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शिकंजा : कोचिंग संचालकों की मनमानी पर लगेगी लगाम, अधिनियम बनाने के लिए कमेटी की हो चुकी पहली बैठक

Sat, 13 Apr 2024 04:28 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 13 Apr 2024 04:28 PM IST
सार

प्रदेश में कोचिंग के पंजीकरण या उनकी मनमानी पर नियंत्रण के लिए अब तक कोई नियम नहीं था। प्रतियोगियों का शोषण, आत्महत्या की बढ़ती घटनाएं और फीस को लेकर हो रहे विवाद को देखते हुए कोचिंग अधिनियम बनाने की पहल सबसे पहले राजस्थान में हुई थी।

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The arbitrariness of coaching operators will be curbed, the first meeting of the committee has been held to ma
कोचिंग। - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

कोचिंग संचालकों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए अधिनियम बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए पिछले दिनों उच्च शिक्षा के विशेष सचिव की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। कमेटी की पहली बैठक 10 अप्रैल को हो चुकी है। सदस्यों ने अधिनियम बनाने का काम शुरू कर दिया है। अगले कुछ महीने में यह तैयार हो जाएगा। इसमें कोचिंग संचालकों की भी राय ली जाएगी।

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प्रदेश में कोचिंग के पंजीकरण या उनकी मनमानी पर नियंत्रण के लिए अब तक कोई नियम नहीं था। प्रतियोगियों का शोषण, आत्महत्या की बढ़ती घटनाएं और फीस को लेकर हो रहे विवाद को देखते हुए कोचिंग अधिनियम बनाने की पहल सबसे पहले राजस्थान में हुई थी। उसके बाद हरियाणा में भी कोचिंग अधिनियम बनाया गया। शहर में सैकड़ों कोचिंग सेंटर हैं। कई कोचिंग तो गली-मोहल्ले में चलती हैं, लेकिन वहां पर आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं हैं।
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प्रवेश के समय जो बताया जाता है, बाद में काफी कुछ बदल जाता है। युवाओं के साथ छलावा भी होता है, इससे आत्महत्या के मामले बढ़े हैं। व्यवस्था पारदर्शी नहीं है। फीस वापसी के लिए अक्सर विवाद होते हैं। कई कोचिंग में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं और प्रवेश ले लिया जाता है। सरकार का नियंत्रण न होने से वह मनमानी करते हैं। कोचिंग का मानक के अनुसार पंजीकरण हो। इसलिए अधिनियम बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा के विशेष सचिव गिरिजेश त्यागी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है।

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कमेटी में माध्यमिक शिक्षा के संयुक्त निदेशक भगवती सिंह, उच्च शिक्षा के सहायक निदेशक बीएल शर्मा, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलसचिव, राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अपर सचिव और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी लखनऊ को सदस्य बनाया गया है। बुधवार को बैठक में समिति के अध्यक्ष गिरिजेश त्यागी ने सदस्यों से कहा कि अधिनियम ऐसा बने कि प्रतियोगियों का शोषण न हो। अगले महीने इसकी दूसरी बैठक हो सकती है। कोचिंग का पंजीकरण क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय में होगा। सदस्यों ने बताया कि सभी मानकों का पालन करने पर ही पंजीकरण होगा। पंजीकरण से पहले जांच के लिए जिले स्तर पर कमेटी भी बनेगी।

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