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श्रम कानूनों के विरोध में उतरे ट्रेड यूनियन, प्रदर्शन
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कचहरी में मांगो को लेकर जुलूस के साथ ज्ञापन देने पहुंचे जिला ट्रेड यूनियन के कार्यकर्ता।
- फोटो : PRATAPGARH
श्रम कानूनों के विरोध में उतरे ट्रेड यूनियन, प्रदर्शन
न्यूनतम मजदूरी 4628 रुपये मासिक करने पर हैं नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। श्रम कानूनों के विरोध में शुक्रवार को ट्रेड यूनियनों ने प्रदर्शन कर श्रमिक कानून में हुए संशोधन का विरोध किया। ट्रेड यूनियन ने प्रदर्शन कर कहा कि केंद्र सरकार ने श्रम कानूनों के चार संहिताओं में परिवर्तन का प्रस्ताव पेशकर मजदूरों के हक पर डाका डाला है। ट्रेड यूनियन ने प्रधानमंत्री को संबोधित प्रभारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
बाबागंज स्थित पंजाब नेशनल बैंक के सामने एकत्रित ट्रेड यूनियन जिला ट्रेड यूनियन कौंसिल के अध्यक्ष हेमंत नंदन ओझा ने कहा कि मजदूरों की मासिक मजदूरी 4,628 रुपये करके मजदूरों के साथ धोखा किया है। कचहरी में साथियों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने 44 श्रम कानूनों के चार संहिताओं में परिवर्तित करने वाले बिल के खिलाफ प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जा रहा है। ट्रेड यूनियन के मंत्री नारेंद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा और सातवें वेतन आयोग में सिफारिशों की न्यूनतम मजदूरी की अनदेखी करके श्रम कानूनों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने सभी श्रम संगठनों को एकजुट होकर आंदोलन करने का आह्वान किया। इसके पूर्व एलआईसी में एकत्रित कर्मचारियों ने श्रम कानूनों का विरोध किया। इस मौके पर वीपी त्रिपाठी, रामबरन सिंह, स्वतंत्र कुमार तिवारी, महेशचंद्र सरोज, राजमणि पांडेय, केदारनाथ यादव, रामसमुझ मौर्य, नंदलाल प्रजापति प्रमुख रुप से मौजूद रहे।
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न्यूनतम मजदूरी 4628 रुपये मासिक करने पर हैं नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। श्रम कानूनों के विरोध में शुक्रवार को ट्रेड यूनियनों ने प्रदर्शन कर श्रमिक कानून में हुए संशोधन का विरोध किया। ट्रेड यूनियन ने प्रदर्शन कर कहा कि केंद्र सरकार ने श्रम कानूनों के चार संहिताओं में परिवर्तन का प्रस्ताव पेशकर मजदूरों के हक पर डाका डाला है। ट्रेड यूनियन ने प्रधानमंत्री को संबोधित प्रभारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
बाबागंज स्थित पंजाब नेशनल बैंक के सामने एकत्रित ट्रेड यूनियन जिला ट्रेड यूनियन कौंसिल के अध्यक्ष हेमंत नंदन ओझा ने कहा कि मजदूरों की मासिक मजदूरी 4,628 रुपये करके मजदूरों के साथ धोखा किया है। कचहरी में साथियों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने 44 श्रम कानूनों के चार संहिताओं में परिवर्तित करने वाले बिल के खिलाफ प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जा रहा है। ट्रेड यूनियन के मंत्री नारेंद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा और सातवें वेतन आयोग में सिफारिशों की न्यूनतम मजदूरी की अनदेखी करके श्रम कानूनों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने सभी श्रम संगठनों को एकजुट होकर आंदोलन करने का आह्वान किया। इसके पूर्व एलआईसी में एकत्रित कर्मचारियों ने श्रम कानूनों का विरोध किया। इस मौके पर वीपी त्रिपाठी, रामबरन सिंह, स्वतंत्र कुमार तिवारी, महेशचंद्र सरोज, राजमणि पांडेय, केदारनाथ यादव, रामसमुझ मौर्य, नंदलाल प्रजापति प्रमुख रुप से मौजूद रहे।
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