फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   There will be no registration if there is a difference in the name between the sale deed and Aadhaar card.

Prayagraj News: बैनामा और आधार में नाम का अंतर तो नहीं होगी रजिस्ट्री

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Feb 2026 01:33 AM IST
विज्ञापन
There will be no registration if there is a difference in the name between the sale deed and Aadhaar card.
अगर आपके आधार कार्ड और बनामे में नाम या स्पेलिंग का अंतर है तो रजिस्ट्री नहीं होगी। निबंधन विभाग ने सलाह दी है कि दोनों में जो भी गलत हो, उसे संशोधित करा लें। आधार के बायोमीट्रिक सत्यापन की व्यवस्था लागू होने के बाद इस तरह की समस्याएं लगातार सामने आ रहीं हैं।
विज्ञापन

वरिष्ठ नागरिकों के अंगूठे व अंगुलियों की लकीरें धुंधली हो जाने से आधार कार्ड का बायोमीट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा है। कई विक्रेताओं के आधार और संपत्ति के बैनामे की प्रति में नाम या स्पेलिंग का अंतर है। ऐसे में निबंधन विभाग के लिए यह तय कर पाना मुश्किल हो रहा है कि इनमें से किसे सही और किसे गलत माना जाए। इस वजह से भी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन

एक फरवरी (रविवार) से आधार की बायोमीट्रिक व्यवस्था लागू होने के बाद दो फरवरी को जब निबंधन कार्यालय खुला तो तकनीकी अड़चन के कारण पहले दिन ही 60 फीसदी से अधिक की राजस्व हानि हुई। तीन फरवरी को भी स्थिति में सुधार देखने को नहीं मिला और बड़ी संख्या में लोगों को रजिस्ट्री दफ्तर से हताश होकर खाली हाथ लौटना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब स्थिति में थोड़ा सुधार आया है और रजिस्ट्री की प्रक्रिया तेज हुई है, लेकिन आधार के बायोमीट्रिक सत्यापन से जुड़ी विभिन्न समस्याएं अब भी रजिस्ट्री में अड़चन बनी हुई हैं। एआईजी स्टांप राकेश चंद्रा का कहना है कि यदि खतौनी एवं आधार के नाम में अंतर है तो उसके लिए भी समय रहते जिस भी नाम में त्रुटि है उसे संशोधित करा लें और इसके बाद ही रजिस्ट्रेशन के लिए कार्यालय में पहुंचें।
पैन कार्ड होने के बावजूद फॉर्म-60 जमा करना अपराध
एआईजी स्टांप राकेश चंद्रा कहना है कि पैन कार्ड होने के बावजूद फॉर्म-60 जमा करना आयकर अधिनियम के तहत एक गंभीर अपराध माना जाता है। फॉर्म-60 केवल उन व्यक्तियों के लिए है जिनके पास पैन कार्ड नहीं है और वे उच्च-मूल्य का वित्तीय लेनदेन कर रहे हैं। गलत जानकारी देने (झूठा हलफनामा) के लिए आयकर विभाग धारा 277 के तहत मुकदमा चला सकता है। यदि अघोषित राशि 25 लाख रुपये से कम है तो तीन महीने से दो साल तक की कैद व जुर्माना हो सकता है। यदि राशि 25 लाख रुपये से अधिक है तो छह महीने से सात साल तक की कैद व जुर्माना हो सकता है। फॉर्म-60 भरने का मतलब है कि आप सरकार के समक्ष यह घोषित कर रहे हैं कि आपकी आय कर योग्य सीमा से कम है।

दो दिन में 1.42 करोड़ रुपये गिरा राजस्व
- प्रयागराज में संपत्तियों की रजिस्ट्री के दौरान राजस्व में एक करोड़ 42 लाख 72 हजार 490 रुपये की कमी आई है। छह फरवरी को आठ तहसीलों में स्थित नौ उप निबंधक कार्यालयों में हुए 272 बैनामों से जहां तीन करोड़ 46 लाख 79 हजार 910 रुपये की आय हुई थी, वहीं सात फरवरी को 275 बैनामों से दो करोड़ चार लाख सात हजार 420 रुपये की ही आय हुई।
तहसीलवार बैनामों का विवरण
तहसील - बैनामों की संख्या (छह फरवरी) - सात फरवरी
सदर 1 - 22 - 37
सदर 2 - 16 - 45
फूलपुर - 65 - 51
सोरांव - 35 - 40
करछना - 67 - 41
हंडिया - 11 - 28
बारा - 38 - 15
कोरांव - 03 - 06
मेजा - 15 - 12
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed