प्रयागराज : यमुना में नहाते समय डूबीं चचेरी बहनें, छोटे भाई को घाट पर मौजूद लोगों ने बचाया
नौढि़या तरहार निवासी रामकृष्ण द्विवेदी के दो पुत्र दिनेश उर्फ पप्पू द्विवेदी व अम्बीश उर्फ दीप द्विवेदी हैं। सोमवार को दिनेश की बेटी श्रेया उर्फ परी (16 वर्ष), बेटा कृष्णा (14 वर्ष) व अम्बीश की पुत्री जागृति उर्फ प्रिया (16 वर्ष) यमुना घाट पर सुबह करीब नौ बजे नहाने के लिए गईं थीं। नहाने के दौरान श्रेया व जागृति गहरे पानी में डूबने लगीं तो कृष्णा ने शोर मचाया।
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थाना क्षेत्र के अंतर्गत नौढि़या तरहार गांव में सोमवार सुबह यमुना नदी में नहाने गईं दो चचेरी बहनों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। उनको बचाने की कोशिश में डूब रहे छोटे भाई को घाट पर मौजूद लोगों ने बचा लिया। गांव वालों ने दोनों किशोरियों के शवों को नदी से बाहर निकाला। एक ही परिवार में दो मौतों से पूरे गांव में मातम छा गया। पुलिस ने पंचनामा कर दोनों किशोरियों के शव को परिजनों को सौंप दिया।
नौढि़या तरहार निवासी रामकृष्ण द्विवेदी के दो पुत्र दिनेश उर्फ पप्पू द्विवेदी व अम्बीश उर्फ दीप द्विवेदी हैं। सोमवार को दिनेश की बेटी श्रेया उर्फ परी (16 वर्ष), बेटा कृष्णा (14 वर्ष) व अम्बीश की पुत्री जागृति उर्फ प्रिया (16 वर्ष) यमुना घाट पर सुबह करीब नौ बजे नहाने के लिए गईं थीं। नहाने के दौरान श्रेया व जागृति गहरे पानी में डूबने लगीं तो कृष्णा ने शोर मचाया।
घाट पर मौजूद लोग वहां पहुंचे तो कृष्णा ने बहनों को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी लेकिन वह भी डूबने लगा। वहां मौजूद गांव के ही मौजी द्विवेदी व अन्य ने कृष्णा को बाहर निकाला। कुछ ही देर में सूचना पहुंचने पर गांव वाले भी पहुंच गए। गांव के मूरत रैदास, संजय व राजाराम सरोज के साथ रिश्तेदारी में आए राम अभिलाष निषाद निवासी मऊ नदी में उतरे और किशोरियों की तलाश शुरू की।
दो घंटे के बाद पानी से निकाला गया शव
एक किशोरी का शव पंद्रह मिनट में नदी से बाहर निकाला गया। वहीं दूसरी किशोरी का शव दो घंटे बाद नदी से बाहर निकाला जा सका। एक ही परिवार की दो किशोरियों की मौत से गांव में कोहराम मच गया। सूचना पर लालापुर पुलिस भी मौके पर पहुंची। दोनों किशोरियां हाईस्कूल की छात्राएं थीं। जागृति दो बहनों व एक भाई में सबसे बड़ी थी। वह यहां गांव में अपने बाबा के साथ रहती थी।
पिता अम्बीश रायपुर में प्राइवेट नौकरी करते हैं। वहीं श्रेया के पिता दिनेश दिल्ली में नौकरी करते हैं। श्रेया अपने भाई कृष्णा के साथ बारा में मां के साथ रहती थी। रविवार को श्रेया उसका भाई कृष्णा व मां नौढि़या तरहार आए थे। पुलिस ने पंचनामा कर दोनों किशोरियों के शव परिजनों को सौंप दिए। बेटियों की मौत की सूचना पर दोनों के पिता घर आने के लिए निकल चुके हैं।