उमेश पाल अपहरण कांड : सजा के खिलाफ अतीक सहित अन्य की ओर से दाखिल हो सकती है अपील
उमेश पाल अपहरणकांड में निचली अदालत को फैसले को अगले हफ्ते हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। अतीक के अधिवक्ताओं द्वारा इसकी तैयारी की जा रही है। वे निचली अदालत के फैसले का अध्ययन कर रहे हैं।
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उमेश पाल अपहरणकांड में निचली अदालत को फैसले को अगले हफ्ते हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। अतीक के अधिवक्ताओं द्वारा इसकी तैयारी की जा रही है। वे निचली अदालत के फैसले का अध्ययन कर रहे हैं। उधर, उमेश पाल की ओर से बरी किए जाने वालों को सजा दिलाने की भी तैयारी चल रही है। दोनों ओर से अगले हफ्ते याचिका दाखिल हो सकती है।
सरकारी अधिवक्ताओं की ओर से भी इस मामले में शासन से सलाह ली जा रही है। अभियोजन पक्ष इस मामले में लगा है। जिला अदालत की एमपीएलएलए कोर्ट ने अतीक और दिनेश पासी को 364ए/34, 147 323/149, 341, 342, 506(2), सेवेन सीएलए एक्ट में और अधिवक्ता खान शौलत हनीफ को 364ए, 120बी में दोषी ठहराया है। सभी को उम्रकैद और 9300 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
इसके अलावा एक-एक लाख रुपये की क्षतिपूर्ति देने को भी कहा गया है। जबकि, इसी मामले में अशरफ के अलावा छह अन्य लोगों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। अब कोर्ट के आदेश के बाद तीनों पक्ष अपने-अपने लिए अपील दाखिल करने का आधार तैयार कर रहे हैं। अपील के लिए हाईकोर्ट के कई बड़े अधिवक्ताओं से भी संपर्क किया जा रहा है।