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प्रयागराज पुलिस का कारनामा : दुष्कर्म केस के गवाह को फर्जी तरीके से भेजा जेल, पोल खुली तो कोर्ट से कराया रिहा, जांच कमेटी गठित

Tue, 02 Nov 2021 02:04 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 02 Nov 2021 02:04 AM IST
सार

शहर के कर्नलगंज थाना क्षेत्र में 2019 में हुई थी घटना। दुष्कर्म मामले के गवाह को फर्जी तरीके से जेल भेजे जाने में दो इंस्पेक्टर व एक दरोगा की भूमिका संदिग्ध है। चर्चा है कि एसओजी में तैनात रहा इंस्पेक्टर दुष्कर्म के आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर का रिश्तेदार है।

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The witness of the rape case was sent to jail in a fake manner, if the poll was open, he got released from the court
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

विस्तार

अभी ज्यादा दिन बीते जब सांसद अतुल राय पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता ने खुद को व मुकदमे के गवाह को फर्जी मुकदमों में फंसाए जाने समेत तमाम आरोप लगाते हुए आत्मदाह कर लिया। इसके बावजूद पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया। प्रयागराज में भी एक ऐसा ही खेल हुआ। दुष्कर्म मामले के गवाह को फर्जी तरीके से जेल भेज दिया गया। मामला एक आला अफसर तक पहुंचा तो आननफानन में कोर्ट में रिपोर्ट भेजकर उसे रिहा भी करा दिया गया। फिलहाल इस मामले में जांच बिठा दी गई है। 

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2019 में कर्नलगंज में हुआ था केस
नवंबर 2019 में 25 वर्षीय युवती ने एक कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ कर्नलगंज थाने में दुष्कर्म, मारपीट, धमकी, गालीगलौज समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया। कई दिनों तक फरार रहने के बाद आखिरकार आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसी साल वह जमानत पर रिहा हो गया। खेल इसके बाद शुरू हुआ।
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दुष्कर्म मामले में पीड़िता का एक परिचित गवाह था। पुलिस ने इसी साल अगस्त में हंडिया थाने में दर्ज दुष्कर्म के एक मुकदमे में उसे जेल भेज दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस मुकदमे से गवाह का दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था। कर्नलगंज में केस दर्ज कराने वाली दुष्कर्म पीड़िता इस बात की शिकायत लेकर थाने व अफसरों के पास गई तो उसे भगा दिया गया।

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मामला आला अफसरों के संज्ञान में आने पर मचा हड़कंप
हारकर उसने एक आला अफसर से शिकायत की। मामला संज्ञान में आने के बाद अफसर ने पूछताछ शुरू की तो हड़कंप मच गया। जिसके बाद आननफानन में हंडिया पुलिस ने कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 169 के तहत रिपोर्ट भेजकर फर्जी तरीके से जेल भेजे गए गवाह को रिहा करा दिया। फिलहाल आला अफसर की ओर से इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। एसपी गंगापार को पूरे मामले की जांच कर जल्द रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया गया है।

दो इंस्पेक्टर, एक दरोगा की भूमिका संदिग्ध
दुष्कर्म मामले के गवाह को फर्जी तरीके से जेल भेजे जाने में दो इंस्पेक्टर व एक दरोगा की भूमिका संदिग्ध है। चर्चा है कि एसओजी में तैनात रहा इंस्पेक्टर दुष्कर्म के आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर का रिश्तेदार है। उसी ने दूसरे इंस्पेक्टर व एसओजी टीम में ही तैनात एक दरोगा के साथ मिलकर गवाह को फंसाने के लिए यह साजिश रची। जिसके तहत शहर से पकड़कर गवाह को हंडिया ले जाया गया और फिर उसे फर्जी तरीके से जेल भेज दिया गया। फिलहाल इस मामले में कोई कुछ ज्यादा बताने को तैयार नहीं है। लेकिन मामला खुलने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। 

प्रकरण हंडिया थाने से संबंधित है जिसकी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाएगी। - अभिषेक अग्रवाल, एसपी गंगापार
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