महाकुंभ : स्नानार्थियों की मदद के लिए बनेंगे दो फ्लोटिंग रेस्क्यू स्टेशन, 25 स्कूटर बोट खरीदने की मंजूरी
फ्लोटिंग रेस्क्यू स्टेशन की व्यवस्था संगम और वीआईपी घाट पर होगी। यह फ्लोटिंग जेटी पर एक अस्थायी स्टेशन होगा। इसमें प्राथमिक उपचार के साथ-साथ आपात स्थिति में तुरंत बचाव कार्य शुरू करने से संबंधित उपकरणों की भी व्यवस्था होगी।
विस्तार
संगम में स्नान के दौरान हादसा होने पर हताहत व्यक्ति को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने में तनिक भी देरी खतरनाक भी हो सकती है। इसी के मद्देनजर इस बार महाकुंभ में स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए फुलप्रूफ तैयारी की गई है। इसके तहत ही नदी में दो फ्लोटिंग रेस्क्यू स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके साथ ही 18 लाख के हाईटेक उपकरणों की खरीद को उच्चस्तरीय कमेटी ने मंजूरी दे दी है।
फ्लोटिंग रेस्क्यू स्टेशन की व्यवस्था संगम और वीआईपी घाट पर होगी। यह फ्लोटिंग जेटी पर एक अस्थायी स्टेशन होगा। इसमें प्राथमिक उपचार के साथ-साथ आपात स्थिति में तुरंत बचाव कार्य शुरू करने से संबंधित उपकरणों की भी व्यवस्था होगी। स्नान के दौरान हादसा होने की दशा में संबंधित को सबसे पहले इन्हीं स्टेशनों पर ले जाया जाएगा और प्राथमिक उपचार देकर संभावित खतरे को टाला जाएगा।
इसके अलावा इन स्टेशनों की एक और खूबी यह होगी कि इनका इस्तेमाल मिनी कंट्रोल रूम की तरह भी किया जा सकेगा। यहां वायरलेस सेट समेत संचार के अन्य उपकरण भी उपलब्ध होंगे। महाकुंभ से जुड़े पुलिस अफसरों का मानना है कि फ्लोटिंग रेस्क्यू स्टेशन से आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के साथ स्नान के दौरान नदी में मॉनिटरिंग का स्तर भी बढ़ेगा।
इस बार आठ किमी लंबी डीप वाटर बैरिकेडिंग
संगम व आसपास के स्नान घाटों पर इस बार आठ किमी लंबी डीप वाटर बैरिकेडिंग बनाई जाएगी। इसमें करीब आठ लाख का खर्च आएगा, जबकि दो फ्लोटिंग रेस्क्यू स्टेशन का करीब 1.60 लाख आंका गया है। इसके अलावा 25 वाटर स्कूटर भी जल पुलिस और पीएसी फ्लड टीम को उपलब्ध कराए जाएंगे। पानी पर तेज गति से दौड़ने वाले इन स्कूटरों से सुरक्षाकर्मी बहुत जल्द एक से दूसरे स्थान पर पहुंच सकेंगे।
डीआईजी पूर्वी जोन पीएसी राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए लगभग 18 लाख के उपकरण खरीद को मंजूरी मिली है। उपकरणों को जल पुलिस व पीएसी के बेड़े में शामिल कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अंडर वाटर ड्रोन के साथ सोनार भी
- महाकुंभ के मद्देनजर जल पुलिस व पीएसी को उपलब्ध कराए जाने वाले उपकरणों में अंडर वाटर ड्रोन और सोनार भी शामिल है।
- सोनार रेडियो तरंगों के माध्यम से एक निश्चित दूरी पर पानी के नीचे मौजूद वस्तु या व्यक्ति का पता लगा लेगा।
- अंडर वाटर ड्रोन से पानी के नीचे की गतिविधि पर भी निगरानी की जा सकेगी। स्नान के दौरान नदी में हादसे की स्थिति में यह बेहद मददगार साबित होगा।
- चार अनाकोंडा मोटर बोट के अलावा 200 रस्सी युक्त थ्रो बैग व लकड़ी की 10 नावें भी महाकुंभ के लिए जल पुलिस व पीएसी फ्लड टीम को उपलब्ध कराई जाएंगी।