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नौटंकी को युवाओं तक पहुंचाने की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 13 May 2016 01:34 AM IST
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सांस्कृतिक कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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विनोद रस्तोगी स्मृति संस्थान रंगमंडल की ओर से विनोद रस्तोगी जी के जन्मदिन के अवसर पर बृहस्पतिवार को प्रेस क्लब सभागार में ‘नौटंकी परंपरा और प्रयोग’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गयी। जिसमें नौटंकी को कैसे आगे बढ़ाया जाये और नौटंकी से युवा वर्ग को जोड़ने को लेकर तमाम वरिष्ठ रंगकर्मियों ने अपने विचार रखे। वरिष्ठ रंगकर्मी और अमृत लाल नगर जी के नाती संदीपन विमलकांत ने कहा की लोगों की शैली लोक शैली है, नौटंकी को युवा वर्ग तक पहुँचाने की जरूरत है। आज हमारा युवा वर्ग नौटंकी की तरफ रुचि नहीं ले रहा है। कहा की, बगैर गुरु के सब कुछ बेकार है। हम सभी को मिलकर इस विधा को संजोना होगा।
वरिष्ठ रंगकर्मी सुमन कुमार ने कहा की नौटंकी को जीवित रखना जरूरी हो गया है। नौटंकी को मनोरंजक बनाने की जरूरत है। वरिष्ठ रंगकर्मी आत्मजीत सिंह ने कहा की कविता नागपाल, राज बिसारिया, बंसी काल का नौटंकी में बड़ा योगदान है। अपने अनुभव साझा करते हुए कहा की वह 1957 में पंजाब से लखनऊ आये और नौटंकी से जुड़े। 1973 में सीता का रोल किया। कहा की हर कला का सम्मान करना चाहिए और किसी का बहिष्कार नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही अनुपम आनंद, सुषमा शर्मा, श्रीमती विधु खरे, डॉ प्रदीप भटनागर ने भी अपने विचार रखे। संगोष्ठी की अध्यक्षता रामचंद्र गुप्ता और संचालन संस्थान अध्यक्ष अभिलाष नारायण ने की। इस मौके पर साजिदा जॉय, अजय मुखर्जी, महासचिव आलोक रस्तोगी, वी के शर्मा, अजय रंजन भौमिक आदि रहे।
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वरिष्ठ रंगकर्मी सुमन कुमार ने कहा की नौटंकी को जीवित रखना जरूरी हो गया है। नौटंकी को मनोरंजक बनाने की जरूरत है। वरिष्ठ रंगकर्मी आत्मजीत सिंह ने कहा की कविता नागपाल, राज बिसारिया, बंसी काल का नौटंकी में बड़ा योगदान है। अपने अनुभव साझा करते हुए कहा की वह 1957 में पंजाब से लखनऊ आये और नौटंकी से जुड़े। 1973 में सीता का रोल किया। कहा की हर कला का सम्मान करना चाहिए और किसी का बहिष्कार नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही अनुपम आनंद, सुषमा शर्मा, श्रीमती विधु खरे, डॉ प्रदीप भटनागर ने भी अपने विचार रखे। संगोष्ठी की अध्यक्षता रामचंद्र गुप्ता और संचालन संस्थान अध्यक्ष अभिलाष नारायण ने की। इस मौके पर साजिदा जॉय, अजय मुखर्जी, महासचिव आलोक रस्तोगी, वी के शर्मा, अजय रंजन भौमिक आदि रहे।
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