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संकट में घिरे मजदूरों की सरकार ने ली सुध
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कोरोना संक्रमण के बीच लॉकडाउन में दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज मजदूरों के लिए खुशखबरी है। रोजी -रोटी छिनने से संकट में घिरे ऐसे मजदूरों की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सुध ली है। रोज कमाने खाने वाले मजदूरों की सूची तैयार करने के लिए कहा गया है, ताकि इस मुसीबत की घड़ी में उनको काम दिलाने के साथ ही राहत पहुंचाई जा सके।
लॉक डाउन के बाद कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां समूहों में पारंपरिक व्यवसायों पर आधारित मजदूर काम ठप होने से मुसीबत में घिर गए हैं। ऐसे मजूदरों में नाविकों के अलावा शादियों के सीजन में तीन महीने काम कर वर्ष भर गृहस्थी चलाने वाले बड़ी संख्या में कामगार शामिल हैं। इस बार कोरोना संक्रमण के दौरान लॉकडाउन की वजह से पूरे सीजन में पांच हजार से अधिक शादियों की बुकिंग निरस्त होने से इस क्षेत्र के व्यवसाय पर आधारित करीब एक लाख से अधिक मजदूर प्रभावित हुए हैं। इनमें साउंड बैंड, घोड़ा, बग्घी, रोड लाइट व मंडप सजाने वाले मालियों के अलावा हलवाई पेशे से जुड़े मजदूर शामिल हैं। इनके अलावा संगम पर नावों का संचालन कर गंगा पुजैया, अस्थि विसर्जन और त्रिवेणी दर्शन के साथ संगम स्नान कराने वाले नाविक परिवार भी नौका संचालन ठप होने से घर बैठे हुए हैं। इन मजदूरों की समस्या अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद योगी सरकार ने उनकी सुध ली है। सीएम केनिर्देश पर जिला प्रशासन ने अब इन मजदूरों के संगठनों से संपर्क कर उनकी सूची मांगी है। प्रयागराज लाइट एंड साउंड एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुजीत कुमार यादव ने बताया कि डीएम ने उनसे जिले भर में शादियों से जुड़े व्यवसाय पर आधारित मजदूरों की लिस्ट मांगी है। उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल तक सूची प्रशासन को सौंपने के लिए कहा गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष के अनुसार जिले भर में करीब एक लाख से अधिक श्रमिक इस व्यवसाय के ठप होने से रोटी के लिए परेशान हैं।
कोट
जिला प्रशासन ने नाविकों की सूची मांगी है। अब तक 1561 नाविकों की सूची तैयार की गई है। नौका संचालन करने वाले मल्लाहों को सूचीबद्ध कर जल्द ही प्रशासन को सौंप दिया जाएगा। पप्पू लाल निषाद, अध्यक्ष- जिला नाविक संघ।
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लॉक डाउन के बाद कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां समूहों में पारंपरिक व्यवसायों पर आधारित मजदूर काम ठप होने से मुसीबत में घिर गए हैं। ऐसे मजूदरों में नाविकों के अलावा शादियों के सीजन में तीन महीने काम कर वर्ष भर गृहस्थी चलाने वाले बड़ी संख्या में कामगार शामिल हैं। इस बार कोरोना संक्रमण के दौरान लॉकडाउन की वजह से पूरे सीजन में पांच हजार से अधिक शादियों की बुकिंग निरस्त होने से इस क्षेत्र के व्यवसाय पर आधारित करीब एक लाख से अधिक मजदूर प्रभावित हुए हैं। इनमें साउंड बैंड, घोड़ा, बग्घी, रोड लाइट व मंडप सजाने वाले मालियों के अलावा हलवाई पेशे से जुड़े मजदूर शामिल हैं। इनके अलावा संगम पर नावों का संचालन कर गंगा पुजैया, अस्थि विसर्जन और त्रिवेणी दर्शन के साथ संगम स्नान कराने वाले नाविक परिवार भी नौका संचालन ठप होने से घर बैठे हुए हैं। इन मजदूरों की समस्या अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद योगी सरकार ने उनकी सुध ली है। सीएम केनिर्देश पर जिला प्रशासन ने अब इन मजदूरों के संगठनों से संपर्क कर उनकी सूची मांगी है। प्रयागराज लाइट एंड साउंड एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुजीत कुमार यादव ने बताया कि डीएम ने उनसे जिले भर में शादियों से जुड़े व्यवसाय पर आधारित मजदूरों की लिस्ट मांगी है। उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल तक सूची प्रशासन को सौंपने के लिए कहा गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष के अनुसार जिले भर में करीब एक लाख से अधिक श्रमिक इस व्यवसाय के ठप होने से रोटी के लिए परेशान हैं।
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जिला प्रशासन ने नाविकों की सूची मांगी है। अब तक 1561 नाविकों की सूची तैयार की गई है। नौका संचालन करने वाले मल्लाहों को सूचीबद्ध कर जल्द ही प्रशासन को सौंप दिया जाएगा। पप्पू लाल निषाद, अध्यक्ष- जिला नाविक संघ।
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