लेह लद्दाख से लौट रहे कोलकाता के पर्यटक की बुलेट लूटने वाले दो गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के कोलकाता के सूर्यसेन रोड के रहने वाले शशांक मजूमदार अपने एक साथी के साथ बुलेट से जम्मू कश्मीर और लेह-लद्दाख के भ्रमण के लिए निकले थे। दोनों अलग अलग बुलेट से थे।
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लेह लद्दाख से वापस लौट रहे पर्यटक शशांक मजूमदार का बुलेट लूटने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से बुलेट, पैकिंग बैग तथा अन्य सामान भी बरामद हो गया। 28 अगस्त को घटना वाली रात बदमाशों ने वकील और लेखपाल के साथ लूट की वारदातों को अंजाम दिया था। दोनों घटनाओं का भी खुलासा हो गया है। वकील के दोनों मोबाइल बरामद कर लिए गए। इस मामले में अभी तीन आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
पश्चिम बंगाल के कोलकाता के सूर्यसेन रोड के रहने वाले शशांक मजूमदार अपने एक साथी के साथ बुलेट से जम्मू कश्मीर और लेह-लद्दाख के भ्रमण के लिए निकले थे। दोनों अलग अलग बुलेट से थे। भ्रमण के बाद वे वापस लौट रहे थे। 28 अगस्त की रात शशांक बुलेट से थरवई पहुंचे। यहीं हाईवे पर तीन बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। शशांक को तमंचा सटाकर उनका बुलेट, मोबाइल और पर्स लूट लिया गया।
उनका पैकिंग बैग बुलेट पर ही बंधा था। बदमाश बुलेट से भाग निकले थे। घटना के समय शशांक के दोस्त पीछे थे। वह जब पहुंचे तो बदमाश भाग चुके थे। दोस्त के मोबाइल से पुलिस को सूचना दी गई। एफआईआर दर्ज कराने के बाद शशांक वापस कोलकाता चले गए थे। घटना के खुलासे में जुटी पुलिस को कुछ दिन एक सुराग मिला। बदमाशों ने लूट के बाद बुलेट झूंसी के शेरडीह के रहने वाले लालजी यादव के घर खड़ा कर दिया था। पुलिस लाल जी तक पहुंच गई। इसके बाद खुलासा हुआ कि घटना को विपिन पासी, आकाश यादव और महेंद्र उर्फ फुल्लर सरोज ने अंजाम दिया था।
लूटे गए सामानों को लाल जी यादव और राजेंद्र कुमार के यहां रखा गया था। पुलिस ने आज लालजी और विपिन को गिरफ्तार कर लिया। आकाश, महेंद्र और राजेंद्र की तलाश में दबिश दी जा रही है। उनके पास से बुलेट, पैकिंग बैग, तमंचा और तीन हजार भी बरामद हुआ है। इंस्पेक्टर कुशल पाल सिंह ने बताया कि बदमाशों ने उसी रात एक वकील और लेखपाल को भी लूटा था। वकील के दोनों मोबाइल और लेखपाल से लूटे गए रुपये बरामद हो गए हैं।
पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित सूर्यसेन रोड के रहने वाले शशांक प्राइवेट स्कूल में अध्यापक हैं। उन्हें घूमने का बहुत शौक है। वे अपने बुलेट से भारत के विभिन्न स्थानों का भ्रमण कर चुके हैं। बुलेट लूटे जाने के बाद वह काफी निराश थे। इंस्पेक्टर थरवई कुशलपाल सिंह ने बृहस्पतिवार को जब उनसे मोबाइल पर बुलेट मिलने की सूचना दी तो वह खुशी से चीख पड़े। उन्होंने कहा कि इस घटना से वह इतना दुखी थे कि अब कहीं भी न जाने की कसम खा लिए थे, लेकिन अब वह फिर भ्रमण करेंगे।