{"_id":"35d25c8ef1bae6b6924c06784cd0b8ac","slug":"ten-days-after-a-job-out-of-the-way-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस दिन नौकरी के बाद दिखाया बाहर का रास्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस दिन नौकरी के बाद दिखाया बाहर का रास्ता
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Tue, 03 Feb 2015 12:21 AM IST
विज्ञापन
टीईटी पास करने और आवेदन के चार वर्ष तक नौकरी का इंतजार करने के बाद नियुक्ति पत्र पाने वाले चार शिक्षकों की नौकरी बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मनमानी की भेंट चढ़ गई। परिषद की ओर से 72825 शिक्षकों की भर्ती के क्रम में प्रतापगढ़ जिले में शिक्षक भर्ती के चयनितों को 19 जनवरी को नियुक्ति पत्र जारी किया गया। इनमें से अधिकांश अभ्यर्थियों ने 21 जनवरी को अपने-अपने प्राथमिक विद्यालयों में रिपोर्ट करके नौकरी ज्वाइन कर ली। 10 दिन नौकरी करने के बाद नियुक्ति पत्र पाने वाले चार अभ्यर्थियों को बीएसए के यहां से पत्र भेजकर सूचना दी गई कि मेरिट तैयार करने में गड़बड़ी की वजह से उनको नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया था। अधिक मेरिट वाले अभ्यर्थी को उनका अभ्यर्थन निरस्त करके नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया है। बीएसए ने चार अभ्यर्थियों का अभ्यर्थन निरस्त करके नया नियुक्ति पत्र जारी किया है।
नौकरी से बाहर होने वाले राजेश कुमार मौर्य का कहना है कि मेरिट में आने के बाद बीएसए कार्यालय से नियुक्ति पत्र जारी किया गया। नियुक्ति पत्र पाने के बाद उसने 21 जनवरी को प्राथमिक विद्यालय तिउरान, गौरा प्रतापगढ़ में ज्वाइन कर लिया। पूरे 10 दिन नौकरी करने के बाद बीएसए कार्यालय से उनको 31 जनवरी को एक पत्र मिला, जिसमें कहा गया है कि उनकी मेरिट से अधिक वाला अभ्यर्थी आ गया है। मेरिट तैयार करने में गलती के कारण उन्हें नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया था। इस अभ्यर्थी का कहना है कि प्रतापगढ़ में नौकरी मिल जाने के कारण वह जौनपुर, भदोही, सुल्तानपुर जिले में अपना दावा नहीं कर सका। इस कारण से उसका नौकरी पाने का अवसर खत्म हो गया है। इस प्रकार से तीन अन्य अभ्यर्थियों की नौकरी बीएसए एवं डायट प्रतापगढ़ कार्यालय की गलती करने के कारण चली गई है।
बीएसए ने कहा कि डायट कार्यालय की गड़बड़ी के कारण इन चार अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी हो गया था। इन अभ्यर्थियों की ओर से अपनी मेरिट का दाव किए जाने के बाद जांच के बाद डायट प्राचार्य ने मेरिट में संशोधन करके नई सूची भेजी। इसके आधार पर संशोधित नियुक्ति पत्र भेजा गया है।’’
विज्ञापन
विज्ञापन
नौकरी से बाहर होने वाले राजेश कुमार मौर्य का कहना है कि मेरिट में आने के बाद बीएसए कार्यालय से नियुक्ति पत्र जारी किया गया। नियुक्ति पत्र पाने के बाद उसने 21 जनवरी को प्राथमिक विद्यालय तिउरान, गौरा प्रतापगढ़ में ज्वाइन कर लिया। पूरे 10 दिन नौकरी करने के बाद बीएसए कार्यालय से उनको 31 जनवरी को एक पत्र मिला, जिसमें कहा गया है कि उनकी मेरिट से अधिक वाला अभ्यर्थी आ गया है। मेरिट तैयार करने में गलती के कारण उन्हें नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया था। इस अभ्यर्थी का कहना है कि प्रतापगढ़ में नौकरी मिल जाने के कारण वह जौनपुर, भदोही, सुल्तानपुर जिले में अपना दावा नहीं कर सका। इस कारण से उसका नौकरी पाने का अवसर खत्म हो गया है। इस प्रकार से तीन अन्य अभ्यर्थियों की नौकरी बीएसए एवं डायट प्रतापगढ़ कार्यालय की गलती करने के कारण चली गई है।
विज्ञापन
बीएसए ने कहा कि डायट कार्यालय की गड़बड़ी के कारण इन चार अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी हो गया था। इन अभ्यर्थियों की ओर से अपनी मेरिट का दाव किए जाने के बाद जांच के बाद डायट प्राचार्य ने मेरिट में संशोधन करके नई सूची भेजी। इसके आधार पर संशोधित नियुक्ति पत्र भेजा गया है।’’
विज्ञापन