कीडगंज बवाल : भाजपा विधायक के रिश्तेदार की हत्या में दो अन्य दरोगा सस्पेंड
30 दिसंबर को संदीप और विशाल पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। जिसमें उन दोनों के अलावा दो अन्य लोग भी घायल हो गए थे। देर रात इलाज के दौरान विशाल की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों व स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि मुख्य आरोपी विमलेश पांडेय पर शिकायतों के बाद भी सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
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कीडगंज में भाजपा विधायक के बहनोई संदीप उर्फ भोले गुप्ता पर फायरिंग व उनके भाई राजन उर्फ विशाल गुप्ता की हत्या के मामले में सोमवार को फिर बड़ी कार्रवाई हुई। भुक्तभोगी की दुकान पर पूर्व में हुई बमबाजी के मामले में लापरवाही के आरोप में दो अन्य दरोगाओं को सस्पेंड कर दिया गया। यह दोनों दरोगा पूर्व में नाका चौकी प्रभारी के पर तैनात रह चुके हैं। उधर हत्यारोपी आबकारी सिपाही विमलेश पांडेय समेत चारों नामजद आरोपियों का पुलिस पांचवें दिन भी सुराग नहीं हासिल कर सकी।
30 दिसंबर को संदीप और विशाल पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। जिसमें उन दोनों के अलावा दो अन्य लोग भी घायल हो गए थे। देर रात इलाज के दौरान विशाल की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों व स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि मुख्य आरोपी विमलेश पांडेय पर शिकायतों के बाद भी सख्त कार्रवाई नहीं की गई। 11 महीने पहले भी दुकान पर बम चलाए गए थे, लेकिन इस मामले में शक जताने के बावजूद विमलेश के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
चौकी प्रभारियों ने जांच की नहीं उठाई जहमत
पुलिस सूत्रों का कहना है कि परिजनों के आरोपों की बाबत जांच पड़ताल शुरू की गई तो पता चला कि इसी साल 23 जनवरी को हुई घटना की रिपोर्ट अगले दिन अज्ञात में दर्ज की गई थी। इसमें विवेचना के बाद पुलिस ने राहुल और मुकेश निवासी करछना को जेल भेजा था। जांच पड़ताल में यह बात सामने आई कि राहुल और मुकेश का भुक्तभोगी व्यापारी से सीधे कोई विवाद नहीं था। लेकिन पूर्व विवेचकों ने इस बात की जांच करने की जहमत नहीं उठाई कि उन्होंने बमबाजी क्यों की।
जांच हुई होती तो शायद यह साफ हो जाता कि बमबाजी की घटना किसके इशारे पर की गई। इसी को देखते हुए कार्य में लापरवाही के आरोप में नाका चौकी के दो पूर्व प्रभारियों पंकज भाष्कर और अमित कुमार सिंह को सस्पेंड कर दिया गया। उधर मुख्य आरोपी विमलेश पांडेय समेत चारों आरोपियों का पुलिस अब तक सुराग नहीं हासिल कर सकी है। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि आरोपियों की तलाश में एसओजी की टीमोंको भी लगाया गया है।
छात्रसंघ चुनाव लड़ चुका है एक आरोपी
पुलिस ने बताया कि एक आरोपी सतीश पांडेय छात्र नेता रहा है। वह एडीसी से छात्रसंघ चुनाव लड़ चुका है। उसके ससुर पुलिस विभाग में एसआई हैं। जबकि उसके पिता होमगार्ड हैं जिनकी तैनाती खीरी क्षेत्र में है। सतीश की तलाश में उसके कई करीबी रिश्तेदारों के घर दबिश दी गई, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। उधर दो अन्य आरोपियों अवनीश व संदीप का भी पुलिस सुराग नहीं हासिल कर सकी है। सोमवार शाम इस बात की भी चर्चा रही कि मुख्य आरोपी विमलेश सरेंडर करने की तैयारी में है, लेकिन पुलिस अफसरों ने इससे इनकार किया।
कीडगंज के व्यापारी की हत्या के विरोध में निकाला जुलूस
कीडगंज में व्यापारी राजन गुप्ता की हत्या के विरोध में व्यापारियों ने सोमवार को जुलूस निकाला। इस दौरान व्यापारियों ने कीडगंज क्षेत्र में जुलूस निकालकर नारेबाजी की। व्यापारियों ने कहा कि अगर 48 घंटे के अंदर घटना का खुलासा न हुआ तो काला दिवस मनाने के साथ कीडगंज बाजार बंद कर दिया जाएगा।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, कीडगंज उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले निकले जुलूस का नेतृत्व प्रदेश संगठन मंत्री रमेश केसरवानी ने किया। जुलूस निकाले जाने के दौरान व्यापारियों ने हत्यारों को फांसी दो, घटना का जल्द खुलासा करो, व्यापारी एकता जिंदाबाद आदि के नारे लगाए।
कीडगंज पुलिस बूथ से निकला जुलूस थाना वाली सड़क से होता हुआ वापस पुलिस बूथ तक आया। इस अवसर पर अमित कुमार केसरवानी, उपाध्यक्ष शिवजी केसरवानी, महामंत्री विजय केसरवानी, रमेश केसरवानी, प्रकाश केसरवानी, सोनू चौरसिया, आकिब जावेद ,सुशील आकाश, शोभित वर्मा, अनिल, अमित सिंह, बबलू रघुवंशी आदि मौजूद रहे।