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इनररिंग रोड से भी नहीं निकलेगा कछार में बाढ़ की समस्या का समाधान
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The problem of flood in Cachar will not come out from the inner road
प्रयागराज। पांच हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इनर रिंग रोड परियोजना गंगा-यमुना के कछारी इलाकों को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी। दोनों नदियों पर तीन स्थानों पर प्रस्तावित पुलों से बाढ़ के दिनों में शहर से अलग-थलग पड़ने वाले इलाके के लोगों की यातायात की समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा। केंद्र सरकार की दिलचस्पी के बाद इनर रिंग रोड परियोजना के जल्द स्वीकृत होने के आसार बने हैं। यह रिंग रोड शहर के बाहर से होकर गुजरेगी।
प्रयागराज बाईपास पर कौड़िहार के से यह इनर रिंग रोड अब तक शहर से कटे गंगा-यमुना के कछारी इलाके के लोगों को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी। कौड़िहार के पास कसारी गांव से इनर रिंग रोड का निर्माण आरंभ होगा। सल्लाहपुर से पुराने एनएच-2 से होकर, खुरेसर, दांदूपुर से इसे निकाला जाएगा। इसके बाद रिंग रोड को महुआरी और सरस्वती हाईटेक सिटी के बीच से होकर बख्शी गांव और संगम के आगे से अंदावा होते हुए सहसो के पास मिला दिया जाएगा।
इस पर करीब 700 मीटर लंबा एक पुल खुरेसर गांव के पास गंगा पर बनेगा। गंगा पर दूसरा पुल संगम से छह किमी आगे लवाइन कला गांव के पास प्रस्तावित है, जो ढाई किमी लंबा होगा। इसके अलावा यमुना नदी पर बख्शी मोढ़ा के पास भी 600 मीटर लंबा एक पुल बनाया जाना है। बख्शी मोढ़ा के पास पुल बनने से यमुना के कछारी इलाके के लोगों के लिए शहर का यातायात सुगम हो जाएगा। करीब 68 किमी लंबी यह रिंग रोड फोर लेन होगी। इसके लिए 60 मीटर चौड़ाई निर्धारित की गई है।
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इनर रिंग रोड परियोजना में कोई बांध निर्माण का प्रस्ताव शामिल नहीं है। यह शहर के बाहर से होकर गुजरेगी। इस रिंग रोड पर तीन स्थानों पर बनने वाले पुलों से गंगा-यमुना के बाढ़ ग्रस्त इलाकों के लोगों को यातायात में बड़ी सहूलियत मिल जाएगी। एके राय, परियोजना निदेशक, एनएचआई।
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प्रयागराज बाईपास पर कौड़िहार के से यह इनर रिंग रोड अब तक शहर से कटे गंगा-यमुना के कछारी इलाके के लोगों को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी। कौड़िहार के पास कसारी गांव से इनर रिंग रोड का निर्माण आरंभ होगा। सल्लाहपुर से पुराने एनएच-2 से होकर, खुरेसर, दांदूपुर से इसे निकाला जाएगा। इसके बाद रिंग रोड को महुआरी और सरस्वती हाईटेक सिटी के बीच से होकर बख्शी गांव और संगम के आगे से अंदावा होते हुए सहसो के पास मिला दिया जाएगा।
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इस पर करीब 700 मीटर लंबा एक पुल खुरेसर गांव के पास गंगा पर बनेगा। गंगा पर दूसरा पुल संगम से छह किमी आगे लवाइन कला गांव के पास प्रस्तावित है, जो ढाई किमी लंबा होगा। इसके अलावा यमुना नदी पर बख्शी मोढ़ा के पास भी 600 मीटर लंबा एक पुल बनाया जाना है। बख्शी मोढ़ा के पास पुल बनने से यमुना के कछारी इलाके के लोगों के लिए शहर का यातायात सुगम हो जाएगा। करीब 68 किमी लंबी यह रिंग रोड फोर लेन होगी। इसके लिए 60 मीटर चौड़ाई निर्धारित की गई है।
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इनर रिंग रोड परियोजना में कोई बांध निर्माण का प्रस्ताव शामिल नहीं है। यह शहर के बाहर से होकर गुजरेगी। इस रिंग रोड पर तीन स्थानों पर बनने वाले पुलों से गंगा-यमुना के बाढ़ ग्रस्त इलाकों के लोगों को यातायात में बड़ी सहूलियत मिल जाएगी। एके राय, परियोजना निदेशक, एनएचआई।