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इविवि छात्रावास खाली कराने की अंतिम सीमा तय
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 28 Apr 2017 02:36 AM IST
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हाईकोर्ट ने इविवि के छात्रावासों को खाली कराने की अंतिम समय सीमा तय कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि 25 मई तक छात्रावासों को खाली करा दिया जाए। कोर्ट ने एसएसपी को निर्देश दिया है कि हॉस्टलों को खाली कराने के बाद 26 मई को इसे विश्वविद्यालय को सौंप दिया जाए। विश्वविद्यालय इसकी मरम्मत और रंगाई पुताई कराने के बाद छात्रों को आवंटित करे। कोर्ट ने कुलसचिव को कुलपति से परामर्श कर नए सिरे से नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।
जिन छात्रों ने समर हॉस्टल के लिए फीस जमा की है उनको समर हॉस्टल में आवंटन करने का निर्देश दिया है। छात्रावासों को खाली कराने के बाद 26 मई से 10 जून के बीच इसका काम पूरा करना होगा। मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति रेखा दीक्षित की पीठ ने कुलसचिव को इस तैयारियों के बाबत नौ मई को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
पीठ ने निर्देश दिया है कि हॉस्टलों को खाली कराने के बाद उनका व्हाइटवास, टॉयलेट की मरम्मत, वायरिंग दुरुस्त करना, मेस की सफाई आदि काम कराया जाएगा। सारे काम उसी तरह किए जाएंगे जैसे जीएन झा और एएन झा छात्रावास में किए गए हैं।
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कोर्ट ने एसएसपी को कुलपति, कुलसचिव और इस कार्य में लगे अन्य अध्यापकों की सुरक्षा का इंतजाम करने का भी निर्देश दिया है।
छात्रों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा ने मांग की थी कि छात्रावासों से सिर्फ अवैध छात्रों को हटाया जाए। पीजी कोर्स की तैयारी कर रहे छात्रों को रहने दिया जाए। कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया। छात्रों की मांग थी कि हास्टलों की मरम्मत और सफाई का काम उनको बाहर निकाले बिना ही किया जाए। अदालत इस पर सहमत नहीं थी और कहा कि हॉस्टलों को पूरी तरह से खाली कराने के बाद नए सिरे से आवंटन किया जाए। इविवि के अधिवक्ता उमेश नारायण शर्मा ने बताया कि सीपीडब्ल्यूडी को 60 लाख रुपये का ठेका दिया गया है। एक माह के भीतर हॉस्टलों का सभी काम पूरा हो जाएगा।
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जिन छात्रों ने समर हॉस्टल के लिए फीस जमा की है उनको समर हॉस्टल में आवंटन करने का निर्देश दिया है। छात्रावासों को खाली कराने के बाद 26 मई से 10 जून के बीच इसका काम पूरा करना होगा। मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति रेखा दीक्षित की पीठ ने कुलसचिव को इस तैयारियों के बाबत नौ मई को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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पीठ ने निर्देश दिया है कि हॉस्टलों को खाली कराने के बाद उनका व्हाइटवास, टॉयलेट की मरम्मत, वायरिंग दुरुस्त करना, मेस की सफाई आदि काम कराया जाएगा। सारे काम उसी तरह किए जाएंगे जैसे जीएन झा और एएन झा छात्रावास में किए गए हैं।
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कोर्ट ने एसएसपी को कुलपति, कुलसचिव और इस कार्य में लगे अन्य अध्यापकों की सुरक्षा का इंतजाम करने का भी निर्देश दिया है।
छात्रों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा ने मांग की थी कि छात्रावासों से सिर्फ अवैध छात्रों को हटाया जाए। पीजी कोर्स की तैयारी कर रहे छात्रों को रहने दिया जाए। कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया। छात्रों की मांग थी कि हास्टलों की मरम्मत और सफाई का काम उनको बाहर निकाले बिना ही किया जाए। अदालत इस पर सहमत नहीं थी और कहा कि हॉस्टलों को पूरी तरह से खाली कराने के बाद नए सिरे से आवंटन किया जाए। इविवि के अधिवक्ता उमेश नारायण शर्मा ने बताया कि सीपीडब्ल्यूडी को 60 लाख रुपये का ठेका दिया गया है। एक माह के भीतर हॉस्टलों का सभी काम पूरा हो जाएगा।