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रेलवे और प्रशासन की टीम ने साउथ मलाका के घरों में लगाए लाल निशान
Sat, 07 Nov 2020 01:13 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 07 Nov 2020 01:13 AM IST
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रामबाग रेलवे स्टेशन से प्रयागराज जंक्शन के बीच ट्रैक दोहरीकरण को लेकर पूर्वोत्तर रेलवे और जिला प्रशासन की टीम ने शुक्रवार को पैमाइश की। इस दौरान साउथ मलाका एवं आजाद नगर मोहल्ले में दोहरीकरण की जद में आने वाले तमाम मकानों पर लाल निशान लगाए गए। लाल निशान लगने के बाद मोहल्ले में हड़कंप मच गया। लोगों का कहना था कि उनके मकान फ्री होल्ड जमीन पर बने हैं। उसकी रजिस्ट्री भी है।
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दरअसल, पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा मंडुवाडीह (अब बनारस) से प्रयागराज जंक्शन तक रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण किया जाना है। इस दौरान दारागंज में गंगा पर एक नए पुल का भी निर्माण होना है। रामबाग स्टेशन से प्रयागराज जंक्शन के बीच आजाद नगर, साउथ मलाका में काफी मकान रेलवे लाइन के किनारे हैं। बताया जा रहा है दोहरीकरण के लिए रेलवे की टीम ने जिला प्रशासन से संपर्क किया।
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इस दौरान नायाब तहसीलदार अखिलेश कुमार, कानूनगो श्वेता सिंह एवं सदर तहसील से लेखपाल समेत कुछ कर्मचारियों के सहयोग से पूर्वोत्तर रेलवे की टीम ने दोहरीकरण के लिए निशान लगाने की कार्रवाई आरपीएफ रामबाग की मौजूदगी में शुरू की। उत्तर रेलवे की लखनऊ रेल लाइन को केंद्र मानकर दोहरीकरण के लिए पैमाइश की गई। रामबाग से जंक्शन के बीच लखनऊ रेल लाइन से न्यूनतम 55 फीट एवं अधिकतम 190 फीट तक दूर तक निशान लगाए गए। बताया जा रहा है कि अगर दोहरीकरण काम शुरू हुआ तो 200 से ज्यादा भवनों को आंशिक या पूर्ण रूप से ध्वस्त किया जा सकता है। हालांकि, इसके पूर्व रेलवे द्वारा पहले सभी भवन स्वामियों को नोटिस भेजा जाएगा।
उधर, पैमाइश के दौरान मोहल्ले वालों ने कहा कि उनका मकान फ्री होल्ड जमीन पर बना है। मकान की रजिस्ट्री भी है। ऐसे में रेलवे कैसे उनके मकान पर लाल निशान लगा सकता है। यहां एमके श्रीवास्तव, मनोज मिश्र, ननकू लाल, सीताराम आदि ने कहा कि रेलवे चाहे तो बिना किसी मकान को ध्वस्त किए बगैर दोहरीकरण कर सकता है। क्योंकि रामबाग से जंक्शन जाने वाली लाइन के बगल में काफी जमीन खाली है। जहां आराम से एक और ट्रैक बिछाया जा सकता है।
उधर, पैमाइश के दौरान मोहल्ले वालों ने कहा कि उनका मकान फ्री होल्ड जमीन पर बना है। मकान की रजिस्ट्री भी है। ऐसे में रेलवे कैसे उनके मकान पर लाल निशान लगा सकता है। यहां एमके श्रीवास्तव, मनोज मिश्र, ननकू लाल, सीताराम आदि ने कहा कि रेलवे चाहे तो बिना किसी मकान को ध्वस्त किए बगैर दोहरीकरण कर सकता है। क्योंकि रामबाग से जंक्शन जाने वाली लाइन के बगल में काफी जमीन खाली है। जहां आराम से एक और ट्रैक बिछाया जा सकता है।
- प्रशासन की टीम सिर्फ मानचित्र के आधार पर रेलवे अफसरों की पैमाइश के लिए मदद करने गई थी। रेलवे ही संबंधित लोगों को नोटिस देगा, जिन्होंने अवैध कब्जा कर निर्माण करवा रखे हैं। -अजय नारायण राय, एसडीएम सदर।
- आज पैमाइश का काम हुआ है। अब रेलवे द्वारा संबंधित लोगों को नोटिस दिए जाने की कार्रवाई होगी। नोटिस देने के बाद नियमानुसार लोगों को समय भी दिया जाएगा। अशोक कुमार, पीआरओ वाराणसी मंडल, पूर्वोत्तर रेलवे