्षा पूरी कराई। डॉ. प्रभात ने एलटी ग्रेड परीक्षा के विवाद का अंत करने के साथ परिणाम भी घोषित किए। उनके कार्यकाल में पीसीएस साक्षात्कार 200 की बजाय 100 अंक का किया गया। उनके कार्यकाल में ही सफल अभ्यर्थियों को उन परीक्षाओं से दावा वापस लेने की अपील की गई, जो उसी परीक्षा में दोबारा शामिल हुए थे। इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। आयोग में साक्षात्कार दो पाली में कराने का निर्णय लिया। किसी अभ्यर्थी की ओर से आवेदन में गलत सूचना देने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय भी उनके कार्यकाल में लिया गया।
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