फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Umesh Pal murder case: STF trying to find out who is white-collar man with whom mafia was desperately seeking

उमेश पाल हत्याकांड : प्रयागराज का कौन है सफेदपोश जिससे माफिया अतीक मांग रहा था मदद की भीख, एसटीएफ खोज में लगी

Wed, 15 Mar 2023 10:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 15 Mar 2023 10:55 PM IST
सार

उमेश पाल की हत्या के बाद शुरु हुए पुलिस के एनकाउंटर से माफिया अतीक अहमद अहमद परेशान हो गया है। उसने प्रयागराज के एक सफेदपोश नेता को फोन कर मदद की गुहार लगाई थी।

विज्ञापन
Umesh Pal murder case: STF trying to find out who is white-collar man with whom mafia was desperately seeking
Prayagraj News : अतीक अहमद। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उमेश पाल की हत्या के बाद शुरु हुए पुलिस के एनकाउंटर से माफिया अतीक अहमद अहमद परेशान हो गया है। उसने प्रयागराज के एक सफेदपोश नेता को फोन कर मदद की गुहार लगाई थी। इन दोनों के बीच क्या बात हुई इसका पता लगाने के लिए एसटीएफ की टीम जुटी है। सूत्रों की माने तो अतीक ने उस नेता को वीडियो कॉल कर करीब 100 बार फोन किया, लेकिन उसने फोन नहीं रिसीव किया। इसके बाद नार्मल कॉल पर बात हुई।

विज्ञापन


सूत्रों की मानें तो फोन रिसीव करने के कुछ देर बाद नेता ने फोन काट दिया। दूसरे तरफ से अतीक यह कहता रहा कि मेरा फोन क्यों नहीं उठा रहे हैं। एसटीएफ को प्रयागराज के तीन नेताओं पर शक है जो इस समय बेहद प्रभावशाली हैं। अतीक ने इन्हीं किसी तीन में से एक को फोन करके मदद की गुहार लगाई थी। 

विज्ञापन

24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या के बाद यूपी सरकार ने शूटरों की खोजबीन के लिए एसटीएफ की टीम लगा दी। अब तक दो शूटर मारे जा चुके हैं, जबकि कई शूटरों और मददगारों के घर पर बुलडोजर चलाया गया है। हत्याकांड के बाद पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद जेल में बंद माफिया डर गया है। उसने मदद के लिए अपने एक सफेदपोश नेता से मदद की गुहार लगाई। प्रयागराज में वर्तमान में कई प्रभावशाली नेता हैं जिनकी पकड़ सीधे सरकार तक है। इसमें से अतीक ने किसके पास फोन किया था इसका पता लगाया जा रहा है।

जेल से फोन करने पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि उमेश पाल की हत्या के बाद अतीक अहमद, अशरफ सहित इनके करीबियों को जेल में दी जा रही सहूलियत बंद कर तनहाई बैरक में डाल दिया गया है। यहां तक कि इनसे मुलाकात पर भी रोक लगा दी गई है। वकील से अगर मुलाकात भी कराई जाती है तो वहां पर पुलिस और एलआईयू को अधिकारी मौजूद रहते हैं। ऐसी दशा में माफिया मोबाइल का इस्तेमाल कैसे कर रहा है इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन

कहीं सफेदपोश के कहने पर तो नहीं रुक गया बुलडोजर

उमेश पाल की हत्या के बाद अतीक के करीबियों और मददगारों के मकान पर बुलडोजर चलने लगा। इसमें अतीक के शूटरों को असलहा और कारतूस सप्लाई करने वाले गन हाउस संचालक सफदर अली का चकिया में साठ फीट रोड पर आलीशान मकान ध्वस्त किया गया। इसके पहले चकिया के कसारी मसारी में स्थित मोहम्मद जफर का मकान जमींदोज किया गया। इसी मकान में शाइस्ता परवीन बच्चों के साथ रहती थी। इसके अलावा राजू पाल हत्याकांड के बाद से फरार चल रहे शूटर अब्दुल कवि का सरायअकिल कौशांबी के भखंदा गांव में स्थित मकान ध्वस्त किया गया।

होली के दो दिन पहले बुलडोजर की कार्रवाई को रोक दिया गया। अधिकारियों का कहना था कि होली बीत जाने के बाद गुड्डू मुस्लिम व अन्य आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलेगा, लेकिन होली बीतने के कई दिन बाद भी बुलडोजर नहीं चलाया गया। अब यह माना जा रहा है कि कहीं अतीक के फोन करने के बाद उस सफेदपोश नेता के कहने पर तो नहीं बुलडोजर रुक गया है। कई सवाल लोगों के जेहन में घूम रहे हैं, जिसका जवाब नहीं मिल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed