UPPSC : अभ्यर्थियों ने आयोग को दिए पेपर लीक के साक्ष्य, आरओ-एआरओ परीक्षा निरस्त करने की मांग
अभ्यर्थियों की ओर से दिए गए साक्ष्य में व्हाट्सएप चैट और वायरल किए गए दोनाें पालियों के पेपर शामिल हैं। अगर उन्हें सही माना जाए ताे पहली और दूसरी पाली का पेपर परीक्षा शुरू होने से एक-एक घंटे पहले लीक हो गया था।
विस्तार
समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी भर्ती-2023 की प्रारंभिक परीक्षा में पेपर लीक प्रकरण में अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को साक्ष्य उपलब्ध कराने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को भी आयोग में छात्रों ने धरना-प्रदर्शन किया।
अभ्यर्थियों की ओर से दिए गए साक्ष्य में व्हाट्सएप चैट और वायरल किए गए दोनाें पालियों के पेपर शामिल हैं। अगर उन्हें सही माना जाए ताे पहली और दूसरी पाली का पेपर परीक्षा शुरू होने से एक-एक घंटे पहले लीक हो गया था।
परीक्षा में पूछे गए प्रश्न और वायरल किए गए पेपर में सवाल मेल खा रहे हैं। आयोग की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है। इसमें साक्ष्यों का भी परीक्षण होगा। आयोग ने अभ्यर्थियों से दो मार्च तक ईमेल आईडी पर साक्ष्य मांगे हैं। शनिवार को तमाम अभ्यर्थियों ने आयोग को पेपर लीक के साक्ष्य भेज दिए।
जांच में तेजी के लिए बनी सुपरविजन कमेटी
धरना-प्रदर्शन के दौरान आयोग के प्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों से ज्ञापन लिया और उनसे वार्ता की। एसटीएफ जांच के लिए शासन को संस्तुति भेज दी गई और सुपरविजन कमेटी बनाई गई है, जो जांच के बारे में प्रतिदिन अपडेट ले रही है। कमेटी उस आईपी एड्रेस तक जल्द ही पहुंच जाएगी, जहां से पेपर लीक होने की आशंका है। जांच, परीक्षा और फाइनल रिजल्ट की प्रक्रिया वर्ष भर के भीतर पूरी कर ली जाएगी। अभ्यर्थियों की ओर से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में कौशल सिंह, आशीष सिंह आदि मौजूद रहे।
यह हैं अभ्यर्थियों की मांगें
- आरओ/एआरओ के 411 पदों पर भर्ती के लिए 11 फरवरी को हुई प्रारंभिक परीक्षा निरस्त की जाए
- आरोपियों पर हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से पारित लोक परीक्षा विधेयक 2024 से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए
- अगर दोषी आयोग के कर्मचारी हैं तो उन्हें बर्खास्त किया जाए
- परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थियों की उपस्थिति में पैकेट खोले जाएं और समस्त गतिविधियों की वीडियो रिकॉर्डिंग हो
- अलग-अलग सीरीज की प्रश्न पुस्तिका में प्रश्नों के क्रम में फेरबदल की तरह प्रश्नों के वैकल्पिक उत्तरों के क्रम में भी फेरबदल किया जाए