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NizamuddinCoronaVirusCase: प्रयागराज के मऊआइमा की थाने वाली मस्जिद से धार्मिक जलसे के लिए भेजी गई थी जमात

Tue, 31 Mar 2020 03:18 PM IST
news desk amar ujala, prayagraj Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Tue, 31 Mar 2020 03:18 PM IST
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The jamaat had gone from Mauaima for religious ceremonies
निजामुद्दीन मरकज - फोटो : Social Media
दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके के मरकज में धार्मिक जलसे में गए 11 लोगों को जांच के लिए रोके जाने के बाद यहां परिजनों में कोहराम मच गया है। इनमें नौ लोग मऊआइमा और तीन प्रतापगढ़ के मांधाता ब्लाक स्थित रामपुर बंतरी और गदाईपुर गांवों के निवासी हैं। कुछ लोग चार महीने से घर से निकले हैं तो कोई दो महीने से।


ये लोग मऊ आइमा की थानेवाली मस्जिद से जमात के साथ चार महीने के लिए पंजाब के जालंधर में आयोजित जलसे में हिस्सा लेने के लिए गए थे, लेकिन निजामुद्दीन कब और कैसे आ गए, इसे लेकर घरवाले भी परेशान हैं। फिलहाल ये सभी लोग जांच के लिए अभी दिल्ली में ही रोक लिए गए हैं। प्रशासन को उनके यहां आने का इंतजार है।
The jamaat had gone from Mauaima for religious ceremonies
निजामुद्दीन इलाके से जांच के लिए जाते लोग - फोटो : एएनआई
निजामुद्दीन के मरकज में विदेशी मौलानाओं केसाथ जलसे में हिस्सा लेने वालों में मऊआइमा के मोहम्मद मुसीब भी शामिल हैं। उनके पिता मुहम्मद मुगीश को जब से निजमामुद्दीन में उनके फंसे होने की जानकारी मिली है, तब से उनकी नींद उड़ गई है। चुनौटा कुआं के निवासी मुगीश के मुताबिक उनका बेटा एक जमात के साथ चार महीने पहले जालंधर गया था। तब से उससे उनका संपर्क कोम हो गया था।

उन्होंने बताया कि वापसी के दौरान वह निजामुद्दीन के जलसे में चला गया था। दरअसरल मऊआइमा की थानेवाली मस्जिद के मौलाना अब्दुल लतीफ इस इस जमात को लेकर जालंधर गए थे। लतीफ ने फोन पर बताया कि जमात उन्होंने बनाई थी। आठ लोगों में सलीम, शाद, मेहराजुद्दीन, वसीम, अब्दुल कादिर, शमीम भी शामिल थे।

इनके अलावा प्रतापगढ़ के तीन लोग आरिफ, हाजी सलीम और फैजुल कमर चिल्ला यानी 40 दिन तक चलने वाले जलसे में भेजे गए थे। मौलाना लतीफ ने बताया कि उनकी वापसी हो गई थी। 23 मार्च को ही वह निजामुद्दीन से लौटने वाले थे। टिकट भी सबका बुक करा दिया गया था, लेकिन लॉक डाउन की वजह से ट्रेनें निरस्त हो गईं और वे लोग वहीं फंस गए।
The jamaat had gone from Mauaima for religious ceremonies
Coronavirus Case Nizamuddin Delhi - फोटो : amar ujala
साद की बहन ने फोन पर बताया कि घर के लोग बहुत परेशान हैं। उनसे संपर्क तो हो गया है, लेकिन चिंता लगी है कि कहीं कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हो गई तो क्या होगा? इनसेट तो घर से मुंबई कमाने गए थे फैजुल रहमान प्रयागराज। दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में जमात केसाथ जलसे में शामिल होने वाले प्रतापगढ़ के मांधाता ब्लाक स्थित रामपुर बंतरी गांव के फैजुल रहमान के परिजन सहमे हुए हैं।

मंगलवार को उनके घर संपर्क करने पर उनके पुत्र मोहम्मद नौशाद ने बताया कि वह दो महीने पहले मुंबई कमाने के लिए गए थे। नौशाद ने बताया कि अब्बू का फोन खराब होने की वजह से वह उनसे संपर्क नहीं कर पा रहा था। सोमवार की शाम को दिल्ली से फोन पर जानकारी दी गई कि वह निजामुद्दीन में है। नौशाद का कहना है कि वह मुंबई से दिल्ली कब और किस वजह से गए, उसे नहीं पता है। 
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