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आरक्षण की गणना में गलती सुधारी, 26 नए अभ्यर्थियों का चयन
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UPHESC statistics officer's result
आयोग ने जारी किया सहायक सांख्यिकी अधिकारी का संशोधित रिजल्ट
‘ओ’ लेवल सर्टिफिकेट के चक्कर में बड़ी संख्या में खाली रह गए पद
प्रयागराज। आरक्षण की गणना में गलती के कारण सहायक सांख्यिकी के पद पर चयन से वंचित रह गए 26 अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इस गलती को सुधारते हुए संशोधित परिणाम जारी किया है और चयनितों की मुख्य सूची में 26 नए अभ्यर्थियों को भी शामिल कर लिया है।
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने अर्थ एवं संख्या प्रभाग, राज्य नियोजन संस्थान उत्तर प्रदेश के तहत सहायक सांख्यिकी अधिकारी के 373 पदों का अंतिम चयन परिणाम घोषित किया था। योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण आयोग ने 116 पदों पर ही अभ्यर्थियों का चयन किया था। 373 पदों में अनारक्षित के 157, ओबीसी के 137, एससी के 77 और एसटी के दो पद शामिल थे। अंतिम रूप से चयनित सभी 116 अभ्यर्थी अनारक्षित वर्ग के थे। अभ्यर्थियों ने अंतिम चयन परिणाम पर आपत्ति दर्ज कराई और आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार से व्यक्तिगत तौर पर मिलकर शिकायत की।
आयोग अध्यक्ष ने शिकायत के आधार पर पूरे परिणाम की समीक्षा कराई तो गड़बड़ी सामने आ गई। दरअसल, आरक्षण की गणना में ही गड़बड़ी कर दी गई थी। नए सिरे से समीक्षा की गई तो पाया गया कि अनारक्षित वर्ग में 116 नहीं, बल्कि 142 अभ्यर्थियों का अंतिम रूप से चयन होना चाहिए था। आयोग ने अपनी गलती सुधारते हुए संशोधित परिणाम जारी कर दिया है और चयनितों की मुख्य सूची में 26 नए अभ्यर्थियों को भी शामिल कर लिया है। सूत्रों का कहना है कि आरक्षण की गणना 373 पदों के आधार पर होनी थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और इसी वजह से आरक्षण निर्धारण में गड़बड़ी हो गई।
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हालांकि योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण अनारक्षित वर्ग के 15 पद अब भी खाली रह गए हैं। वहीं, ओबीसी के सभी 137, एससी वर्ग के 77 और एसटी वर्ग के दो पद के सापेक्ष भी कोई अर्ह अभ्यर्थी न मिलने के कारण ये पद खाली रह गए हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए आयोग ने पुनविर्ज्ञापन किए जाने की संस्तुति की है। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि जिस मानक का ‘ओ’ लेवल को जो सर्टिफिकेट मांगा गया था, अभ्यर्थियों की ओर दिए गए सर्टिफिकेट उस मानक के अनुरूप नहीं थे। ऐसे में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इंटरव्यू से पहले ही छंट गए। गौरतलब है कि सहायक सांख्यिकी अधिकारी के 373 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था और स्क्रीनिंग परीक्षा के बाद पदों से भी कम संख्या में केवल 340 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए अर्ह पाए गए थे।
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‘ओ’ लेवल सर्टिफिकेट के चक्कर में बड़ी संख्या में खाली रह गए पद
प्रयागराज। आरक्षण की गणना में गलती के कारण सहायक सांख्यिकी के पद पर चयन से वंचित रह गए 26 अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इस गलती को सुधारते हुए संशोधित परिणाम जारी किया है और चयनितों की मुख्य सूची में 26 नए अभ्यर्थियों को भी शामिल कर लिया है।
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने अर्थ एवं संख्या प्रभाग, राज्य नियोजन संस्थान उत्तर प्रदेश के तहत सहायक सांख्यिकी अधिकारी के 373 पदों का अंतिम चयन परिणाम घोषित किया था। योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण आयोग ने 116 पदों पर ही अभ्यर्थियों का चयन किया था। 373 पदों में अनारक्षित के 157, ओबीसी के 137, एससी के 77 और एसटी के दो पद शामिल थे। अंतिम रूप से चयनित सभी 116 अभ्यर्थी अनारक्षित वर्ग के थे। अभ्यर्थियों ने अंतिम चयन परिणाम पर आपत्ति दर्ज कराई और आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार से व्यक्तिगत तौर पर मिलकर शिकायत की।
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आयोग अध्यक्ष ने शिकायत के आधार पर पूरे परिणाम की समीक्षा कराई तो गड़बड़ी सामने आ गई। दरअसल, आरक्षण की गणना में ही गड़बड़ी कर दी गई थी। नए सिरे से समीक्षा की गई तो पाया गया कि अनारक्षित वर्ग में 116 नहीं, बल्कि 142 अभ्यर्थियों का अंतिम रूप से चयन होना चाहिए था। आयोग ने अपनी गलती सुधारते हुए संशोधित परिणाम जारी कर दिया है और चयनितों की मुख्य सूची में 26 नए अभ्यर्थियों को भी शामिल कर लिया है। सूत्रों का कहना है कि आरक्षण की गणना 373 पदों के आधार पर होनी थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और इसी वजह से आरक्षण निर्धारण में गड़बड़ी हो गई।
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हालांकि योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण अनारक्षित वर्ग के 15 पद अब भी खाली रह गए हैं। वहीं, ओबीसी के सभी 137, एससी वर्ग के 77 और एसटी वर्ग के दो पद के सापेक्ष भी कोई अर्ह अभ्यर्थी न मिलने के कारण ये पद खाली रह गए हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए आयोग ने पुनविर्ज्ञापन किए जाने की संस्तुति की है। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि जिस मानक का ‘ओ’ लेवल को जो सर्टिफिकेट मांगा गया था, अभ्यर्थियों की ओर दिए गए सर्टिफिकेट उस मानक के अनुरूप नहीं थे। ऐसे में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इंटरव्यू से पहले ही छंट गए। गौरतलब है कि सहायक सांख्यिकी अधिकारी के 373 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था और स्क्रीनिंग परीक्षा के बाद पदों से भी कम संख्या में केवल 340 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए अर्ह पाए गए थे।