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हाईकोर्ट : मुख्तार अंसारी की याचिका पर यूपी सरकार से जवाब तलब
Tue, 26 Oct 2021 12:13 AM IST
विनोद सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 26 Oct 2021 12:13 AM IST
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मुख्तार अंसारी
- फोटो : amar ujala
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माफिया मुख्तार अंसारी की बांदा जिला जेल में गिरोहबंद कानून के तहत निरुद्धि की वैधता की चुनौती याचिका पर राज्य सरकार से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है। अंसारी ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाने में दर्ज मामले में नजरबंदी को अवैध करार देते हुए कोर्ट में पेश किए जाने की गुहार लगाई है।
यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने मुख्तार अंसारी की याचिका पर दिया है। राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी का कहना था कि याचिका पोषणीय नहीं है। जबकि याची के अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय का कहना था कि पोषणीय है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के गौतम नौलखा केस का हवाला दिया। इसपर कोर्ट ने कहा कि प्रकरण विचारणीय है और राज्य सरकार को याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी।
जिलाधिकारी गाजीपुर मंगला प्रसाद सिंह को अवमानना नोटिस
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगला प्रसाद सिंह जिलाधिकारी गाजीपुर को अवमानना नोटिस जारी कर एक माह में जवाब मांगा है और कोर्ट के आदेश का पालन करने का अवसर दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया जिलाधिकारी के खिलाफ अवमानना का केस बनता है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने अफसान अंसारी की अवमानना याचिका पर दिया है।
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याचिका पर अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने बहस की। इनका कहना था कि शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की जांच कार्यवाही के दौरान लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था, जिसे हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर जांच के दौरान निलंबन को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है। इस आदेश का पालन नहीं करने पर यह अवमानना याचिका दायर की गई है। कोर्ट ने कहा कि हलफनामा दाखिल न करने पर कोर्ट तलब कर अवमानना आरोप निर्मित करेगी।
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यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने मुख्तार अंसारी की याचिका पर दिया है। राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी का कहना था कि याचिका पोषणीय नहीं है। जबकि याची के अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय का कहना था कि पोषणीय है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के गौतम नौलखा केस का हवाला दिया। इसपर कोर्ट ने कहा कि प्रकरण विचारणीय है और राज्य सरकार को याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी।
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जिलाधिकारी गाजीपुर मंगला प्रसाद सिंह को अवमानना नोटिस
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगला प्रसाद सिंह जिलाधिकारी गाजीपुर को अवमानना नोटिस जारी कर एक माह में जवाब मांगा है और कोर्ट के आदेश का पालन करने का अवसर दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया जिलाधिकारी के खिलाफ अवमानना का केस बनता है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने अफसान अंसारी की अवमानना याचिका पर दिया है।
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याचिका पर अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने बहस की। इनका कहना था कि शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की जांच कार्यवाही के दौरान लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था, जिसे हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर जांच के दौरान निलंबन को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है। इस आदेश का पालन नहीं करने पर यह अवमानना याचिका दायर की गई है। कोर्ट ने कहा कि हलफनामा दाखिल न करने पर कोर्ट तलब कर अवमानना आरोप निर्मित करेगी।