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जहरीली शराब प्रकरण: तीन वर्ष, नौ जिले, तकरीबन 200 मौतें, जांच अब तक लंबित

Fri, 26 Aug 2022 09:49 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 26 Aug 2022 09:49 AM IST
सार

जहरीली शराब के मामले में अलीगढ़ का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। यहां पर लगातार दस दिनों के भीतर 126 लोगों की मौत हो गई थी, जिसका दंश आज भी अपनों को खोने वाले परिवार झेल रहे हैं।

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Three years nine districts nearly 200 deaths investigation still pending
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उत्तर प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में साठ से अधिक अफसर शासन के रडार पर आ गए हैं। इन पर अलग-अलग जनपदों में हुए जहरीली शराब कांड के गुनाहों के धब्बे लगे हैं। इनमें आधा दर्जन से अधिक ऐसे अफसर हैं, जिन पर जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि हो चुकी है। ऐसे में उन पर किसी भी समय बर्खास्तगी की कार्रवाई  की जा सकती है।

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जहरीली शराब के मामले में अलीगढ़ का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। यहां पर लगातार दस दिनों के भीतर 126 लोगों की मौत हो गई थी, जिसका दंश आज भी अपनों को खोने वाले परिवार झेल रहे हैं। इसके बाद मजिस्ट्रेटी जांच बिठाई गई, जो 10 माह तक चली और 26 आबकारी व पुलिस विभाग के कर्मचारियों, अधिकारियों को दोषी पाया गया। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। इसके अलावा पिछले तीन वर्षों में आजमगढ़, फरीदाबाद, आगरा, रायबरेली, फतेहपुर, हाथरस, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में जहरीली शराब ने मौत का तांडव मचाया है। 
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वहीं अलीगढ़ में मौतों की संख्या भले ही 126 हो, मगर सरकारी रिकॉर्ड में कुल 87 मौतें हुई थी। इनमें से 35 मौतें जहरीली शराब से थीं, बाकी का बिसरा सुरक्षित है। खैर कार्रवाई को लेकर जब उत्तर प्रदेश आबकारी आयुक्त सेंथिल पांडियन सी से बात की गई तो उन्होंने इस संबंध में जानकारी न होने लेकिन संबंधित अधिकारियों से बात करके सही जानकारी देने की बात कही।

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लीपापोती में लगे कई आलाधिकारियों की भूमिका संदिग्ध 
जहरीली शराब कांड के बाद कई जिला आबकारी अधिकारी, इंस्पेक्टर, सिपाही जांच के दौरान दोषी पाए गए जिन्हें निलंबित कर दिया गया। इसके बावजूद कई आलाधिकारी जांच में लीपापोती करने से बाज नहीं आ रहे हैं। इन सभी अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। सूत्रों के मुताबिक इनमें से कई लोगों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

सरकारी रिकॉर्ड में कब और कितनी मौंतें
नवंबर 2020 में प्रयागराज में 7 मौतें, जिला आबकारी अधिकारी निलंबित, एक इंस्पेक्टर तथा एक सिपाही निलंबित,  27 मई 2021 से 5 सितंबर 2021 तक 126 मौतें, 26 आबकारी व पुलिस के कर्मचारी, अधिकारी दोषी, आगरा में अगस्त 2021 में 8 मौतें, आरोप पत्र देकर जिला आबकारी अधिकारी का कानपुर तबादला, इंस्पेक्टर व सिपाही निलंबित, फतेहपुर मई 2021 में चार मौतें, एक इंस्पेक्टर व एक सिपाही निलंबित किया गया।


इसी तरह हाथरस 2021 में छ: मौतें, एक इंस्पेक्टर व दो सिपाही निलंबित, प्रतापगढ़ में मार्च 2021 में चार मौतें, एक इंस्पेक्टर व एक सिपाही निलंबित, रायबरेली में जनवरी 2022 में छ: मौतें, जिला आबकारी अधिकारी, एक इंस्पेक्टर व दो सिपाही निलंबित, आजमगढ़ में फरवरी 2022 में तीन मौतें, एक इंस्पेक्टर, दो सिपाही निलंबित, फिरोजाबाद में चार मौतें, डीओ, इंस्पेक्टर व सिपाही निलंबित किया गया।



मुझे इस बारे में एडिशनल कमिश्नर से बात करनी पड़ेगी। कार्रवाई क्या हुई है, यह मैं बात करके ही बता पाऊंगा।-- सेंथिल पांडियन सी, आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश।

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