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गलत पैन तत्काल सही करा लें व्यापारी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 05 Aug 2016 02:01 AM IST
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पैन
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वाणिज्य कर विभाग में रजिस्टर्ड जिन व्यापारियों ने पैन सही नहीं कराया है, गुड्स एंड सर्विस टैक्स लागू होने पर उनके रजिस्ट्रेशन निरस्त हो जाएंगे, क्योंकि गलत पैन पर गुड्स एंड सर्विस टैक्स नंबर (जीएसटीएन) आवंटित नहीं होगा। आयकर विभाग की ओर से व्यापारियों के पैन गलत होने का खुलासा होने के बाद वाणिज्य कर कमिश्नर ने उसे सही कराने के लिए व्यापारियों को अवसर भी दिया लेकिन व्यापारी उसे लेकर गंभीर नहीं हैं। अब जबकि जीएसटी लागू होने का रास्ता साफ हो चुका है। ऐसे में व्यापारियों के पास पैन सही कराने का आखिरी मौका है।
जीएसटी लागू होने पर वाणिज्य कर विभाग में रजिस्टर्ड व्यापारियों को जीएसटीएन आवंटित किया जाना है। जीएसटीएन पैन के आधार पर ही आवंटित किए जाने हैं लेकिन विभाग में बड़ी संख्या ऐसे व्यापारियों की है, जिनके पैन गलत हैं। यह खुलासा विभाग की ओर से आयकर विभाग को भेजी गई व्यापारियों की सूची की जांच में हुआ था। आयकर विभाग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वाणिज्य कर विभाग की सूची में जो पैन लिखे हैं, उससे मिलान नहीं हो रहा है। इसके बाद वाणिज्य कर कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने जीएसटी के मद्देनजर व्यापारियों को तत्काल पैन ठीक कराने का आदेश जारी किया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार कल्याण समिति के संयोजक संतोष पनामा ने भी इसके लिए कमिश्नर से गुहार लगाई थी।
जिन व्यापारियों ने अब तक पैन सही कराया है, उन्हें जीएसटीएन नहीं मिलेगा, जिससे रजिस्ट्रेशन निरस्त हो जाएगा, जिससे कारोबार भी प्रभावित होगा। ऐसे में पनामा समेत कमिश्नर के आदेश के क्रम में स्थानीय अफसरों ने भी व्यापारियों से पैन की छायाप्रति के साथ तत्काल कार्यालय पहुंचकर उसे सही कराने को कहा है। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन केपी सिंह का कहना है कि पैन के साथ जिन व्यापारियों ने कारोबार में संशोधन के संबंध में आवेदन किए हैं, वह भी तत्काल काम करा लें। इसमें किसी तरह की दिक्कत आती है तो व्यापारी सीधे उनसे या ज्वाइंट कमिश्नर से संपर्क कर सकते हैं।
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जीएसटी लागू होने पर वाणिज्य कर विभाग में रजिस्टर्ड व्यापारियों को जीएसटीएन आवंटित किया जाना है। जीएसटीएन पैन के आधार पर ही आवंटित किए जाने हैं लेकिन विभाग में बड़ी संख्या ऐसे व्यापारियों की है, जिनके पैन गलत हैं। यह खुलासा विभाग की ओर से आयकर विभाग को भेजी गई व्यापारियों की सूची की जांच में हुआ था। आयकर विभाग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वाणिज्य कर विभाग की सूची में जो पैन लिखे हैं, उससे मिलान नहीं हो रहा है। इसके बाद वाणिज्य कर कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने जीएसटी के मद्देनजर व्यापारियों को तत्काल पैन ठीक कराने का आदेश जारी किया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार कल्याण समिति के संयोजक संतोष पनामा ने भी इसके लिए कमिश्नर से गुहार लगाई थी।
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जिन व्यापारियों ने अब तक पैन सही कराया है, उन्हें जीएसटीएन नहीं मिलेगा, जिससे रजिस्ट्रेशन निरस्त हो जाएगा, जिससे कारोबार भी प्रभावित होगा। ऐसे में पनामा समेत कमिश्नर के आदेश के क्रम में स्थानीय अफसरों ने भी व्यापारियों से पैन की छायाप्रति के साथ तत्काल कार्यालय पहुंचकर उसे सही कराने को कहा है। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन केपी सिंह का कहना है कि पैन के साथ जिन व्यापारियों ने कारोबार में संशोधन के संबंध में आवेदन किए हैं, वह भी तत्काल काम करा लें। इसमें किसी तरह की दिक्कत आती है तो व्यापारी सीधे उनसे या ज्वाइंट कमिश्नर से संपर्क कर सकते हैं।
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