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यूपी : वकील को फोन कर धमकाने वाले आईजी ने हाईकोर्ट में मानी गलती
Wed, 24 Nov 2021 10:07 PM IST
विनोद सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 24 Nov 2021 10:07 PM IST
सार
पुलिस विभाग के खिलाफ याचिका दाखिल करने पर वकील को धमकाया था
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गलती न दोहराने की दी नसीहत। आईजी ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर धमकी देने की वकील की शिकायत को सही माना। याची के अधिवक्ता बीएन सिंह राठौर ने कोर्ट को बताया कि 22 अक्तूबर को आईजी ने अपने सीयूजी नंबर से उन्हें फोन कर कहा कि विभाग के खिलाफ क्यों और कैसे याचिका दाखिल की है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पुलिस विभाग के खिलाफ याचिका दाखिल करने वाले वकील को फोन पर धमकी देने के मामले में आईजी पूर्वी जोन पीएसी मुख्यालय प्रयागराज ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और दोबारा ऐसा नहीं करने का वादा किया है। आईजी ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर धमकी देने की वकील की शिकायत को सही माना। कोर्ट ने उनको फिर ऐसी गलती नहीं करने की नसीहत दी है।
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पांच सौ आरक्षियों के तबादले को लेकर दाखिल याचिका पर आईजी ने कोर्ट को बताया कि लगभग 500 से अधिक आरक्षियों के 15 नवंबर के आदेश से पहले जारी तबादला सूची के अमल पर रोक लगा दी गई है और इसकी जांच बैठाई गई है। इसके बाद कोर्ट ने सभी पीएसी आरक्षियों को नया आदेश जारी होने तक पद पर तैनात रहने और उन्हें वेतन भुगतान करने का निर्देश दिया है। प्रहलाद सिंह और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र की एकल पीठ ने सुनवाई की।
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याची के अधिवक्ता बीएन सिंह राठौर ने कोर्ट को बताया कि 22 अक्तूबर को आईजी ने अपने सीयूजी नंबर से उन्हें फोन कर कहा कि विभाग के खिलाफ क्यों और कैसे याचिका दाखिल की है। अधिवक्ता ने फोन कॉल रिकॉर्ड कर ली। इसे कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया और आईजी से तथ्य की जांच कर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया तथा तब तक याचियों को कार्यमुक्त करने पर रोक लगा दी। इसके बाद आईजी ने हलफनामा दाखिल कर गलती भविष्य में न दोहराने का आश्वासन दिया। कोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी है।
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