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बिना आवंटन सरकारी जमीन पर नहीं बना सकते मंदिर-मस्जिद
इलाहाबाद
Updated Sat, 27 May 2017 01:56 AM IST
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हाईकोर्ट ने कहा है कि बिना आवंटन कराए सरकारी भूमि मंदिर-मस्जिद या कोई धर्म स्थल का निर्माण नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर के गांव देवली में ग्राम सभा की चौपाल पर बनाई जा रही मस्जिद के बाबत जिलाधिकारी हापुड़ से जवाब मांगा है। कोर्ट ने 29 मई को बताने के लिए कहा है कि मौके पर वस्तुस्थिति क्या है।
वीरेंद्र कुमार भाटी की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने यह आदेश दिया। याची का कहना है कि गांव के सात प्लाटों में एक पर हिंदू आबादी है। प्लाट संख्या 520 में 10 फीट ऊंची दीवार के साथ 16 पिलर खड़े कर लिए गए हैं। यह भूमि गांव की चौपाल थी, जिस पर गांव के उम्मेद अली कई दशकों से रह रहे थे। पहले वहां नवाज पढ़ी जाती थी अब वह मस्जिद का निर्माण उसी चौपाल पर कर रहे हैं। इससे गांव में तनाव व्याप्त है। याची ने उम्मेद अली, यासीन, सैफुद्दीन, यूनुस , फैय्याजुद्दीन और जहांगीर को पक्षकार बनाते हुए शांति भंग की आशंका जताई गई है। कोर्ट ने डीएम को 29 मई को वस्तुस्थिति से अवगत कराने के लिए कहा है।
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वीरेंद्र कुमार भाटी की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने यह आदेश दिया। याची का कहना है कि गांव के सात प्लाटों में एक पर हिंदू आबादी है। प्लाट संख्या 520 में 10 फीट ऊंची दीवार के साथ 16 पिलर खड़े कर लिए गए हैं। यह भूमि गांव की चौपाल थी, जिस पर गांव के उम्मेद अली कई दशकों से रह रहे थे। पहले वहां नवाज पढ़ी जाती थी अब वह मस्जिद का निर्माण उसी चौपाल पर कर रहे हैं। इससे गांव में तनाव व्याप्त है। याची ने उम्मेद अली, यासीन, सैफुद्दीन, यूनुस , फैय्याजुद्दीन और जहांगीर को पक्षकार बनाते हुए शांति भंग की आशंका जताई गई है। कोर्ट ने डीएम को 29 मई को वस्तुस्थिति से अवगत कराने के लिए कहा है।
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