UP Board Exam : फर्जीवाड़े में केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक गिरफ्तार,फर्जीवाड़ा करने का आरोप
उतरांव में यूपी बोर्ड परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में शुक्रवार को एक केंद्र के व्यवस्थापक व कक्ष निरीक्षक गिरफ्तार कर लिए गए। आरोप है कि कला वर्ग का होने के बाद भी कक्ष निरीक्षक ने गलत नीयत से परिचय पत्र में खुद को विज्ञान वर्ग का बताया।
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उतरांव में यूपी बोर्ड परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में शुक्रवार को एक केंद्र के व्यवस्थापक व कक्ष निरीक्षक गिरफ्तार कर लिए गए। आरोप है कि कला वर्ग का होने के बाद भी कक्ष निरीक्षक ने गलत नीयत से परिचय पत्र में खुद को विज्ञान वर्ग का बताया। इसे परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ मानते हुए दोनों पर परीक्षा से जुड़े अफसरों ने एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए उतरांव के लल्ला सिंह इंटर कॉलेज भदवा को भी केंद्र बनाया गया था। सुबह की पाली में यहां हाईस्कूल अंग्रेजी विषय की परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान बोर्ड उप सचिव सीएल चौरसिया पहुंचे और कक्ष निरीक्षकों के परिचय पत्र की जांच करने लगे।
उन्होंने बताया कि इस दौरान एक कक्ष निरीक्षक विषय बदलकर ड्यूटी करते पकड़े गए। आरोप है कि कक्ष निरीक्षक राजीव सिंह के परिचय पत्र में पढ़ाने का विषय जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान व रसायन विज्ञान अंकित था। जबकि सख्ती से पूछताछ में उन्होंने लिखित में स्वीकार किया कि उन्होंने स्नातक हिंदी, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान जबकि परास्नातक राजनीति विज्ञान से किया।
आरोप है कि नियमविरुद्ध तरीके से उनकी ड्यूटी लगाने में केंद्र व्यवस्थापक/ प्रधानाचार्य दिनेश कुमार सिंह की पूर्ण संलिप्तता है। थानाध्यक्ष उतरांव पंकज त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले में वाहय केंद्र व्यवस्थापक लक्ष्मीकांत त्रिपाठी की तहरीर पर केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में स्टैटिक मजिस्ट्रेट अनंत बहादुर से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल बंद मिला।
1.93 लाख ने छोड़ी यूपी बोर्ड की परीक्षा, पकड़े गए सात फर्जी परीक्षार्थी
यूपी बोर्ड हाईस्कूल अंग्रेजी एवं सुरक्षा तथा इंटरमीडिएट के अलग-अलग विषयों की शुक्रवार को हुई परीक्षा में कुल 1,93,848 छात्र-छात्राएं अनुपस्थित रहे। परीक्षा में सात फर्जी परीक्षार्थी भी पकड़े गए। कुल 25 लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखाई गई है। एक दिन में फर्जी परीक्षार्थियों के पकड़े जाने तथा एफआईआर लिखाने की यह सबसे बड़ी संख्या है।
सुबह की पाली में हाईस्कूल की अंग्रेजी की परीक्षा में 26,41,426 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इनके अलावा इंटरमीडिएट के विषय कंप्यूटर, शस्य विज्ञान, कृषि वनस्पति विज्ञान (द्वितीय प्रश्नपत्र), कृषि अर्थशास्त्र (सप्तम प्रश्नपत्र) की परीक्षा में 45,212 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इस तरह से प्रथम पाली में कुल 2686638 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे लेकिन इनमें से 2492791 ही उपस्थित हुए। 193847 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी। इनमें ज्यादातर विद्यार्थी हाईस्कूल अंग्रेजी के रहे।
वहीं, दूसरी पाली में हाईस्कूल की सुरक्षा विषय में 46 एवं इंटरमीडिएट के मानव विज्ञान के लिए 24 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से एक विद्यार्थी अनुपस्थित रहा। इस तरह से दोनों पालियों में कुल पंजीकृत 26,86,708 में से 2492860 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी। परीक्षा के दौरान कुल सात फर्जी परीक्षार्थी भी पकड़े गए। एक दिन में पकड़े गए फर्जी परीक्षार्थियों की यह सबसे बड़ी संख्या है। इनमें से एटा में तीन, मुरादाबाद में दो तथा आजमगढ़ एवं कानपुर में एक-एक फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया।
इनके अलावा नकल कराने के आरोप में एक कक्ष निरीक्षक तीन केंद्र व्यवस्थापक तथा 14 अन्य के खिलाफ भी एफआईआर लिखाई गई है। इनमें से प्रयागराज में एक-एक केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक एवं आंतरिक सचल दल के खिलाफ एफआईआर लिखाई गई है। वहीं हरदोई में एसटीएफ ने दो केंद्र व्यवस्थापकों एवं 14 अन्य के खिलाफ एफआईआर लिखाई है।
इस तरह से शुक्रवार को कुल 25 के खिलाफ एफआईआर लिखाई गई जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। बोर्ड से प्राप्त सूचना के अनुसार अब तक 84 लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखाई जा चुकी है।
दोनों पालियों की परीक्षा में झांसी, मेरठ, हरदोई और बागपत में एक-एक यानि, कुल चार परीक्षार्थी नकल करते भी पकड़े गए। इनमें तीन छात्र शामिल हैं।