फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   UPPSC: Commission surrounded by changing results again and again, questions are being raised on the methodology

यूपीपीएससी : बार-बार परिणाम बदलने से घिरा आयोग, कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

Sat, 24 Jul 2021 09:58 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 24 Jul 2021 09:58 PM IST
सार

  • पिछली तीन पीसीएस परीक्षाओं में दो परीक्षाओं के रिजल्ट में हो चुका है संशोधन
  • परिणाम संशोधन के बाद कई सफल अभ्यर्थियों को छांटकर कर किया गया बाहर

विज्ञापन
UPPSC: Commission surrounded by changing results again and again, questions are being raised on the methodology
UPPSC - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पीसीएस परीक्षाओं के परिणाम लगातार संशोधित होने से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आयोग को पिछली तीन परीक्षाओं के दौरान दो परीक्षाओं के परिणाम विभिन्न कारणों से तीन बार संशोधित करने पड़े और हर बाद संशोधित परिणाम जारी होने के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी छंटकर बाहर हो गए।
विज्ञापन


पीसीएस-2018 की परीक्षा में क्षैतिज आरक्षण के मसले पर हाईकोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी किया था और इसमें दूसरे राज्यों की 160 महिला अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया था। पीसीएस-2018 में ही आयोग को प्रधानाचार्य पद का संशोधित परिणाम जारी करना पड़ा, जिसमें 14 अभ्यर्थियों का चयन निरस्त करते हुए उनकी जगह अन्य 14 अभ्यर्थियों को चयनित किया गया है। इसके अलावा आयोग ने पीसीएस-2020 की प्रारंभिक परीक्षा का भी परिणाम संशोधित किया था। 
विज्ञापन


परिणाम संशोधित होने के कारण 1131 अभ्यर्थी छंटकर बाहर हो गए थे। विज्ञापन और आवेदन में अर्हता के क्रम में अंतर आने से यूपीपीएससी को संशोधित परिणाम जारी करना पड़ा था। इसके तहत सीडीपीओ और श्रम प्रवर्तन अधिकारी पद का रिजल्ट निरस्त करते हुए नया परिणाम जारी किया गया था। प्रतियोगी छात्रों का अरोप है कि प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा के परिणाम को लेकर आयोग गंभी नहीं है और नतीजा कि पिछली तीन परीक्षाओं में दो परीक्षा के परिणाम तीन बाद संशोधित किए गए। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने आयोग के अध्यक्ष से मांग की है कि इन गलतियों के लिए दोषियों को चिह्नित किया जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed