Umesh Pal Hatyakand: मारे गए शूटर से ज्यादा चर्चा में रही इंस्पेक्टर के हाथ की पट्टी, हैरान लोग कर रहे ये सवाल
एनकाउंटर के दौरान एक गोली धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश मौर्य के हाथ में लगी। इसके बाद पुलिस वालों ने भी उस पर फायर झोंक दिया। जवाबी फायरिंग में अरबाज वहीं गिर गया, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया। अरबाज और घायल इंस्पेक्टर राजेश मौर्य को तुरंत स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया गया, जहां डाक्टरों ने अरबाज को मृत घोषित कर दिया।
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प्रयागराज के नेहरू पार्क में अरबाज के एनकाउंटर के बाद इंस्पेक्टर के हाथ की प सोमवार को चर्चा का विषय बनी रही। दरअसल बताया यह गया था कि अरबाज की जब पुलिस ने घेरेबंदी की तो उसने फायरिंग की। फायरिंग में इंस्पेक्टर धूमनगंज राजेश मौके हाथ में गोली लगी। जवाबी फायरिंग में अरबाज को ढेर कर दिया गया।
घटना के बाद धूमनगंज इंस्पेक्टर अरबाज को अपनी जीप पर लादकर एसआरएन अस्पताल पहुंचे। उसे जीए से उतारा और इमरजेंसी तक ले गए। उस दौरान उनके हाथों में पट्टी बंधी थी। इसके बाद इंस्पेक्टर खुद भी एसआरएन अस्पताल में भर्ती हो गए। सवाल यह उठता है कि घटनास्थल से एसआरएन के बीच उनके हाथों में पट्टी कैसे बंध गई।
ऐसे हुआ अरबाज का एनकाउंटर
प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र के सुलेम सराय में नेहरू पार्क के पास सोमवार की दोपहर उमेश पाल हत्याकांड में शामिल अरबाज को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। उसका साथी मौके से फरार हो गया।
तीन दिन पहले विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की बदमाशों ने उनके घर के पास हत्या कर दी थी। मुठभेड़ के दौरान इंस्पेक्टर धूमनगंज घायल हो गए। अरबाज पर पुलिस कमिश्नर ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था।
सोमवार को उमेश पाल हत्याकांड में प्रयुक्त क्रेटा कार से शूटरों को घटनास्थल तक ले जाने वाले अरबाज के नेहरू पार्क के पास होने की जानकारी मिलने के बाद एसओजी और पुलिस टीम ने घेरेबंदी की। पुलिस से घिरने पर वह बाइक से अपने एक साथी के साथ भागने लगा। उसने पुलिस पर फायरिंग भी शुरू कर दी।
एक गोली इंस्पेक्टर राजेश मौर्य को लगी
एक गोली धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश मौर्य के हाथ में लगी। इसके बाद पुलिस वालों ने भी उस पर फायर झोंक दिया। जवाबी फायरिंग में अरबाज वहीं गिर गया, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया। अरबाज और घायल इंस्पेक्टर राजेश मौर्य को तुरंत स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया गया, जहां डाक्टरों ने अरबाज को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा और एडीसीपी आकाश कुलहरि समेत अन्य अधिकारी घटनास्थल के साथ-साथ अस्पताल भी गए और घायल इंस्पेक्टर का हालचाल लिया।
अतीक के बेहद खास लोगों में था अतीक
पूरामुफ्ती के सल्लाहपुर का रहने वाला अरबाज अतीक अहमद के बेहद खास लोगों में शामिल था। वह अतीक के दूसरे नंबर बेटे अली की गाड़ी चलाता था। अली के जेल जाने के बाद वह अहजम और अबान की गाड़ी चलाने लगा था। अरबाज दोनों बेटों की गाड़ी ड्राइविंग करने के साथ साथ सुरक्षा में भी खड़ा रहता था। अरबाज का पिता आफाक यही भूमिका अतीक के साथ निभाता था। पिता आफाक अतीक के बाहर रहने के दौरान साये की तरह उसके साथ चलता था। वह अतीक के साथ ही दिन रात रहता था। अरबाज के आपराधिक रिकार्ड को पता किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक घटना वाले दिन अरबाज न सिर्फ गाड़ी ड्राइव कर ले गया था, बल्कि उसने फायरिंग भी की थी। फिर वहां से शूटरों को लेकर चकिया तक आया था।
उमेश पाल हत्याकांड में शामिल 50 हजार के इनामी अरबाज को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। रमित शर्मा, पुलिस कमिश्नर प्रयागराज।